महराजगंज जिले के आनंदनगर स्थित परगापुर ताल में इस बार प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट सुनाई नहीं दे रही है। हर साल सर्दियों में साइबेरिया समेत अन्य देशों से आने वाले विदेशी पक्षी इस ताल को अपना ठिकाना बनाते थे, लेकिन इस बार उनकी संख्या बेहद कम या न के बराबर है।
करीब 4060 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला परगापुर ताल कभी प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल माना जाता था। यहां लालसर, टिकिया, पनडुब्बी सहित कई प्रजातियों के पक्षी तीन महीने तक डेरा डालते थे। उनके कलरव से पूरा इलाका गुलजार रहता था।
वन विभाग के अनुसार, ताल की बदहाल स्थिति, पानी में बढ़ता प्रदूषण, शिकारियों की सक्रियता और आसपास चल रहे अवैध शराब कारोबार के कारण पक्षियों ने इस क्षेत्र से दूरी बना ली है। मानव गतिविधियों के बढ़ने से भी पक्षियों को सुरक्षित माहौल नहीं मिल पा रहा है।
वन अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और ताल व आसपास के जंगल क्षेत्र में सुरक्षा और संरक्षण के उपाय किए जाएंगे। यदि समय रहते हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले वर्षों में भी परगापुर ताल प्रवासी पक्षियों के लिए आकर्षण का केंद्र नहीं रह पाएगा।











