NSE IPO: ₹2,100 तक हो सकता है प्राइस बैंड, ₹5.26 लाख करोड़ वैल्यूएशन के साथ दुनिया के बड़े एक्सचेंजों में शामिल होने की तैयारी

NSE IPO को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शेयर का प्राइस बैंड ₹2,100 तक हो सकता है और ₹5.26 लाख करोड़ वैल्यूएशन के साथ NSE दुनिया के बड़े

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) अपने प्रस्तावित IPO के जरिए करीब 5.26 लाख करोड़ रुपये तक के वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सचेंज ने संभावित निवेशकों के साथ बैठकों के दौरान अपने शेयरों के लिए 2,000 से 2,100 रुपये प्रति शेयर का संकेतित भाव रखा है।

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NSE अपने प्रस्तावित पब्लिक इश्यू के लिए करीब ₹5.26 लाख करोड़ ($55 बिलियन) के वैल्यूएशन का लक्ष्य देख रहा है। संभावित शेयर मूल्य ₹2,000 से ₹2,100 प्रति शेयर के दायरे में हो सकता है। यदि IPO इसी वैल्यूएशन के आसपास आगे बढ़ता है, तो NSE वैश्विक स्टॉक एक्सचेंज ऑपरेटर्स की सूची में प्रमुख स्थान हासिल कर सकता है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर दुनिया के प्रमुख डेरिवेटिव्स मार्केट ऑपरेटर्स में शामिल है। इसके IPO का लंबे समय से निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को इंतजार है। संभावित वैल्यूएशन और प्राइस बैंड से जुड़ी ताजा जानकारी ने इस बहुप्रतीक्षित पब्लिक ऑफर को लेकर चर्चा और तेज कर दी है।

₹2,000 से ₹2,100 प्रति शेयर का संभावित मूल्य

रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSE ने संभावित निवेशकों के साथ बातचीत के दौरान शेयर की कीमत करीब ₹2,000 से ₹2,100 प्रति शेयर के दायरे में रखी है। हालांकि, इसे अंतिम प्राइस बैंड नहीं माना जा सकता और बाजार की परिस्थितियों, नियामकीय मंजूरी तथा निवेशकों की मांग के आधार पर इसमें बदलाव संभव है।

करीब ₹5.26 ट्रिलियन या ₹5.26 लाख करोड़ के संभावित वैल्यूएशन पर NSE भारत की सबसे मूल्यवान वित्तीय बाजार संस्थाओं में शामिल होगा। डॉलर में यह मूल्य लगभग $55 बिलियन के बराबर बैठता है।

ग्लोबल रोड शो में 120 बड़े निवेशकों से मुलाकात

NSE ने IPO से पहले वैश्विक निवेशकों की रुचि जानने के लिए कई प्रमुख वित्तीय केंद्रों में रोड शो और निवेशक बैठकें आयोजित की हैं। इनमें बोस्टन, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, लंदन, सिंगापुर और हांगकांग शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन बैठकों में लगभग 120 बड़े वैश्विक निवेशकों ने भाग लिया। इनमें BlackRock, Capital Group, GQG Partners, Janus Henderson और Allspring Global Investments जैसे बड़े निवेश संस्थानों के नाम शामिल बताए गए हैं। NSE का वैश्विक रोड शो बड़े पैमाने पर पूरा हो चुका है, जबकि मध्य पूर्व के निवेशकों के साथ कुछ बैठकें बाकी होने की बात कही जा रही है।

सितंबर में आ सकता है NSE का IPO?

IPO की टाइमलाइन को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है। NSE को शुरुआत में उम्मीद थी कि उसे अगस्त के शुरुआती दिनों तक अपने ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के लिए नियामकीय मंजूरी मिल सकती है। हालांकि, शेयर बेचने वाले शेयरधारकों की सूची में बदलाव के कारण प्रक्रिया में देरी होने की बात सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, SBI कैपिटल मार्केट्स के शामिल होने के बाद संबंधित दस्तावेजों में संशोधन किया गया। नियमों के तहत संशोधित जानकारी पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया और प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय की आवश्यकता होती है। ऐसे में अब NSE IPO के सितंबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में आने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि IPO की अंतिम तारीख, प्राइस बैंड, इश्यू साइज और वैल्यूएशन अभी आधिकारिक रूप से तय होने से पहले बदल सकते हैं।

क्या NSE लंदन स्टॉक एक्सचेंज से आगे निकल जाएगा?

करीब $55 बिलियन के वैल्यूएशन पर NSE वैश्विक एक्सचेंज ऑपरेटर्स की मार्केट वैल्यू रैंकिंग में शीर्ष कंपनियों के करीब पहुंच सकता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस स्तर पर NSE दुनिया के बड़े एक्सचेंज ऑपरेटर्स में लगभग छठे स्थान के आसपास पहुंच सकता है। तुलना के लिए, London Stock Exchange Group की वैल्यूएशन के आसपास NSE का प्रस्तावित मूल्य बेहद प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है, जबकि Nasdaq से आगे निकलने की संभावना भी वैल्यूएशन के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगी। CME Group और Intercontinental Exchange फिलहाल दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंज ऑपरेटर्स में बने हुए हैं।

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