दिल्ली के रामलीला मैदान में आज INDIA गठबंधन की बड़ी रैली होने जा रही है। विपक्ष SIR का विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेगा। सुरक्षा के लिए 4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का रामलीला मैदान आज, रविवार 1 नवंबर 2026 को विपक्ष के बड़े राजनीतिक प्रदर्शन का केंद्र बनने जा रहा है। INDIA गठबंधन ने यहां 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली बुलाई है। इसमें कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के बड़े नेता शामिल होंगे। रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है।
रामलीला मैदान में जुटेंगे 19 दलों के नेता, दोपहर 12 बजे निकलेगा मार्च
दिल्ली में होने वाली इस रैली को विपक्ष के बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव सहित INDIA गठबंधन के 19 दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है। इनके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र संगठन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।
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रैली के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय रखा गया है। दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक मार्च निकालने की योजना है। विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं के कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से खुली बसों में मार्च के शुरुआती स्थान तक पहुंचने का कार्यक्रम है। इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाना चाहता है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर होने का खतरा है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को इस रैली से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।
बारिश से रामलीला मैदान में कीचड़, हिमाचल समेत कई राज्यों से पहुंचे समर्थक
रैली से पहले रामलीला मैदान में तैयारियां जारी हैं। बारिश के कारण मैदान के कई हिस्सों में पानी और कीचड़ भर गया है। रविवार सुबह भी दो जेसीबी मशीनों की मदद से गीली जमीन पर सूखी मिट्टी डालने का काम किया जा रहा था। आयोजकों की कोशिश है कि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को मैदान में परेशानी न हो।
दूसरी तरफ, प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए अलग-अलग राज्यों से समर्थक दिल्ली पहुंच रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों लोग बसों और टेंपो ट्रैवलर के जरिए दिल्ली पहुंचे हैं। इनमें से कई समर्थक मंडी हाउस स्थित हिमाचल भवन पहुंचे, जहां से उनके रामलीला मैदान जाने का कार्यक्रम है। वामपंथी दलों के समर्थकों के भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
आयोजकों ने रैली में 10 लाख तक लोगों के शामिल होने की संभावना जताई है। वहीं, दिल्ली पुलिस करीब 50 हजार लोगों की भीड़ को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था कर रही है। वास्तविक उपस्थिति की पुष्टि कार्यक्रम के बाद ही हो सकेगी।
सुरक्षा में 4 हजार पुलिसकर्मी, कई सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन
इतने बड़े राजनीतिक कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। रामलीला मैदान और मार्च के रास्ते पर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कंपनियां तैनात रहेंगी। पूरे मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है। हर जोन की जिम्मेदारी ACP स्तर के अधिकारी को दी गई है।
सुरक्षा की निगरानी के लिए 200 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों से भी नजर रखी जाएगी। मैदान में कंट्रोल रूम बनाया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
रैली के कारण सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मध्य दिल्ली के कई रास्तों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। ITO, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने वाहन चालकों को इन इलाकों में निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने और वैकल्पिक रास्ते अपनाने की सलाह दी है।
व्यापारियों ने जताई चिंता, राहुल गांधी ने खरीदारी करने की अपील की
इस रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों की चिंता भी सामने आई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से कार्यक्रम स्थगित कराने की अपील की है। संगठन का कहना है कि त्योहारों के दौरान भारी भीड़ और ट्रैफिक प्रतिबंधों से करीब 20 प्रमुख बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यापारियों ने 10 से 12 हजार करोड़ रुपये तक के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका जताई है। यह संभावित जोखिम का अनुमान है, वास्तविक नुकसान का आंकड़ा नहीं।
वहीं, राहुल गांधी ने रैली में आने वाले लोगों से स्थानीय बाजारों में खरीदारी करने की अपील की है। उनका कहना है कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोग आसपास की दुकानों से सामान खरीदेंगे तो व्यापारियों को फायदा मिलेगा। राहुल ने बीजेपी पर रैली को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप भी लगाया है।
फिलहाल सबकी नजर रामलीला मैदान में होने वाले इस प्रदर्शन पर है। विपक्ष इसे मतदाता अधिकारों की लड़ाई बता रहा है। अब देखना होगा कि रैली में कितने लोग पहुंचते हैं और विपक्षी नेता आगे के आंदोलन को लेकर क्या घोषणा करते हैं।









