नॉर्वे के नए राजा हाकॉन अष्टम ने संसद में ली संविधान की शपथ

नॉर्वे के नए राजा हाकॉन अष्टम ने संसद में संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली। पत्नी मेटे-मैरिट फेफड़ों के ट्रांसप्लांट के बाद जटिलताओं से उबर रही हैं।

नॉर्वे के नए राजा हाकॉन अष्टम ने संसद में संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेकर अपने शासन की औपचारिक शुरुआत की। उनकी पत्नी क्वीन मेटे-मैरिट स्वास्थ्य कारणों से समारोह में शामिल नहीं हुईं। राजा हाकॉन के पिता हाराल्ड पंचम का निधन 28 अगस्त को हुआ था।

ओस्लो: नॉर्वे के नए राजा हाकॉन अष्टम ने मंगलवार को संसद में संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली। यह समारोह उनके शासनकाल की पहली प्रमुख संवैधानिक औपचारिकता रही। 53 वर्षीय हाकॉन ने अपने पिता राजा हाराल्ड पंचम के निधन के बाद नॉर्वे के सिंहासन की जिम्मेदारी संभाली है। हाराल्ड का 28 अगस्त को 89 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था।

ओस्लो स्थित नॉर्वे की संसद में हुए समारोह के दौरान हाकॉन ने संविधान और देश के कानूनों के अनुरूप शासन करने की प्रतिज्ञा ली। नॉर्वे की संवैधानिक व्यवस्था में राजा की भूमिका मुख्य रूप से औपचारिक और प्रतीकात्मक है, जबकि शासन की वास्तविक राजनीतिक शक्ति निर्वाचित संस्थाओं के पास रहती है। संविधान का अनुच्छेद 9 नए सम्राट के लिए संसद के सामने शपथ लेना अनिवार्य करता है।

पिता के निधन के बाद संभाली राजगद्दी

राजा हाराल्ड पंचम के निधन के साथ ही तत्कालीन क्राउन प्रिंस हाकॉन स्वतः नॉर्वे के राजा बन गए थे। नॉर्वे के नियमों के अनुसार सम्राट की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार की अगली कड़ी में मौजूद व्यक्ति तुरंत सिंहासन संभाल लेता है। इसके बाद संसद के सामने संविधान की शपथ एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया होती है।

हाकॉन के शपथ ग्रहण समारोह में संसद के सदस्य, सरकार के मंत्री और शाही परिवार के सदस्य मौजूद रहे। उनकी 22 वर्षीय बेटी इंग्रिड एलेक्जेंड्रा भी समारोह में शामिल हुईं। वह अब क्राउन प्रिंसेस हैं और उन्होंने भी लिखित रूप में संवैधानिक शपथ लेने की प्रक्रिया पूरी की।

क्वीन मेटे-मैरिट समारोह से रहीं दूर

राजा हाकॉन की पत्नी क्वीन मेटे-मैरिट इस महत्वपूर्ण अवसर पर उनके साथ मौजूद नहीं थीं। वह जून में हुए फेफड़ों के ट्रांसप्लांट के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ट्रांसप्लांट के बाद उन्हें कुछ जटिलताओं का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें निगरानी में रखा गया।

ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के पल्मोनरी विभाग के प्रमुख डॉ. एरे होल्म ने बताया कि ट्रांसप्लांट के बाद जटिलताएं असामान्य नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि क्वीन को ऑपरेशन के बाद कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा है और समारोह के दिन भी उन्हें चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत थी।

मेटे-मैरिट की अनुपस्थिति के बावजूद शाही परिवार के अन्य सदस्य समारोह में मौजूद रहे। उनकी गैरमौजूदगी का कारण किसी राजकीय प्रोटोकॉल के बजाय स्वास्थ्य संबंधी स्थिति थी।

राजा हाकॉन ने संविधान और कानूनों के पालन का संकल्प लिया

संसद में शपथ के दौरान हाकॉन ने नॉर्वे के संविधान और कानूनों के अनुसार देश का शासन चलाने का संकल्प लिया। यह शपथ नॉर्वे की संवैधानिक राजशाही में राजा की सीमित और संविधान से नियंत्रित भूमिका को रेखांकित करती है।

नॉर्वे में सम्राट राज्य का औपचारिक प्रमुख होता है। हालांकि राजनीतिक निर्णय निर्वाचित सरकार और संसद की व्यवस्था के तहत लिए जाते हैं। इसलिए शपथ ग्रहण समारोह को सत्ता के हस्तांतरण से ज्यादा संवैधानिक निरंतरता और राजशाही की संस्थागत भूमिका के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

नॉर्वे के नए राजा हाकॉन अष्टम ने संसद में ली संविधान की शपथ

राजा हाराल्ड को दी गई श्रद्धांजलि

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राजा हाकॉन और सांसदों ने दिवंगत राजा हाराल्ड पंचम की स्मृति में एक मिनट का मौन भी रखा। हाराल्ड ने करीब 35 वर्षों तक नॉर्वे के राजा के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया।

हाराल्ड को व्यापक रूप से एक ऐसे सम्राट के रूप में याद किया जा रहा है, जिन्होंने नॉर्वे की लोकतांत्रिक और खुले समाज की पहचान को मजबूत करने में भूमिका निभाई। संसद के अध्यक्ष मसूद घराखानी ने भी उनके कार्यकाल और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

9 सितंबर को होगा हाराल्ड का अंतिम संस्कार

राजा हाराल्ड पंचम का अंतिम संस्कार 9 सितंबर को ओस्लो कैथेड्रल में किया जाएगा। इसके बाद उन्हें ओस्लो स्थित अकर्सहुस किले के शाही मकबरे में दफनाया जाएगा। अंतिम संस्कार से पहले आम लोगों को शाही परिवार के दिवंगत मुखिया को श्रद्धांजलि देने का अवसर दिया जा रहा है।

हाराल्ड का पार्थिव शरीर फिलहाल पैलेस चैपल में रखा गया है, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर रहे हैं। उनके निधन के बाद नॉर्वे में सार्वजनिक शोक और श्रद्धांजलि का सिलसिला जारी है।

हाराल्ड के निधन के बाद राजशाही को बढ़ा समर्थन

राजा हाराल्ड के निधन के बाद नॉर्वे में राजशाही के प्रति जनसमर्थन में बढ़ोतरी की बात सामने आई है। सार्वजनिक प्रसारक एनआरके के लिए किए गए एक सर्वेक्षण में 72 प्रतिशत लोगों ने राजशाही का समर्थन किया। यह आंकड़ा मई में हुए पिछले सर्वेक्षण की तुलना में आठ प्रतिशत अंक अधिक था।

यह बदलाव ऐसे समय आया है जब नॉर्वे के शाही परिवार को हाल के वर्षों में कई विवादों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद हाराल्ड की मृत्यु के बाद राजशाही के प्रति समर्थन में वृद्धि हुई है। इससे संकेत मिलता है कि नॉर्वे के लोगों के एक बड़े हिस्से के लिए राजशाही अब भी राष्ट्रीय पहचान और संस्थागत निरंतरता से जुड़ी हुई है।

मेटे-मैरिट और शाही परिवार से जुड़े विवाद

शाही परिवार के सामने चुनौतियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। क्वीन मेटे-मैरिट के अतीत में अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े संपर्क को लेकर सवाल उठे हैं। इसके अलावा उनके बेटे मारियस बोर्ग होइबी से जुड़ा कानूनी मामला भी शाही परिवार के लिए विवाद का विषय रहा है।

हालांकि होइबी औपचारिक रूप से नॉर्वे के शाही परिवार के सदस्य नहीं हैं, लेकिन मेटे-मैरिट के बेटे होने के कारण उनके मामले का असर सार्वजनिक चर्चा में शाही परिवार पर भी पड़ा है। इसके बावजूद हालिया सर्वेक्षण में राजशाही के प्रति कुल समर्थन में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

नॉर्वे में नहीं होती पारंपरिक ताजपोशी

राजा हाकॉन और क्वीन मेटे-मैरिट की औपचारिक ताजपोशी नहीं होगी, क्योंकि नॉर्वे ने 1908 में राज्याभिषेक की परंपरा समाप्त कर दी थी। हालांकि पूर्व सम्राटों की तरह हाकॉन भविष्य में ट्रॉनहाइम के निडारोस कैथेड्रल में धार्मिक अभिषेक समारोह का विकल्प चुन सकते हैं।

इस तरह संसद में संविधान की शपथ हाकॉन के नए शासन की सबसे महत्वपूर्ण शुरुआती संवैधानिक घटनाओं में शामिल हो गई है। उनके सामने अब पिता हाराल्ड की विरासत को आगे बढ़ाने और बदलते नॉर्वे में राजशाही की भूमिका को बनाए रखने की चुनौती होगी।

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