धनबाद जिले के चिरकुंडा नगर परिषद में एक बार फिर विवाद सामने आया है। जादू शो के आयोजन और उससे जुड़े किराये के मुद्दे को लेकर नगर परिषद परिसर में ऐसा हंगामा हुआ कि मामला पूर्व उपाध्यक्ष और वर्तमान उपाध्यक्ष के बीच धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। घटना के बाद नगर परिषद कार्यालय में काफी देर तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर परिषद के भीतर चल रहे मतभेद और आपसी खींचतान को एक बार फिर सामने ला दिया है।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत जादू शो के आयोजन से जुड़े किराये को लेकर हुई। इसी मुद्दे पर नगर परिषद कार्यालय में चर्चा के दौरान मामला गर्म हो गया। बातचीत के बीच पूर्व उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह और वर्तमान उपाध्यक्ष विजय कुमार यादव आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ने के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। घटना से नगर परिषद कार्यालय में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।
चिरकुंडा नगर परिषद में पिछले कुछ समय से अलग-अलग मुद्दों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। अगस्त में हुई बोर्ड बैठक भी हंगामे के कारण चर्चा में रही थी। उस दौरान अध्यक्ष सुनीता देवी और कई पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी पर मनमानी और खरीदारी से जुड़े मामलों में गंभीर आरोप लगाए थे। बैठक में हंगामा इतना बढ़ गया था कि अध्यक्ष ने बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी थी, जबकि बाद में उपाध्यक्ष विजय यादव और कार्यपालक पदाधिकारी की मौजूदगी में अन्य पार्षदों के साथ कार्यवाही जारी रहने को लेकर भी विवाद हुआ था।
ऐसे में जादू शो के किराये से जुड़ा ताजा विवाद नगर परिषद के अंदर चल रही राजनीतिक और प्रशासनिक खींचतान की एक और कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इस विवाद की शुरुआत जिस भुगतान या किराये के मुद्दे से हुई, उसके संबंध में अलग-अलग पक्षों के दावे हो सकते हैं। इसलिए पूरे मामले में नगर परिषद के दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
घटना के दौरान मौजूद लोगों के अनुसार, पहले जादू शो के आयोजन और उससे जुड़े भुगतान को लेकर बातचीत हो रही थी। चर्चा के दौरान दोनों पक्षों में मतभेद बढ़ा और देखते ही देखते मामला व्यक्तिगत बहस में बदल गया। आरोप है कि इसके बाद दोनों के बीच धक्का-मुक्की हुई। नगर परिषद जैसे सार्वजनिक संस्थान के कार्यालय में जनप्रतिनिधियों के बीच इस तरह का विवाद सामने आने से वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच भी असहज स्थिति पैदा हो गई।
चिरकुंडा नगर परिषद में वर्तमान उपाध्यक्ष विजय कुमार यादव हैं। उन्हें मार्च 2026 में उपाध्यक्ष पद पर चुना गया था। नगर निकाय चुनाव के बाद परिषद में नई व्यवस्था बनी है और इसके बाद से बोर्ड की बैठकों में कई मुद्दों को लेकर मतभेद देखने को मिले हैं।
नगर परिषद की राजनीति में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षदों और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच बेहतर समन्वय को नगर निकाय के कामकाज के लिए जरूरी माना जाता है। ऐसे में जब किसी आयोजन के किराये जैसे मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों के बीच ही विवाद बढ़कर धक्का-मुक्की तक पहुंच जाए तो इससे परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं। खासकर तब, जब परिषद पहले ही बोर्ड बैठक के दौरान हुए विवादों के कारण चर्चा में रह चुकी हो।
इस पूरे मामले में जादू शो के आयोजन से जुड़े भुगतान और किराये की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। नगर परिषद की ओर से किसी सार्वजनिक स्थान या परिसर का उपयोग यदि किसी कार्यक्रम के लिए कराया गया है तो उससे संबंधित अनुमति, शुल्क, भुगतान और रसीद जैसे दस्तावेज मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। इसी वजह से विवाद के बाद संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
चिरकुंडा नगर परिषद में हालिया बोर्ड बैठक के दौरान भी पार्षदों ने विभिन्न योजनाओं और खरीदारी को लेकर सवाल उठाए थे। उस समय अध्यक्ष और पार्षदों की ओर से जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदारी में बाजार मूल्य से अधिक कीमत और कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। हालांकि कार्यपालक पदाधिकारी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था। इस विवाद के बाद परिषद की आंतरिक राजनीति और भी गरमाई हुई नजर आई।
ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नगर परिषद में जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेदों का समाधान किस तरह किया जा रहा है। यदि किसी वित्तीय या प्रशासनिक विषय को लेकर असहमति है तो उसे बोर्ड बैठक, आधिकारिक शिकायत या दस्तावेजी प्रक्रिया के जरिए उठाया जा सकता है। लेकिन मामला व्यक्तिगत विवाद में बदलने पर परिषद के कामकाज पर सीधा असर पड़ सकता है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी इसकी चर्चा तेज हो गई। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि नगर परिषद में विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बजाय बार-बार विवाद क्यों सामने आ रहे हैं। चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में सड़क, नाली, सफाई, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई काम नगर निकाय की जिम्मेदारी में आते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत रहती है।
फिलहाल जादू शो के किराये को लेकर शुरू हुए इस विवाद में धक्का-मुक्की की घटना ने मामला गंभीर बना दिया है। पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों का आधिकारिक पक्ष और नगर परिषद के रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और किराये को लेकर किस स्तर पर मतभेद पैदा हुआ। इस मामले में यदि शिकायत या पुलिस कार्रवाई होती है तो आगे की स्थिति भी उसी के आधार पर स्पष्ट होगी।
चिरकुंडा नगर परिषद में यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब निकाय में नई निर्वाचित व्यवस्था के बाद कामकाज को लेकर पहले से ही राजनीतिक मतभेद दिखाई दे रहे हैं। फरवरी 2026 में हुए नगर निकाय चुनाव में सुनीता देवी अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं और मार्च में विजय कुमार यादव उपाध्यक्ष बने।
अब जादू शो के किराये को लेकर पूर्व और वर्तमान उपाध्यक्ष के बीच हुए विवाद ने परिषद की राजनीति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर संबंधित पक्ष क्या सफाई देते हैं, नगर परिषद के रिकॉर्ड में इस आयोजन से जुड़ी क्या जानकारी सामने आती है और प्रशासन इस विवाद को लेकर क्या कदम उठाता है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।









