नोएडा में बिजली के लिए 15वें दिन भी प्रदर्शन, 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी; लिखित आश्वासन पर अड़े प्रदर्शनकारी

नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली की मांग को लेकर 15वें दिन भी धरना जारी रहा। अनशन पर बैठी 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, प्रदर्शनकारी लिखित आश्वासन पर अड़े हैं।
नोएडा में बिजली के लिए 15वें दिन भी प्रदर्शन, 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी; लिखित आश्वासन पर अड़े प्रदर्शनकारी
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नोएडा के डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में बिजली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार 15वें दिन भी जारी रहा। सेक्टर-123 स्थित पर्थला पुल के पास भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में चल रहे धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से बिजली कनेक्शन और नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की जा रही है। इस दौरान अनशन पर बैठी पांच महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना और आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

डूब क्षेत्र की करीब 42 कॉलोनियों में बिजली की समस्या को लेकर यह आंदोलन कई दिनों से चल रहा है। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी लगातार प्रशासन और विद्युत निगम से समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कुछ जगहों पर कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू हुई है, लेकिन सभी प्रभावित कॉलोनियों में समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

आंदोलन के दौरान कई लोगों ने अनशन भी शुरू किया है। पहले धरने में महिलाओं और पुरुषों की संख्या लगातार बढ़ती गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक 17 सितंबर को 23 महिलाओं और आठ पुरुषों समेत 31 लोग अनशन पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा था कि केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि बिजली की समस्या के समाधान को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग लिखित रूप में आश्वासन दें।

20 सितंबर को धरना 14वें दिन भी जारी रहा और पांच महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे धरना स्थल पर चिंता का माहौल बन गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया। परिषद की ओर से कहा गया कि बिजली की समस्या का समाधान होने तक धरना जारी रहेगा।

प्रदर्शनकारियों और विद्युत निगम के अधिकारियों के बीच बिजली आपूर्ति को लेकर बातचीत भी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता व अन्य अधिकारियों के साथ बिजली बहाली के मुद्दे पर वार्ता हुई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों के मुताबिक इससे कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें अब ऐसा लिखित आश्वासन चाहिए, जिसमें समस्या के समाधान की स्पष्ट स्थिति सामने हो।

इस बीच डूब क्षेत्र में कुछ जगहों पर अस्थायी स्मार्ट प्रीपेड मीटर कनेक्शन दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक 13 सितंबर से सेक्टर-63 उपकेंद्र से डूब क्षेत्र के निवासियों को अस्थायी कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों को वैध तरीके से बिजली का उपयोग उपलब्ध कराना है। हालांकि स्थानीय निवासियों का कहना है कि मीटर लगने के बाद भी कई इलाकों में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ इलाकों में मीटर चालू होने के बावजूद दिनभर में करीब पांच से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। इस वजह से लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता तकनीकी वैभव मिश्रा ने कहा है कि जिन क्षेत्रों से बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतें मिल रही हैं, वहां व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। यानी एक तरफ कनेक्शन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी नियमित और पर्याप्त आपूर्ति की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डूब क्षेत्र की सभी कॉलोनियों को एक जैसी सुविधा मिलनी चाहिए। भारतीय किसान परिषद के मुताबिक छिजारसी और चोटपुर जैसी कुछ कॉलोनियों में बिजली का ढांचा पहले से मौजूद है, इसलिए वहां कनेक्शन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। दूसरी कई कॉलोनियों में बिजली के खंभे और तार लगाने के लिए अनुमति और बुनियादी ढांचे से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। इसी वजह से सभी इलाकों में कनेक्शन पहुंचने में समय लग रहा है।

बिजली की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने इससे पहले कैंडल मार्च और पैदल मार्च भी निकाला था। उनका कहना है कि लगातार अपनी मांग उठाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होंने अनशन शुरू किया। अब आंदोलन के 15वें दिन भी प्रदर्शन जारी रहने से साफ है कि दोनों पक्षों के बीच समाधान को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है।

इस आंदोलन के कारण आसपास के इलाके में यातायात पर भी असर पड़ा है। इससे पहले प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए थे, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लंबा जाम लग गया था। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रशासन और पुलिस की कोशिश रही कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और यातायात को भी सामान्य किया जा सके।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग बिजली के साथ मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी हुई है। डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि लंबे समय से यहां बिजली और पानी जैसी सुविधाओं को लेकर परेशानी बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक केवल कुछ कॉलोनियों में कनेक्शन देने से पूरी समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि क्षेत्र की सभी प्रभावित कॉलोनियों में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए।

धरना स्थल पर महिलाओं की तबीयत खराब होने के बाद स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। अनशन कर रही पांच महिलाओं को अस्पताल ले जाने की स्थिति सामने आई है। इसके बावजूद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों ने इसे समाप्त करने की घोषणा नहीं की है। उनका कहना है कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन के अगले कदम पर विचार किया जाएगा।

प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन और आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी तथा अनुमति संबंधी समस्याओं का समाधान करना है, वहीं दूसरी तरफ लंबे समय से चल रहे धरने और अनशन के बीच कानून-व्यवस्था तथा प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना है। अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बावजूद अभी तक ऐसा लिखित समझौता सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर आंदोलन खत्म हो सके।

इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया और नियमित आपूर्ति दो अलग-अलग विषय हैं। कुछ इलाकों में अस्थायी स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की शिकायत है कि मीटर लगने के बावजूद पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। विद्युत निगम ने शिकायत वाले क्षेत्रों में आपूर्ति सुधारने की बात कही है। आने वाले दिनों में इसी आधार पर यह देखा जाएगा कि बिजली आपूर्ति कितनी नियमित हो पाती है।

फिलहाल नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। 15वें दिन तक पहुंच चुके इस प्रदर्शन में महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। प्रदर्शनकारी लिखित आश्वासन की मांग पर कायम हैं और उनका कहना है कि जब तक स्पष्ट लिखित भरोसा नहीं मिलता, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। दूसरी ओर बिजली विभाग की ओर से कुछ इलाकों में कनेक्शन देने और आपूर्ति संबंधी शिकायतों को दूर करने की प्रक्रिया चलने की जानकारी दी गई है। ऐसे में अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच अगली वार्ता में क्या समाधान निकलता है।

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