फुटबॉल की दुनिया में अनुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। खेल की नियम निर्धारक संस्था International Football Association Board (IFAB) ने ऐसे नए नियमों को मंजूरी दी है, जो खिलाड़ियों के व्यवहार और मैदान पर होने वाली बहसों को नियंत्रित करेंगे।
स्पोर्ट्स न्यूज़: International Football Association Board (IFAB) ने फुटबॉल के नियमों में एक नया बदलाव मंजूर किया है, जिसके तहत मैदान पर खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर सख्ती बढ़ाई जाएगी। नए नियम के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी बहस के दौरान अपना मुंह ढककर विरोधी खिलाड़ी या रेफरी से बात करता है, तो उसे “अनुशासनहीन व्यवहार” मानते हुए सीधे लाल कार्ड दिखाया जा सकता है। इस फैसले का उद्देश्य मैदान पर पारदर्शिता बनाए रखना और गलत भाषा या अपमानजनक इशारों पर रोक लगाना बताया गया है।
अब बहस के दौरान मुंह ढकना पड़ेगा भारी
नए नियम के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी विरोधी खिलाड़ी से बहस करते समय अपना मुंह ढककर बात करता है या अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करता है, तो उसे सीधे रेड कार्ड दिया जा सकता है। IFAB के अनुसार, इस तरह के व्यवहार को अनुशासनहीनता और संभावित रूप से अपमानजनक या भड़काऊ बातचीत छिपाने का प्रयास माना जाएगा। अब इस तरह की हरकत को गंभीर फाउल की श्रेणी में रखा जाएगा।
हाल के वर्षों में फुटबॉल मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच होने वाली बहसें और विवाद कई बार चर्चा में रहे हैं। कई मामलों में खिलाड़ियों पर नस्लीय टिप्पणी, अपमानजनक भाषा या अनुचित व्यवहार के आरोप लगे हैं। ऐसा ही एक विवाद Vinicius Junior से जुड़े एक मैच के दौरान सामने आया था, जिसमें एक खिलाड़ी पर नस्लीय टिप्पणी छिपाने का आरोप लगा था। इस घटना के बाद फुटबॉल प्रशासन पर अनुशासन को सख्त करने का दबाव बढ़ गया था।
IFAB का स्पष्ट संदेश: अनुशासन सर्वोपरि
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IFAB ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि मैदान पर किसी भी तरह की छिपी हुई या भ्रामक बातचीत को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संस्था के अनुसार:
- बहस के दौरान मुंह ढकना अब दंडनीय अपराध माना जाएगा
- ऐसे खिलाड़ियों को सीधे रेड कार्ड दिया जा सकता है
- यह नियम खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम अधिकारियों पर भी लागू होगा
इसका उद्देश्य खेल को अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाना है।
मैदान छोड़ने पर भी सख्ती
नए नियमों में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। यदि कोई खिलाड़ी रेफरी के निर्णय के विरोध में जानबूझकर मैदान छोड़ता है, तो उसे भी रेड कार्ड का सामना करना पड़ सकता है। यह नियम सिर्फ खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि कोचिंग स्टाफ और टीम अधिकारियों पर भी लागू होगा। यदि कोई अधिकारी खिलाड़ियों को मैदान छोड़ने के लिए उकसाता है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
IFAB ने केवल रेड कार्ड नियम ही नहीं, बल्कि पीले कार्ड (yellow card) से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। इसका उद्देश्य छोटे उल्लंघनों पर बेहतर नियंत्रण और अनुशासन बनाए रखना है, ताकि बड़े टूर्नामेंटों में खिलाड़ियों के अनावश्यक निलंबन को कम किया जा सके।








