पश्चिम एशिया में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध जैसे हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बहरीन के राजा महामहिम हमद बिन ईसा अल खलीफा से बातचीत की।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में हाल ही में बढ़ते तनाव के बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने बहरीन की जनता को ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं दी और क्षेत्रीय सुरक्षा, नागरिक अवसंरचना, ऊर्जा और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की।
पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे सैन्य और कूटनीतिक संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता को चुनौती दी है। अमेरिकी हमलों में ईरान में 400 से अधिक लोगों की मौत की रिपोर्टें सामने आई हैं, जबकि ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इस पृष्ठभूमि में पीएम मोदी की बहरीन के राजा से यह बातचीत वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पीएम मोदी की बातचीत के मुख्य बिंदु

पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह चर्चा सार्थक और रचनात्मक रही। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशियाई क्षेत्र में वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया और निम्नलिखित मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया:
- क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा – दोनों नेताओं ने यह जोर दिया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करना और स्थिरता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। पीएम मोदी ने हिंसा और नागरिक क्षेत्र में हमलों की निंदा की।
- ऊर्जा और वैश्विक खाद्य सुरक्षा – उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर हमलों के प्रतिकूल प्रभाव पर चिंता जताई। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और खाद्य सुरक्षा के लिए स्थिर वातावरण बनाए रखना आवश्यक है।
- नौकायन और समुद्री मार्गों की सुरक्षा – पीएम मोदी ने समुद्री व्यापार और जहाजरानी मार्गों की स्वतंत्रता और सुरक्षित संचालन की अहमियत दोहराई।
- भारतीय समुदाय का कल्याण – बहरीन में बसे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए बहरीन के राजा के निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
यह फोन कॉल इस साल 2 मार्च को हुई पिछली बातचीत की सफलता के बाद आया है। मार्च 2026 में दोनों नेताओं ने बहरीन पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर चर्चा की थी। उस हमले में मीना सलमान बंदरगाह और जल विलवणीकरण संयंत्र को निशाना बनाया गया था, जिससे एक बांग्लादेशी कर्मचारी की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।
इस बार की बातचीत में पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि भारत हमेशा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सहायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने बहरीन के राजा से शांति प्रक्रियाओं और क्षेत्रीय संघर्ष कम करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया।











