भारत के लोकप्रिय बिजनेस रियलिटी शो Shark Tank India की जज और जानी-मानी उद्यमी Namita Thapar हाल ही में सोशल मीडिया विवाद के केंद्र में आ गई हैं। नमाज़ के स्वास्थ्य लाभों पर एक वीडियो साझा करने के बाद उन्हें भारी ट्रोलिंग और आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने एक भावुक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी।
एंटरटेनमेंट: Namita Thapar, जो Shark Tank India की जानी-मानी जज हैं, इन दिनों अपने एक बयान को लेकर विवादों में हैं। नमाज के फायदे पर टिप्पणी करने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। इस विवाद के बाद नमिता थापर ने एक वीडियो साझा करते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी। वीडियो में वह भावुक नजर आईं और उन्होंने ऑनलाइन आलोचनाओं व दुर्व्यवहार पर खुलकर बात की।
Emcure Pharmaceuticals की कार्यकारी निदेशक नमिता ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक बहस को जन्म देना नहीं था, बल्कि एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल के तौर पर केवल वैज्ञानिक पहलुओं को साझा करना था।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब नमिता थापर ने एक वीडियो में नमाज़ के दौरान किए जाने वाले शारीरिक आसनों के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताया। उन्होंने इसे एक प्रकार का हल्का व्यायाम बताते हुए कहा कि यह शरीर की लचक बढ़ाने, जोड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर करने और मानसिक शांति देने में मददगार हो सकता है।
हालांकि, सोशल मीडिया के एक वर्ग ने उनके इस बयान को धार्मिक नजरिए से देखा और इसकी आलोचना शुरू कर दी। देखते ही देखते यह मुद्दा वायरल हो गया और नमिता को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
ट्रोलिंग पर नमिता का जवाब
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लगातार हो रही आलोचना के बाद नमिता थापर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में वह भावुक नजर आईं और उन्होंने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से उन्हें और उनके परिवार को अभद्र भाषा और गालियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल के रूप में उनका उद्देश्य केवल वैज्ञानिक तथ्यों को साझा करना था, न कि किसी धर्म विशेष का समर्थन या प्रचार करना।
नमिता ने अपने वीडियो में समाज के दोहरे मानदंडों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब वह योग, सूर्य नमस्कार या अन्य पारंपरिक भारतीय प्रथाओं के स्वास्थ्य लाभों पर बात करती हैं, तब कोई आपत्ति नहीं होती। लेकिन नमाज़ के फायदों का जिक्र करते ही विवाद खड़ा हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सभी परंपराओं में सकारात्मक पहलू हो सकते हैं, और एक विशेषज्ञ के रूप में वह इन्हीं पहलुओं को सामने लाती हैं।
महिला सुरक्षा और सम्मान पर चिंता
अपने बयान में नमिता थापर ने महिला सुरक्षा और ऑनलाइन उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एक महिला के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने समाज से सवाल किया कि जब महिलाओं के सम्मान की बात आती है, तो लोग चुप क्यों हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को खुद अपने लिए आवाज उठानी होगी क्योंकि हर बार कोई और उनके समर्थन में खड़ा नहीं होता।
ट्रोलिंग के बीच नमिता ने खुद को एक “गर्वित हिंदू” बताया और कहा कि उनके बयान का किसी भी धर्म से विरोध या तुलना करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने ‘कर्म’ के सिद्धांत का जिक्र करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल मिलता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उनके स्पष्टीकरण वाले वीडियो को भी उतना ही साझा करें, जितना विवादित वीडियो को किया गया था, ताकि सच्चाई अधिक लोगों तक पहुंच सके।









