इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उनके साथ बिताए बचपन के पलों को याद किया। दोनों ने सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीरें शेयर कीं। राहुल ने दादी की सीख और प्रियंका ने उनके व्यक्तित्व को याद किया।
नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर शनिवार, 31 अक्टूबर को गांधी परिवार की कुछ पुरानी तस्वीरें फिर चर्चा में आ गईं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अपनी दादी को याद करते हुए सोशल मीडिया पर बचपन की तस्वीरें साझा की हैं। एक तस्वीर में छोटे राहुल अपनी दादी की गोद में बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में प्रियंका उनके पास बैठी हैं। दोनों ने इन तस्वीरों के साथ निजी यादें भी साझा की हैं।
राहुल गांधी को याद आई दादी की गोद और बचपन में मिली सीख
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें बेहद निजी अंदाज में याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बचपन की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह अपनी दादी की गोद में बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर के साथ राहुल ने उन पलों का जिक्र किया, जब इंदिरा गांधी उन्हें अपने पास बैठाकर कुछ शब्द सिखाया करती थीं।
राहुल गांधी ने लिखा कि उन्हें आज भी दादी की गोद में बैठना, उनके दोनों हाथ पकड़ना और उनकी आवाज सुनना याद है। वह दादी के पीछे-पीछे उन शब्दों को दोहराते थे, जिन्हें वह उन्हें सिखाती थीं। उन्होंने अपनी पोस्ट में उस प्रार्थना को भी याद किया, जिसके शब्द हैं, 'असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय।' इसके बाद उन्होंने 'ॐ शांति, शांति, शांति' लिखा।
राहुल ने अपनी दादी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें जीवन का कितना अनमोल उपहार दिया था। उनकी पोस्ट में इंदिरा गांधी की राजनीतिक पहचान के बजाय बचपन की उन यादों की झलक थी, जो आज भी उनके मन में बसी हुई हैं।
प्रियंका गांधी ने तस्वीर शेयर कर बताया कैसी थीं उनकी दादी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इंदिरा गांधी के साथ अपनी बचपन की तस्वीर शेयर की। इसमें वह अपनी दादी के बगल में बैठी दिखाई दे रही हैं। प्रियंका ने तस्वीर के साथ लिखे संदेश में इंदिरा गांधी के स्वभाव और उनकी मजबूत शख्सियत को याद किया। प्रियंका ने अपनी दादी की तुलना आसमान, समुद्र, धरती और आग से की। उन्होंने लिखा कि इंदिरा गांधी आसमान की तरह आजाद, समुद्र की तरह गहरी, धरती की तरह मजबूत और आग से भी ज्यादा चमकदार थीं।
प्रियंका के शब्दों में अपनी दादी के लिए प्यार और सम्मान साफ दिखाई दिया। उन्होंने किसी राजनीतिक घटना का जिक्र करने के बजाय इंदिरा गांधी के व्यक्तित्व को याद किया। दोनों भाई-बहन की पोस्ट में बचपन की अलग-अलग यादें सामने आईं। राहुल ने दादी से मिली सीख को याद किया, जबकि प्रियंका ने उनके स्वभाव और व्यक्तित्व के बारे में लिखा।
शनिवार सुबह कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने दिल्ली स्थित शक्ति स्थल पहुंचकर भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने भी उन्हें याद किया।
![]()
31 अक्टूबर 1984 को हुई थी इंदिरा गांधी की हत्या
भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को नई दिल्ली में हत्या कर दी गई थी। उस समय वह 66 साल की थीं और देश की प्रधानमंत्री के पद पर कार्यरत थीं। उस दिन सुबह इंदिरा गांधी अपने सरकारी आवास से एक इंटरव्यू के लिए जा रही थीं। इसी दौरान उनके दो सुरक्षाकर्मियों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने उन पर गोलियां चला दीं। गंभीर हालत में उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
हत्या की जांच और अदालती कार्यवाही में सामने आया कि हमलावर जून 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार से नाराज थे। इस सैन्य अभियान का उद्देश्य परिसर में मौजूद हथियारबंद चरमपंथियों को हटाना था। ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और धार्मिक परिसर को भी नुकसान पहुंचा। इस कार्रवाई को लेकर सिख समुदाय के एक हिस्से में गहरी नाराजगी थी।
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा भी हुई, जिसमें बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान गई। इंदिरा गांधी ने 1966 से 1977 और फिर 1980 से 1984 तक देश की प्रधानमंत्री के रूप में काम किया। उनका राजनीतिक कार्यकाल कई महत्वपूर्ण फैसलों के साथ विवादों के लिए भी याद किया जाता है।
आज उनकी पुण्यतिथि पर राहुल और प्रियंका गांधी की पोस्ट ने उनके सार्वजनिक जीवन से अलग एक पारिवारिक पहलू को सामने रखा है। दोनों नेताओं ने अपनी दादी के साथ बिताए समय को याद करते हुए बताया कि बचपन की वे यादें आज भी उनके लिए कितनी अहम हैं।









