पटना के मसौढ़ी में शिक्षिका लक्ष्मी देवी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 10 साल पुराने प्रेम संबंध के चलते हत्या हुई। आरोपी मंटू कुमार गिरफ्तार है और उसकी निशानदेही पर हथियार व कपड़े बरामद हुए।
पटना: बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी में शिक्षिका लक्ष्मी देवी की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 10 साल पुराने प्रेम संबंध के चलते यह वारदात हुई। मामले में मंटू कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान हत्या की बात स्वीकार की है। उसकी निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल हथियार और घटना के समय पहनी गई सफेद शर्ट भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी करीब तीन घंटे तक शिक्षिका के शव के पास बैठा रहा और फिर वहां से फरार हो गया। मामले की शुरुआती जांच में एक अन्य शिक्षक बृजेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन आगे की जांच में पुलिस को मंटू कुमार की भूमिका का पता चला।
मसौढ़ी के कैलू बीघा गांव में हुई थी हत्या
यह मामला मसौढ़ी थाना क्षेत्र के कैलू बीघा गांव का है। पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर को शिक्षिका लक्ष्मी देवी का शव उनके घर से खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मृतका के परिजनों से पूछताछ की।
परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन में उन लोगों का भी उल्लेख किया गया था, जो शिक्षिका के घर आते-जाते थे। इसी आधार पर पुलिस ने शुरुआती जांच में घर और शिक्षिका के संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई।
जांच के शुरुआती चरण में स्कूल के सहकर्मी शिक्षक बृजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद एक अन्य व्यक्ति मंटू कुमार की भूमिका सामने आई। इसके बाद जांच का रुख बदला और पुलिस ने मंटू से पूछताछ शुरू की।
करीब 10 साल से लक्ष्मी देवी के संपर्क में था मंटू
पुलिस के अनुसार, मंटू कुमार पिछले करीब 10 वर्षों से लक्ष्मी देवी के संपर्क में था। पुलिस का कहना है कि दोनों की पहचान किशोरावस्था में पढ़ाई के दौरान हुई थी। इसके बाद उनकी जान-पहचान कथित तौर पर नजदीकी संबंध में बदल गई।
जांच के दौरान पुलिस को दोनों के लंबे समय से संपर्क में होने की जानकारी मिली। पुलिस इसी कथित संबंध को हत्या की घटना के पीछे की मुख्य वजह मान रही है।
हालांकि, मामले में सामने आए संबंध और हत्या की वजह से जुड़े तथ्य पुलिस की जांच का हिस्सा हैं। अंतिम रूप से मामले की पूरी स्थिति अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
दूसरे शिक्षक को घर में देखकर भड़का आरोपी: पुलिस
पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर की रात करीब 10 बजकर 50 मिनट पर मंटू कुमार लक्ष्मी देवी के घर पहुंचा था। उस समय स्कूल के सहकर्मी शिक्षक बृजेश कुमार भी वहां मौजूद थे।
पुलिस की जांच के अनुसार, बृजेश कुमार ने लक्ष्मी देवी के साथ खाना खाया, चाय पी और कुछ देर बातचीत की। इसके बाद जब वह वहां से चले गए, तब मंटू ने उन्हें घर में मौजूद देखा।
पुलिस का दावा है कि इसी बात को लेकर मंटू कुमार कथित तौर पर गुस्से में आ गया। इसके बाद उसने घर में रखे खंती जैसे धारदार हथियार से लक्ष्मी देवी पर हमला कर दिया।
हमले में शिक्षिका की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल हथियार को घर की सीढ़ी के नीचे छिपा दिया।
हत्या के बाद करीब तीन घंटे शव के पास बैठा रहा
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद मंटू कुमार तत्काल मौके से नहीं भागा। वह करीब तीन घंटे तक लक्ष्मी देवी के शव के पास बैठा रहा।
इसके बाद वह रात करीब 1 बजे वहां से फरार हो गया। पुलिस ने घटना के समय और आरोपी के वहां से निकलने के समय से जुड़े तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास किया।
पुलिस की जांच में सामने आए इस घटनाक्रम के आधार पर आरोपी की भूमिका को लेकर साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने मंटू कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

हथियार और सफेद शर्ट बरामद
पुलिस ने शुक्रवार को मंटू कुमार की गिरफ्तारी की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद किया गया। इसके अलावा घटना के समय आरोपी द्वारा पहनी गई सफेद शर्ट भी बरामद किए जाने की बात कही गई है।
बरामद वस्तुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
शुरुआती जांच में दूसरे शिक्षक की हुई थी गिरफ्तारी
लक्ष्मी देवी की हत्या के बाद पुलिस ने मामले की शुरुआती जांच में उनके स्कूल के सहकर्मी शिक्षक बृजेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को अन्य संभावित कड़ियों की जानकारी मिली। इसके बाद मंटू कुमार का नाम सामने आया और पुलिस ने उसकी भूमिका की जांच की।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले तथ्यों और पूछताछ के आधार पर मंटू को गिरफ्तार किया गया। इससे मामले में जांच की दिशा बदल गई।
पुलिस ने किया हत्याकांड के खुलासे का दावा
पटना सिटी एसपी पूर्वी शैलजा का बयान भी इस मामले में सामने आया है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि शिक्षिका हत्याकांड का खुलासा कर लिया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में पुलिस की ओर से किया गया खुलासा जांच और अभियोजन प्रक्रिया का हिस्सा होता है। आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद होगी।
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
10 साल पुराने संबंध से हत्या तक पहुंची कहानी
पुलिस की जांच के मुताबिक, लक्ष्मी देवी और मंटू कुमार की पहचान करीब एक दशक पहले हुई थी। लंबे समय तक संपर्क में रहने के बाद कथित संबंध में तनाव पैदा हुआ और 2 सितंबर की रात मामला हिंसक वारदात तक पहुंच गया।
दूसरे शिक्षक के लक्ष्मी देवी के घर मौजूद होने को पुलिस हत्या से पहले की महत्वपूर्ण परिस्थितियों में गिन रही है। पुलिस के अनुसार, इसी घटनाक्रम के बाद मंटू कथित तौर पर नाराज हुआ और उसने शिक्षिका पर हमला कर दिया।
हत्या के बाद हथियार छिपाना, कई घंटे तक शव के पास रहना और फिर मौके से निकल जाना—जांच में सामने आए घटनाक्रम के अहम हिस्से हैं।
अब आगे क्या?
मंटू कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। बरामद हथियार और कपड़े समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं को रिकॉर्ड पर लेने और मामले को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में है।
लक्ष्मी देवी हत्याकांड में शुरुआती जांच से लेकर आरोपी की गिरफ्तारी तक पुलिस की जांच कई चरणों से गुजरी। पहले एक सहकर्मी शिक्षक की गिरफ्तारी हुई और बाद में मंटू कुमार की भूमिका सामने आई। अब पुलिस के अनुसार, मामले की मुख्य कड़ी आरोपी की गिरफ्तारी और उससे जुड़े साक्ष्यों तक पहुंच गई है।
आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि इस हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियां क्या थीं और मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।











