पाकिस्तान में नौकरी का झांसा देकर 60 लड़कियों से ठगी, मोबाइल लेकर फरार हुए आरोपी; पुलिस जांच में जुटी

पाकिस्तान के कराची में नौकरी का झांसा देकर करीब 60 लड़कियों के मोबाइल फोन जमा कराए गए और आरोपी बाइक से फरार हो गए। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है।

पाकिस्तान के कराची में नौकरी का झांसा देकर करीब 60 युवतियों के मोबाइल फोन कथित तौर पर लेकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, युवतियों को कार्यक्रम में काम का ऑफर देकर फार्महाउस बुलाया गया था। मुख्य आरोपी अब भी फरार है।

कराची: पाकिस्तान के कराची में नौकरी की तलाश कर रही करीब 60 युवतियों के साथ कथित तौर पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुप के जरिए युवतियों को एक कार्यक्रम में काम दिलाने का झांसा दिया और बाद में उनके मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए।

पुलिस के मुताबिक, युवतियों को एक सप्ताह तक होने वाले कार्यक्रम में स्टॉल संभालने के लिए बुलाया गया था। इसके बदले उन्हें रोजाना 2,000 पाकिस्तानी रुपये और अन्य सुविधाएं देने का वादा किया गया था। हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद पूरा मामला अलग निकला।

एक हफ्ते के काम के लिए दिया गया था ऑफर

स्थानीय पुलिस अधिकारी मुहम्मद अली के अनुसार, नौकरी की तलाश कर रही ये युवतियां मुख्य रूप से मध्यमवर्गीय परिवारों से आती हैं। आरोपियों ने उन्हें बताया था कि कराची के बाहर एक गेटेड कम्युनिटी में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

युवतियों को कार्यक्रम में अलग-अलग स्टॉल संभालने की जिम्मेदारी देने की बात कही गई थी। इसके लिए एक सप्ताह तक काम करने के बदले रोजाना 2,000 पाकिस्तानी रुपये भुगतान का वादा किया गया था। ऑफर में अन्य सुविधाएं देने की बात भी कही गई थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में युवतियां निर्धारित तारीख पर काम के लिए पहुंचीं।

30 सितंबर को फार्महाउस ले गए

पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर को युवतियों को जिस जगह ले जाया गया, वह बताए गए कार्यक्रम स्थल से अलग थी। उन्हें बहरिया टाउन ले जाने के बजाय कराची के बाहरी इलाके में स्थित एक फार्महाउस पहुंचाया गया। अचानक जगह बदलने से कुछ युवतियों को संदेह हुआ और वे घबरा गईं। हालांकि, मुख्य आरोपी और उसके साथी ने कथित तौर पर उन्हें भरोसा दिलाया कि चिंता की कोई बात नहीं है।

एक पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने कहा कि फार्महाउस में महिला कोऑर्डिनेटर से उनकी मुलाकात होगी। इसके बाद दोपहर का खाना खाने के बाद उन्हें बहरिया टाउन ले जाया जाएगा, जहां कार्यक्रम में स्टॉल लगाने का काम करना था।

कंपनी पॉलिसी का हवाला देकर जमा कराए मोबाइल

फार्महाउस पहुंचने के बाद आरोपियों ने युवतियों से उनके मोबाइल फोन जमा कराने को कहा। इसके लिए कथित तौर पर कंपनी की पॉलिसी का हवाला दिया गया। आरोपियों ने युवतियों से कहा कि काम के दौरान मोबाइल फोन अपने पास रखने की अनुमति नहीं है और कार्यक्रम खत्म होने के बाद सभी फोन वापस कर दिए जाएंगे। विश्वास में आकर युवतियों ने अपने मोबाइल फोन जमा कर दिए। इसके बाद आरोपी फोन से भरा बैग लेकर वहां से निकल गया।

बाइक से मोबाइल लेकर भाग निकले

पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन जमा कराने के कुछ समय बाद मुख्य आरोपी और उसका साथी कथित तौर पर बाइक से फार्महाउस से निकल गए। उनके पास युवतियों के जमा कराए हुए मोबाइल फोन का बैग था। आरोपियों के जाने के बाद युवतियों को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने अब इस मामले में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और घटनाक्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।

मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर

पुलिस अधिकारी मुहम्मद अली ने बताया कि मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है। पुलिस को जानकारी मिली है कि वह कराची से निकलकर गुजरांवाला की ओर चला गया है। जांच एजेंसियां आरोपी की तलाश कर रही हैं। पुलिस उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में मोबाइल फोन एक साथ लेकर फरार होने का यह असामान्य मामला है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी पहले से इस तरह की ठगी की योजना बना रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।

आरोपी के दो भाइयों को थाने लाया गया

पुलिस ने मुख्य आरोपी की तलाश के दौरान उसके दो भाइयों को थाने लाकर पूछताछ की है। पुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों ने आरोपी से फोन पर संपर्क किया और उसे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। हालांकि, मुख्य आरोपी के वर्तमान ठिकाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है।

महिला साथी भी हिरासत में

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक महिला को भी हिरासत में लिया है। पुलिस को संदेह है कि वह कथित तौर पर इस पूरी योजना में आरोपियों की मदद कर रही थी।

उसकी भूमिका और मुख्य आरोपी के साथ उसके संपर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवतियों तक नौकरी का ऑफर किस माध्यम से पहुंचाया गया और फार्महाउस तक उन्हें लाने की योजना किसने बनाई थी।

सोशल मीडिया के जरिए युवतियों तक पहुंचा था ऑफर

इस मामले में सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुप की भूमिका भी जांच के केंद्र में है। आरोप है कि नौकरी का ऑफर इन्हीं डिजिटल माध्यमों से युवतियों तक पहुंचाया गया था।

ऐसे प्लेटफॉर्म पर नौकरी से जुड़े विज्ञापनों की विश्वसनीयता की पुष्टि किए बिना आवेदन करना लोगों को जोखिम में डाल सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने कितने ग्रुप में यह ऑफर साझा किया था और क्या अन्य लोग भी इस कथित नेटवर्क के निशाने पर थे।

पुलिस जांच में कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे

पुलिस के सामने इस मामले में कई अहम सवाल हैं। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि मुख्य आरोपी कौन है और उसने युवतियों को नौकरी के नाम पर एक जगह कैसे इकट्ठा किया।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जमा किए गए करीब 60 मोबाइल फोन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और क्या आरोपी उन्हें बेचने की योजना बना रहा था।

जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना में शामिल लोगों की संख्या कितनी है और क्या इससे पहले भी इसी तरीके से किसी अन्य समूह को निशाना बनाया गया था।

युवतियों के लिए नौकरी का ऑफर बना धोखे का जरिया

यह घटना ऑनलाइन नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी के जोखिम को भी सामने लाती है। खासकर जब किसी अनजान व्यक्ति या संस्था की ओर से बिना पर्याप्त सत्यापन के नौकरी, अधिक भुगतान और सुविधाओं का प्रस्ताव दिया जाए, तो सावधानी जरूरी है।

इस मामले में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों का वास्तविक उद्देश्य क्या था और उनके खिलाफ कौन-कौन से कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे। फिलहाल मुख्य आरोपी फरार है, जबकि उसके दो भाइयों से पूछताछ और एक महिला से संबंधित जांच चल रही है। पुलिस मोबाइल फोन बरामद करने और मामले में शामिल सभी लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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