केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए MSP बढ़ाया है। उन्नाव में गेहूं, सरसों और मसूर की खेती करने वाले किसानों को नई दरों का लाभ मिलेगा, जिनके समर्थन मूल्य में ₹25, ₹413 और ₹390 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है।
उन्नाव: जिले के किसानों के लिए रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी अहम बदलाव है। केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए गेहूं का MSP ₹25, सरसों का ₹413 और मसूर का ₹390 प्रति क्विंटल बढ़ाया है। उन्नाव में करीब 2.25 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 38 हजार हेक्टेयर में सरसों और 1,106 हेक्टेयर में मसूर की खेती होती है।
रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले का असर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के किसानों पर भी पड़ेगा। जिले में बड़ी संख्या में किसान गेहूं, सरसों और मसूर की खेती करते हैं। इन तीनों फसलों के MSP में इस बार बढ़ोतरी की गई है।

सरकार के अनुसार, गेहूं के MSP में ₹25 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। वहीं, रेपसीड एवं सरसों के समर्थन मूल्य में ₹413 प्रति क्विंटल और मसूर के MSP में ₹390 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। नई दरों के अनुसार गेहूं का MSP ₹2,610, सरसों का ₹6,613 और मसूर का ₹7,390 प्रति क्विंटल तय किया गया है।
उन्नाव में गेहूं की खेती सबसे बड़े क्षेत्र में
उन्नाव जिले में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले में करीब 2.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की खेती की जाती है। इसके मुकाबले सरसों की खेती लगभग 38 हजार हेक्टेयर और मसूर की खेती करीब 1,106 हेक्टेयर क्षेत्र में होती है।
गेहूं का खेती क्षेत्र काफी बड़ा होने के कारण MSP में ₹25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी जिले के बड़ी संख्या में किसानों से जुड़ी है। हालांकि प्रति क्विंटल वृद्धि सीमित है, लेकिन जिन किसानों की कुल उपज अधिक है, उनके लिए निर्धारित समर्थन मूल्य में यह बढ़ोतरी कुल बिक्री मूल्य पर असर डाल सकती है।
वहीं, सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए ₹413 प्रति क्विंटल की वृद्धि अपेक्षाकृत बड़ी है। सरसों रबी सीजन की प्रमुख तिलहन फसलों में शामिल है और इसका इस्तेमाल खाद्य तेल के उत्पादन में किया जाता है। MSP में बढ़ोतरी से किसानों को अपनी उपज के लिए निर्धारित समर्थन मूल्य के स्तर पर बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
मसूर उत्पादकों को भी मिलेगा बढ़े MSP का लाभ
मसूर की खेती उन्नाव में गेहूं और सरसों की तुलना में कम क्षेत्र में होती है। इसके बावजूद दलहन उत्पादकों के लिए MSP में ₹390 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। नई दर के तहत मसूर का समर्थन मूल्य ₹7,390 प्रति क्विंटल हो गया है।
MSP में बढ़ोतरी का एक उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना और विभिन्न फसलों की खेती को प्रोत्साहित करना भी है। केंद्र सरकार ने इस बार सभी छह अनिवार्य रबी फसलों के MSP में वृद्धि की है। इनमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड एवं सरसों और कुसुम शामिल हैं।
उन्नाव के किसानों के लिए गेहूं, सरसों और मसूर की नई MSP दरें आगामी रबी सीजन में महत्वपूर्ण रहेंगी। हालांकि किसानों को वास्तविक आय केवल MSP पर निर्भर नहीं करती। सरकारी खरीद की उपलब्धता, मंडी में बिक्री, उपज की मात्रा और स्थानीय बाजार की स्थिति भी अंतिम आमदनी को प्रभावित करती है।
इस बढ़ोतरी के बाद किसानों की नजर अब रबी फसलों की खरीद व्यवस्था और सरकारी खरीद केंद्रों पर रहेगी। यदि पात्र किसानों को निर्धारित MSP पर खरीद की सुविधा मिलती है, तो गेहूं, सरसों और मसूर उत्पादकों को नई दरों का सीधा लाभ मिल सकता है।












