नवरात्रि में केवल मंदिर नहीं, जानें कहां-कहां जलाना होता है शुभ दीप

नवरात्रि में प्रवेश द्वार, तुलसी, रसोई, अलमारी और आंगन में दिया जलाना शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और माता दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है।

नवरात्रि के दौरान सिर्फ मंदिर में अखंड ज्योत नहीं, बल्कि घर के प्रवेश द्वार, तुलसी, रसोई, अलमारी और आंगन में भी दिया जलाना शुभ माना जाता है। इससे न केवल माता रानी का आशीर्वाद बढ़ता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति बनी रहती है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये स्थान विशेष रूप से लाभकारी हैं।

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के दौरान घर में दिया जलाना अत्यंत शुभ होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रवेश द्वार, तुलसी, रसोई, अलमारी और आंगन में दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और माता दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह परंपरा पूरे घर में समृद्धि, शांति और सुख सुनिश्चित करती है। साथ ही, दीपक जलाते समय सावधानी रखना जरूरी है ताकि यह सुरक्षित और प्रभावी रहे।

प्रवेश द्वार पर दिया जलाएं

हिंदू परंपरा में घर के प्रवेश द्वार को शुभता का द्वार माना जाता है। नवरात्रि के दौरान सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार के दाईं ओर घी या तेल का दिया जलाना अत्यंत लाभकारी है। मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मकता दूर होती है और माता रानी का विशेष आशीर्वाद मिलता है।

इसके अलावा, प्रवेश द्वार पर दिया जलाने से आने-जाने वाले सभी सदस्य सकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित होते हैं। यह घर में समृद्धि और सुरक्षा दोनों को बढ़ाता है। कई वास्तु विशेषज्ञ भी प्रवेश द्वार पर दिया जलाने की सलाह देते हैं ताकि घर में शांति और समृद्धि बनी रहे।

तुलसी के पास दिया रखना शुभ

तुलसी माता को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। नवरात्रि में रोजाना तुलसी के पास एक घी का दिया जलाने से घर में वास्तु दोष कम होते हैं। ऐसा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

तुलसी के पास दिया जलाना स्वास्थ्य और समृद्धि दोनों के लिए लाभकारी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और माता दुर्गा की उपस्थिति का संकेत देता है।

रसोई में माता अन्नपूर्णा के लिए दिया

रसोई को घर में विशेष महत्व प्राप्त है, क्योंकि इसे माता अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में रात के समय रसोई में दिया जलाने से घर में अन्न-धन की कमी नहीं होती।

इस प्रथा से घर के सभी सदस्यों के लिए स्वास्थ्य और समृद्धि सुनिश्चित होती है। साथ ही, यह संकेत देता है कि परिवार में भोजन और संसाधनों की कोई कमी नहीं रहेगी।

अलमारी या तिजोरी में दिया

धन और कीमती वस्तुओं के स्थान पर दिया जलाने से माता लक्ष्मी और देवी दुर्गा दोनों की कृपा मिलती है। नवरात्रि में घर की अलमारी या तिजोरी में दिया रखना शुभ माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह घर में वित्तीय स्थिरता और समृद्धि को बढ़ाता है। इससे परिवार में आर्थिक तनाव कम होता है और निवेश, बचत या व्यापार में सकारात्मक परिणाम आते हैं।

आंगन में दिया जलाना जरूरी

घर के आंगन में नवरात्रि के नौ दिनों तक दिया जलाना शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, घर के बीचों-बीच दिया जलाने से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और वातावरण शांति और संतुलन से भर जाता है।

आंगन में दिया जलाने से घर के सभी सदस्य मानसिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित होते हैं। यह प्रथा न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि वास्तु और पारिवारिक सुख-शांति के लिए भी फायदेमंद है।

अन्य शुभ स्थान और टिप्स

नवरात्रि के दौरान घर में पूजा स्थल पर अखंड ज्योत के अलावा सीढ़ियों, बालकनी और बालकनी के बाहर भी दिया जलाना शुभ माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसे स्थानों पर दीपक जलाने से घर और आस-पास की जगह सकारात्मक ऊर्जा से भर जाती है।

साथ ही, नवरात्रि में दिया जलाते समय सावधानी बरतना भी जरूरी है। इसे जलते हुए छोड़ने से बचें और बच्चों या पालतू जानवरों के हाथों से दूर रखें। घी या तेल के दीये का उपयोग करना अधिक लाभकारी माना जाता है।

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