पटना समेत बिहार के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने करवट ली। पटना में तेज बारिश के बाद लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों में बारिश और आंधी-वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है। खासकर 1 अगस्त से कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
राज्य में बारिश का दौर शुरू होने के बावजूद इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। खबर के अनुसार बिहार में बारिश की कमी करीब 42 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश किसानों और जलस्रोतों के लिए राहत लेकर आ सकती है।
पटना में सुबह से ही मौसम बदला हुआ था। आसमान में बादल छाए रहे और इसके बाद कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार बिहार में मानसूनी गतिविधि सक्रिय बनी हुई है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
अगले कुछ दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है। 1 अगस्त से कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के चलते प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
बिहार में इस समय बारिश की कमी का असर खेती पर भी देखा जा रहा है। खरीफ फसलों के लिए मानसूनी बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। जिन इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने से किसानों को राहत मिल सकती है। हालांकि लगातार बहुत ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
पटना सहित शहरी इलाकों में तेज बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था की भी परीक्षा होगी। थोड़े समय में ज्यादा बारिश होने पर कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की आशंका रहती है। इससे कार्यालय जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान में रहने से बचना जरूरी है।
बिहार के मौसम पर नजर रखने वाले लोगों के लिए अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि 1 अगस्त से अनुमान के मुताबिक कई जिलों में भारी बारिश होती है तो राज्य में अब तक की बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। वहीं लगातार भारी बारिश होने पर नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखनी होगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना केंद्र की चेतावनियों में बिहार के लिए बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की संभावना लगातार दर्ज की गई है। विभाग जिला स्तर पर भी मौसम चेतावनियां जारी करता है।
फिलहाल पटना में तेज बारिश के बाद मौसम सुहावना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। 25 जिलों में अलर्ट और 1 अगस्त से कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रशासन की नजर जलभराव, सड़क और बिजली व्यवस्था पर रहेगी।
बिहार में अब तक बारिश सामान्य से 42 प्रतिशत कम रहने के कारण मानसून की यह सक्रियता खास महत्व रखती है। आने वाले दिनों की बारिश यह तय करेगी कि राज्य में बारिश की कमी कितनी दूर होती है और किसानों को मानसून से कितनी राहत मिलती है।











