ओडिशा के भुवनेश्वर में GRP कॉन्स्टेबल की मॉब लिंचिंग मामले की जांच क्राइम ब्रांच ने शुरू कर दी है। बालीअंता इलाके में हुई इस घटना में अब तक 11 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और दो अलग केस दर्ज हैं।
भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालियंता में 7 मई को हुए भीड़ द्वारा की गई हत्या (Mob Lynching Case) ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। इस मामले में सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाईं की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद अब ओडिशा क्राइम ब्रांच ने इस गंभीर मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।
राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने बालियंता थाना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों की जांच औपचारिक रूप से शुरू कर दी है।
दो एफआईआर और गंभीर आरोपों की जांच
इस मामले में बालियंता थाना में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। पहली एफआईआर भीड़ द्वारा की गई हिंसा और कांस्टेबल की हत्या से संबंधित है, जबकि दूसरी शिकायत एक पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई है, जिसमें मृतक पर सार्वजनिक स्थान पर यौन उत्पीड़न के प्रयास का आरोप लगाया गया है।
क्राइम ब्रांच ने कहा है कि दोनों मामलों की गहराई से और निष्पक्ष जांच की जाएगी ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच के लिए डीएसपी रत्नप्रभा सतपथी को नियुक्त किया है। इसके साथ ही पूरी जांच की निगरानी अपराध शाखा के एसपी अनिरुद्ध राउत्रे द्वारा की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक की सभी जांच फाइलें, गवाहों के बयान, पीड़ित लड़कियों के बयान, मृतक के मित्र ओम प्रकाश राउत और स्थानीय ग्रामीणों के बयान को दोबारा विस्तृत रूप से जांचा जाएगा।

इसके अलावा, मौके पर सबसे पहले पहुंची पुलिस पेट्रोलिंग वाहन (PCR Van) की भूमिका की भी जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पुलिस ने समय पर और सही तरीके से कार्रवाई की या नहीं।
कैसे हुई घटना: विवाद से शुरू हुआ मामला
घटना 7 मई को उस समय हुई जब जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाईं अपने मित्र ओम प्रकाश राउत के साथ बाइक से भुवनेश्वर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रामचंद्रपुर ब्रिज के पास उनकी बाइक और दो युवतियों के स्कूटर के बीच हल्की टक्कर हो गई।
टक्कर के बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। इसी दौरान एक युवती ने कांस्टेबल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया और शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और स्थिति तेजी से बिगड़ गई।
भीड़ ने कांस्टेबल और उसके साथी पर हमला कर दिया। दोनों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने बाद में दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सौम्य रंजन स्वाईं को मृत घोषित कर दिया।
अब तक 11 गिरफ्तारियां, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर भीड़ द्वारा की गई हिंसा और हत्या में शामिल होने का आरोप है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी हुई है।
राज्य में कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद ओडिशा में कानून व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि सामाजिक तनाव और गलतफहमियों को भी उजागर करती हैं।
निष्पक्ष जांच पर सभी की नजर
क्राइम ब्रांच ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी। सभी सबूतों और गवाहों के बयानों की बारीकी से जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएंगे।
यह मामला अब राज्य में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है, और सभी की नजरें क्राइम ब्रांच की जांच के नतीजों पर टिकी हैं।










