प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इथियोपिया के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे, जहां पीएम अबी अहमद ने उनका स्वागत किया। मोदी ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया।
PM Modi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अफ्रीकी देश इथियोपिया के आधिकारिक दौरे पर हैं। यह यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया की पहली यात्रा है। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने स्वयं एयरपोर्ट पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया, जिसे दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है। इस दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ओमान की यात्रा पर रवाना होंगे।
प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा गर्मजोशी भरा स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी के इथियोपिया पहुंचते ही जिस तरह से उनका स्वागत किया गया, उसने इस यात्रा को खास बना दिया। प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने व्यक्तिगत रूप से उनकी अगवानी की। राजकीय सम्मान के साथ हुए इस स्वागत ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि इथियोपिया भारत को एक भरोसेमंद मित्र और रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात में द्विपक्षीय सहयोग, विकास साझेदारी और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई।
इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक सदन में खड़े होना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने इथियोपिया को “शेरों की धरती” बताया और कहा कि उन्हें यहां आकर अपनापन महसूस हो रहा है।

उन्होंने अपने गृह राज्य गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत का गुजरात भी शेरों की भूमि के रूप में जाना जाता है, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव दिखता है।
इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर भावुक संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान को लेकर अपनी भावनाएं भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने इसे भारत और इथियोपिया के बीच गहरी दोस्ती और आपसी विश्वास का प्रतीक बताया। उनके शब्दों में यह सम्मान दोनों देशों के साझा मूल्यों और लंबे समय से चली आ रही मित्रता को दर्शाता है।
मातृभूमि की भावना पर साझा विचार
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इथियोपिया के बीच सांस्कृतिक समानताओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और इथियोपिया का राष्ट्रगान, दोनों ही अपनी जमीन को मां के रूप में देखते हैं। ये गीत लोगों को अपनी विरासत, संस्कृति और मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि यही भावना दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब लाती है।
पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से इथियोपिया के लोगों के लिए दोस्ती, सद्भावना और भाईचारे का संदेश लेकर आए हैं। उन्होंने इथियोपिया की लोकतांत्रिक यात्रा की सराहना की और संसद की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जब जनता की इच्छा और राज्य की नीति एक दिशा में आगे बढ़ती है, तभी विकास का पहिया तेजी से घूमता है।
किसानों, उद्यमियों, महिलाओं और युवाओं का उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में इथियोपिया के समाज के हर वर्ग को संबोधित किया। उन्होंने खेतों में मेहनत करने वाले किसानों, नए विचार गढ़ने वाले उद्यमियों, समुदायों का नेतृत्व करने वाली महिलाओं और देश का भविष्य बनाने वाले युवाओं का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यही वर्ग किसी भी देश की असली ताकत होते हैं और इनके सशक्त होने से ही राष्ट्र आगे बढ़ता है।











