Nike Stock Crash: 13 साल के निचले स्तर पर पहुंचे शेयर, मार्केट वैल्यू में 230 अरब डॉलर की कमी

Nike Stock Crash: कमजोर तिमाही नतीजों और FY2027 में बिक्री घटने के अनुमान के बाद शेयर 13 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। ऑल टाइम हाई से मार्केट वैल्यू में करीब

दुनिया के बड़े स्पोर्ट्सवियर ब्रांड नाइकी के शेयरों में गुरुवार को 6 फीसदी की गिरावट आई और यह 13 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। उम्मीद से कम कमाई के कारण कंपनी के शेयरों पर दबाव बढ़ा।

बिजनेस न्यूज़: दुनिया की दिग्गज स्पोर्ट्सवियर कंपनियों में शामिल Nike इस समय कारोबार और शेयर बाजार, दोनों मोर्चों पर दबाव का सामना कर रही है। कंपनी के शेयरों में गुरुवार को तेज गिरावट आई और स्टॉक करीब 13 साल के निचले स्तर तक पहुंच गया। कमजोर तिमाही प्रदर्शन और आने वाले समय में बिक्री को लेकर कंपनी के निराशाजनक अनुमान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा गिरावट के बाद नाइकी के शेयर अपने 2021 के रिकॉर्ड स्तर से करीब 82 फीसदी नीचे आ चुके हैं और कंपनी के बाजार पूंजीकरण से लगभग 230 अरब डॉलर कम हो चुके हैं।

नाइकी कभी खेलों की दुनिया के सबसे प्रभावशाली ब्रांडों में गिनी जाती थी। माइकल जॉर्डन, टाइगर वुड्स, सेरेना विलियम्स और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ कंपनी की साझेदारी ने उसके ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाई। लेकिन अब बदलती उपभोक्ता पसंद, चीन में कमजोर मांग, नए प्रतिस्पर्धियों का उभार और कंपनी की रणनीतिक गलतियों को उसके मौजूदा संकट की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।

कमजोर नतीजों से बढ़ी निवेशकों की चिंता

नाइकी की हालिया तिमाही आय बाजार की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर सकी। कंपनी ने करीब 11.2 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम रहा। मुनाफे में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे भी ज्यादा चिंता कंपनी के भविष्य के अनुमान ने बढ़ाई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 में राजस्व में हाई-सिंगल-डिजिट प्रतिशत की गिरावट का अनुमान जताया है। 

इसके साथ ही नाइकी ने लागत घटाने और कारोबार को अधिक कुशल बनाने के लिए बड़े पुनर्गठन कार्यक्रम की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य इस योजना के जरिए पांच वर्षों में करीब 2.5 अरब डॉलर की बचत करना है।

S&P 100 से भी बाहर हुआ Nike

नाइकी की कमजोर होती बाजार स्थिति का असर उसके प्रमुख शेयर इंडेक्स में शामिल होने पर भी पड़ा है। सितंबर में कंपनी को S&P 100 इंडेक्स से बाहर कर दिया गया। नाइकी करीब 18 वर्षों तक इस ब्लू-चिप इंडेक्स का हिस्सा रही थी। हालांकि कंपनी अभी भी व्यापक S&P 500 इंडेक्स में शामिल है। शेयर बाजार में नाइकी का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में लगातार कमजोर रहा है। नवंबर 2021 में कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 264 अरब डॉलर के शिखर पर पहुंचा था। इसके बाद से कंपनी की वैल्यू में भारी गिरावट आई है।

चीन बना बड़ी चुनौती

नाइकी के लिए चीन लंबे समय से महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजार रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में वहां बिक्री पर दबाव बढ़ा है। स्थानीय कंपनियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की बदलती पसंद ने नाइकी के कारोबार को प्रभावित किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, चीन में नाइकी की बिक्री में लगातार कई तिमाहियों से गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय ब्रांडों के अलावा On और Hoka जैसे स्पोर्ट्स फुटवियर ब्रांडों ने भी बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत की है।

नाइकी अब चीन में अपनी रणनीति बदल रही है। कंपनी स्थानीय उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा प्रासंगिक उत्पाद विकसित करने और अपने ऑनलाइन वितरण मॉडल में बदलाव करने की दिशा में काम कर रही है। 2027 से चीन में उसके कई रिटेल पार्टनर्स की ऑनलाइन बिक्री भूमिका सीमित करने की योजना भी इसी रणनीतिक बदलाव का हिस्सा है।

क्या रणनीतिक फैसले पड़े भारी?

स्पोर्ट्स रिटेल उद्योग के विशेषज्ञ मैट पॉवेल ने नाइकी की मौजूदा स्थिति के पीछे कई रणनीतिक फैसलों को जिम्मेदार बताया है। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें पारंपरिक रिटेलर्स से दूरी बनाकर डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर मॉडल पर अधिक जोर देना, लिमिटेड एडिशन उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाना और डिजिटल गतिविधियों पर अधिक ध्यान देना शामिल है। उनके मुताबिक इससे नाइकी के उत्पादों की विशिष्टता और रिटेल नेटवर्क पर असर पड़ा।

इस दौरान On और Hoka जैसे तेजी से बढ़ते ब्रांडों ने रनिंग और लाइफस्टाइल फुटवियर में अपनी जगह बनाई। नए खिलाड़ियों की तेज प्रोडक्ट लॉन्चिंग और बदलते ट्रेंड्स के साथ तालमेल ने नाइकी पर प्रतिस्पर्धात्मक दबाव बढ़ाया है।

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