1 नवंबर 2026 से GST के कुछ नए नियम लागू हो गए हैं और कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हो गया है। टैक्सपेयर्स को ITR भरने के लिए अतिरिक्त समय मिला है, जबकि पेंशनर्स को 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
Business: नवंबर का महीना शुरू होते ही आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई जरूरी बदलाव सामने आए हैं। रविवार, 1 नवंबर 2026 से GST के नए प्रावधान लागू हो गए हैं। कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत भी बढ़ गई है। वहीं, टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख बढ़ाई गई है। सरकारी पेंशन लेने वालों को भी इस महीने अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा। FD में निवेश करने वालों के लिए बैंक की ब्याज दरों पर नजर रखना जरूरी है।
GST के नए नियम लागू, कारोबारियों और निर्यातकों को मिलेगी राहत
एक नवंबर से वस्तु एवं सेवा कर यानी GST के कुछ नियमों में बदलाव हो गया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने 26 अक्टूबर को इसकी अधिसूचना जारी की थी। नए प्रावधान मुख्य रूप से सामान बेचने के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट, क्रेडिट नोट और GST रिफंड से जुड़े हैं।
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नए नियमों के तहत पात्र मामलों में बिक्री के बाद दिए गए डिस्काउंट पर टैक्स का हिसाब करना आसान होगा। इसके लिए सप्लायर को क्रेडिट नोट जारी करना होगा और खरीदार को संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट में जरूरी बदलाव करना होगा। इससे कारोबारियों की कागजी प्रक्रिया कम हो सकती है।
इसके अलावा, कुछ मामलों में GST रिफंड की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। खासकर निर्यातकों और उन कारोबारियों को फायदा हो सकता है, जिनका पैसा टैक्स रिफंड में फंसा रहता है। हालांकि, इन बदलावों का मतलब यह नहीं है कि 1 नवंबर से सभी वस्तुओं की GST दरें बदल गई हैं।
LPG सिलेंडर हुआ महंगा, घरेलू गैस की कीमतों में राहत
नवंबर की शुरुआत में LPG की नई कीमतें भी जारी हो गई हैं। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। दिल्ली में इसकी कीमत 10 रुपये बढ़कर 2,820 रुपये हो गई है। कोलकाता में नया भाव 2,971 रुपये और चेन्नई में 2,994.50 रुपये पहुंच गया है।
मुंबई में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने की खबर है। हालांकि, अलग-अलग प्रकाशित रिपोर्टों में नई दर को लेकर अंतर है, इसलिए स्थानीय सप्लायर से कीमत की पुष्टि करना बेहतर होगा।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 1 नवंबर को कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 942 रुपये और मुंबई में 941.50 रुपये पर बना हुआ है। कमर्शियल गैस महंगी होने से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ सकती है।
ITR भरने की अंतिम तारीख बढ़ी, 21 नवंबर तक मिलेगा मौका
इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले कुछ करदाताओं के लिए नवंबर राहत लेकर आया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वित्त वर्ष 2025-26 यानी असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट से जुड़े पात्र करदाताओं की ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी है।
यह छूट सभी करदाताओं के लिए नहीं है। जिन लोगों और कारोबारियों के खाते टैक्स ऑडिट के दायरे में आते हैं और जो अधिसूचना में निर्धारित श्रेणी में शामिल हैं, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। संबंधित टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा पहले ही 21 अक्टूबर तक बढ़ाई गई थी।
ऐसे करदाताओं को सलाह है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जरूरी दस्तावेज तैयार करके समय से रिटर्न दाखिल करें।
FD की ब्याज दरों और पेंशन के नियमों पर भी दें ध्यान
फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में निवेश करने वालों के लिए नवंबर में बैंक की ब्याज दरों की जानकारी लेना जरूरी है। बैंक बाजार की स्थिति, जमा की अवधि और अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से FD पर ब्याज दरें बदल सकते हैं। हालांकि, 1 नवंबर से सभी बैंकों के लिए कोई एक समान नई FD ब्याज दर लागू नहीं हुई है। इसलिए निवेश करने से पहले अपने बैंक की नई दरें जरूर देखें।
दूसरी ओर, सरकारी पेंशनर्स के लिए नवंबर का महीना बेहद महत्वपूर्ण है। नियमित पेंशन जारी रखने के लिए उन्हें जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। 80 साल या उससे अधिक उम्र वाले पेंशनर्स के लिए यह सुविधा 1 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। वहीं, 80 साल से कम उम्र वाले पेंशनर्स 1 नवंबर से प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
सामान्य तौर पर इसकी अंतिम तारीख 30 नवंबर है। पेंशनर्स बैंक शाखा में जाकर या जीवन प्रमाण की डिजिटल सुविधा का इस्तेमाल करके यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। समय पर प्रमाण पत्र जमा नहीं करने से पेंशन भुगतान रुक सकता है।नवंबर के इन बदलावों में कुछ का असर सीधे जेब पर पड़ेगा, जबकि कुछ नियम जरूरी वित्तीय काम समय पर पूरा करने से जुड़े हैं। इसलिए टैक्सपेयर्स, पेंशनर्स और बैंक ग्राहकों को अपनी संबंधित तारीखों और नई दरों की जानकारी रखना जरूरी है।









