ऑपरेशन सिंदूर पर 70 बार ट्रंप का दावा, ऑपरेशन सिंदूर पर मोदी की चुप्पी पर कांग्रेस का वार

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बार बार किए गए दावे पर भारतीय राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की है।

New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे ने भारत की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव रोकने का श्रेय खुद को दिया है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति को रोकने में मध्यस्थता की थी। इसी दावे को लेकर अब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है और उनकी चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं।

ट्रंप के दावे की बढ़ती गिनती

कांग्रेस का आरोप है कि डोनाल्ड ट्रंप अब तक करीब 70 बार यह दावा दोहरा चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कोई साधारण बयान नहीं, बल्कि भारत की सैन्य कार्रवाई और संप्रभु निर्णय प्रक्रिया पर सीधा सवाल खड़ा करता है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जयराम रमेश का सोशल मीडिया हमला

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को निशाने पर लिया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि सोमवार तक यह गिनती 68 थी, लेकिन मंगलवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप के नए बयान के बाद यह संख्या 70 तक पहुंच गई है।

जयराम रमेश ने लिखा कि प्रधानमंत्री के कथित अच्छे मित्र लगातार यह दावा कर रहे हैं कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर अचानक रोकने का फैसला उनकी वजह से लिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह दावा गलत है, तो प्रधानमंत्री अब तक चुप क्यों हैं।

ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ

ऑपरेशन सिंदूर भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ की गई एक अहम सैन्य कार्रवाई थी। यह कार्रवाई सीमा पार से बढ़ती गतिविधियों के बाद की गई थी। भारत सरकार का आधिकारिक रुख रहा है कि सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच संवाद के बाद लिया गया था। इसमें किसी तीसरे देश की भूमिका से इनकार किया गया था।

इसके बावजूद डोनाल्ड ट्रंप बार बार यह कहते रहे हैं कि उन्होंने व्यापार और कूटनीतिक दबाव के जरिए भारत और पाकिस्तान को युद्ध से पीछे हटने पर मजबूर किया।

व्हाइट हाउस से दिया गया बयान

मंगलवार को व्हाइट हाउस में दिए गए बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्ध रुकवाए हैं। उन्होंने भारत और पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्ष में कई विमान गिराए गए थे और स्थिति बेहद गंभीर थी। ट्रंप ने यहां तक कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा था कि उनकी वजह से करोड़ों लोगों की जान बची है।

भारत सरकार का आधिकारिक पक्ष

भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला पाकिस्तान के डीजीएमओ द्वारा संपर्क किए जाने के बाद लिया गया था। सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह द्विपक्षीय प्रक्रिया थी और इसमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की गई।

कांग्रेस का सीधा आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी देश के सैन्य स्वाभिमान को कमजोर कर रही है। पार्टी का कहना है कि जब एक विदेशी नेता खुले मंच से भारत की सैन्य कार्रवाई का श्रेय ले रहा है, तब प्रधानमंत्री का चुप रहना सवाल खड़े करता है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।

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