नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने प्रशासनिक आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए चार निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। बुधवार को जारी आदेश के बाद थाना बिसरख, थाना सेक्टर-24, थाना ईकोटेक तृतीय और पुलिस मीडिया सेल की जिम्मेदारियां बदल गई हैं। इस फेरबदल में निरीक्षक रणजीत कुमार सिंह को ईकोटेक तृतीय से हटाकर बिसरख थाने का नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है, जबकि पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक मुनेन्द्र सिंह को ईकोटेक तृतीय थाने का कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आदेश के मुताबिक निरीक्षक उमेश चंद्र नैथानी, जो अभी तक मीडिया सेल के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे, अब थाना सेक्टर-24 के प्रभारी निरीक्षक होंगे। वहीं सेक्टर-24 थाने के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार तोमर का स्थानांतरण कर उन्हें मीडिया सेल का प्रभारी बनाया गया है। इस तरह चारों अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का बदलाव करते हुए कमिश्नरेट की अलग-अलग महत्वपूर्ण इकाइयों और थानों में नई तैनाती की गई है।
सबसे अहम बदलाव बिसरख और ईकोटेक तृतीय थाने में हुआ है। ईकोटेक तृतीय के प्रभारी निरीक्षक रहे रणजीत कुमार सिंह को अब बिसरख थाने की कमान सौंपी गई है। बिसरख थाना क्षेत्र ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों के कारण पुलिसिंग की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में हाईराइज सोसाइटी, गांव और तेजी से बढ़ती आबादी है। ऐसे में थाना प्रभारी के स्तर पर होने वाला बदलाव कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, शिकायतों के निस्तारण और स्थानीय पुलिसिंग पर सीधा असर डाल सकता है।
बिसरख थाने में स्थायी प्रभारी की तैनाती को लेकर पिछले कुछ समय से स्थिति चर्चा में थी। इससे पहले 13 अगस्त को तत्कालीन थाना प्रभारी मुनेन्द्र सिंह को पद से हटाए जाने के बाद थाना कार्यवाहक व्यवस्था के तहत चल रहा था। 31 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक उस समय तक बिसरख थाने में नियमित प्रभारी निरीक्षक की तैनाती नहीं हुई थी और कार्यवाहक इंस्पेक्टर के सहारे कामकाज संचालित किया जा रहा था। अब रणजीत कुमार सिंह को नियमित प्रभारी निरीक्षक की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद इस स्थिति में बदलाव हुआ है।
दूसरी ओर, निरीक्षक मुनेन्द्र सिंह को पुलिस लाइन से निकालकर फील्ड में जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें थाना ईकोटेक तृतीय का कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। यानी अब वह ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था की कमान संभालेंगे। इससे पहले वह पुलिस लाइन में तैनात थे। ईकोटेक तृतीय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्हें क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराध की रोकथाम और पुलिसिंग से जुड़े रोजमर्रा के कामकाज को संभालना होगा।
थाना सेक्टर-24 में भी नए प्रभारी की तैनाती की गई है। मीडिया सेल में तैनात निरीक्षक उमेश चंद्र नैथानी को सेक्टर-24 थाने का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। इसके साथ ही अब वह थाने के स्तर पर कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। सेक्टर-24 नोएडा के महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों में शामिल है और यहां आवासीय इलाकों के साथ व्यावसायिक गतिविधियां भी हैं। ऐसे में नई तैनाती के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
वहीं निरीक्षक सुबोध कुमार तोमर को सेक्टर-24 थाना प्रभारी पद से हटाकर मीडिया सेल की जिम्मेदारी दी गई है। अब वह पुलिस कमिश्नरेट की मीडिया गतिविधियों, आधिकारिक सूचनाओं और पुलिस विभाग की ओर से जारी किए जाने वाले बयानों के समन्वय का काम देखेंगे। पुलिस कमिश्नरेट में मीडिया सेल की भूमिका पुलिस कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी को आम लोगों तथा मीडिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण होती है।
चार निरीक्षकों के तबादले से नोएडा पुलिस कमिश्नरेट में जिम्मेदारियों का पूरा समीकरण बदल गया है। एक तरफ बिसरख जैसे बड़े और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र को नया प्रभारी मिला है, तो दूसरी तरफ ईकोटेक तृतीय में कार्यवाहक प्रभारी के तौर पर मुनेन्द्र सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा सेक्टर-24 थाने और मीडिया सेल में भी नई तैनाती की गई है।
पुलिस विभाग की ओर से इस फेरबदल का आधार प्रशासनिक आवश्यकता और जनहित बताया गया है। ऐसे प्रशासनिक बदलावों का उद्देश्य आम तौर पर पुलिसिंग को बेहतर बनाना, अधिकारियों के अनुभव के अनुसार जिम्मेदारियां तय करना और अलग-अलग क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की व्यवस्था को मजबूत करना होता है। हालांकि, जारी आदेश में किसी अधिकारी के तबादले के पीछे किसी विशेष घटना या कार्रवाई को कारण नहीं बताया गया है। इसलिए इसे प्रशासनिक फेरबदल के रूप में ही देखा जा रहा है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगातार आबादी बढ़ने, नई हाउसिंग सोसाइटी विकसित होने और औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के कारण पुलिस पर लगातार अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। खासकर बिसरख और ईकोटेक-3 जैसे क्षेत्रों में पुलिस के सामने बढ़ती आबादी के साथ-साथ यातायात, साइबर अपराध, चोरी, विवाद और अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में थाना स्तर पर अधिकारियों की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जाता है।
बिसरख थाना क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई बड़े आवासीय प्रोजेक्ट और सोसाइटी आती हैं। यहां पिछले वर्षों में आबादी में तेजी से वृद्धि हुई है। क्षेत्र के विस्तार के साथ पुलिस को बड़ी संख्या में निवासियों की शिकायतों, सुरक्षा संबंधी मामलों और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। ऐसे में रणजीत कुमार सिंह के सामने थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ लंबित मामलों की निगरानी और पुलिस टीम के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की चुनौती होगी।
इसी तरह ईकोटेक तृतीय की जिम्मेदारी संभालने वाले मुनेन्द्र सिंह को भी क्षेत्र की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पुलिसिंग को मजबूत करना होगा। उन्हें थाने में आने वाली शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, अपराध की रोकथाम और पुलिस टीम के साथ समन्वय पर ध्यान देना होगा। चूंकि उनकी तैनाती कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक के रूप में हुई है, इसलिए आगे चलकर इस थाने की स्थायी जिम्मेदारी को लेकर भी विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है।
इस फेरबदल के बाद नोएडा पुलिस कमिश्नरेट में चार अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां प्रभावी हो गई हैं। आदेश के अनुसार उमेश चंद्र नैथानी अब थाना सेक्टर-24 के प्रभारी निरीक्षक होंगे, रणजीत कुमार सिंह बिसरख थाने के प्रभारी निरीक्षक बनाए गए हैं, सुबोध कुमार तोमर मीडिया सेल की जिम्मेदारी संभालेंगे और मुनेन्द्र सिंह ईकोटेक तृतीय के कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक होंगे।
पुलिस कमिश्नरेट में इस तरह के बदलावों को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। आने वाले दिनों में नई तैनाती के बाद संबंधित थाना क्षेत्रों में पुलिसिंग की कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिल सकता है। खास तौर पर बिसरख में स्थायी थाना प्रभारी की तैनाती से लंबे समय से चल रही कार्यवाहक व्यवस्था खत्म हो गई है। अब नए प्रभारी के सामने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने और बढ़ती आबादी के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी









