Delhi Politics: कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली के जवाब में भाजपा निकालेगी मार्च, 5 हजार लोग होंगे शामिल

Delhi Politics: 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली के जवाब में भाजपा दिल्ली में विरोध मार्च निकालेगी। करीब 5000 लोग शामिल हो सकते हैं। जानें मार्च का समय, जगह और विवाद

दिल्ली में 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली के जवाब में भाजपा भी विरोध मार्च निकालेगी। हरिनगर में होने वाले इस प्रदर्शन में 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों सहित करीब 5 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में रविवार, 1 नवंबर 2026 को बड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है। एक तरफ राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन INDIA की रामलीला मैदान में रैली होगी, तो दूसरी तरफ भाजपा ने भी उसी दिन विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। भाजपा का यह प्रदर्शन पश्चिमी दिल्ली के हरिनगर इलाके में आयोजित होगा। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सिख समुदाय के लोग और 1984 के दंगों से प्रभावित परिवार भी शामिल होंगे।

सुबह 11 बजे हरिनगर में भाजपा का मार्च, 5 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद

कांग्रेस की रैली के जवाब में दिल्ली भाजपा ने हरिनगर में बड़े प्रदर्शन की तैयारी की है। यह मार्च रविवार सुबह करीब 11 बजे तिलक नगर से हरिनगर की ओर निकाले जाने की योजना है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, इसमें लगभग पांच हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक संख्या कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगी।

इस मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी करेंगे। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा सिख संगठनों के प्रतिनिधियों और 1984 के सिख विरोधी दंगों में अपने परिवार के सदस्यों को खोने वाले लोगों के पहुंचने की संभावना है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कांग्रेस की रैली की तारीख पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 1 नवंबर का दिन सिख समुदाय के लिए दर्दनाक घटनाओं की याद दिलाता है। ऐसे में कांग्रेस का इसी दिन बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं है। दरअसल, 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित कई जगह सिख विरोधी हिंसा हुई थी। इसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। भाजपा इसी ऐतिहासिक घटना को लेकर कांग्रेस से जवाब मांग रही है।

रामलीला मैदान में राहुल गांधी की रैली, विपक्ष दिखाएगा ताकत

Delhi Politics: कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली के जवाब में भाजपा निकालेगी मार्च, 5 हजार लोग होंगे शामिल

दूसरी तरफ कांग्रेस ने 1 नवंबर की रैली को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ INDIA गठबंधन के कई बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी जैसे नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर भी विपक्ष के प्रदर्शन का समर्थन किया है।

कांग्रेस का दावा है कि रैली में करीब 10 लाख लोग पहुंच सकते हैं। हालांकि, यह पार्टी का अनुमान है। कार्यक्रम में वास्तव में कितनी भीड़ जुटेगी, यह रविवार को ही पता चलेगा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रामलीला मैदान पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया है। उनके साथ केसी वेणुगोपाल और पार्टी के दूसरे नेता भी मौजूद रहे। मैदान में मंच, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियां की जा रही हैं।

राहुल गांधी ने आम लोगों, छात्रों और सामाजिक संगठनों से रैली में शामिल होने की अपील की है। विपक्ष का यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग कर रहा है। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।

लाल किले तक मार्च की अनुमति नहीं, दिल्ली पुलिस ने लगाईं शर्तें

राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष का मार्च मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान तक पहुंचेगा। कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस ने अनुमति दी है, लेकिन इसके साथ कई शर्तें भी रखी गई हैं। रैली का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। पुलिस ने साफ किया है कि कार्यक्रम तय समय के भीतर समाप्त करना होगा। रामलीला मैदान से किसी दूसरे स्थान की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई है।

इसलिए रैली के बाद विपक्षी नेताओं के लाल किले तक मार्च करने की चर्चा के बावजूद इसके लिए पुलिस की मंजूरी नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए रामलीला मैदान के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों और आने-जाने वाले लोगों की जांच की व्यवस्था की जा रही है।

रैली से पहले राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार विपक्ष के समर्थकों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े सवालों से बचने का आरोप लगाया है। दोनों पार्टियां अपने-अपने मुद्दों को लेकर जनता के बीच उतरने की तैयारी में हैं।

इस बीच विपक्ष ने बारिश के कारण 30 अक्टूबर को प्रस्तावित मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक जन-अभियोग कार्यक्रम को 31 अक्टूबर तक टाल दिया था। हालांकि, 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रस्तावित है।

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