एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन का 2D फेस लॉक केवल फोटो से अनलॉक हो सकता है। विशेषज्ञ फिंगरप्रिंट या पासवर्ड को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं, जबकि iPhone का 3D Face ID अधिक मजबूत सुरक्षा देता है।
Tech Alert: स्मार्टफोन सुरक्षा को लेकर एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई एंड्रॉयड डिवाइसों का Face Unlock सिस्टम 2D पहचान पर आधारित होने के कारण फोटो से भी धोखा खा सकता है। करीब 133 मॉडल्स पर किए गए परीक्षण में यह कमजोरी सामने आई, जिससे प्रीमियम फोन भी प्रभावित पाए गए। विशेषज्ञों के अनुसार फिंगरप्रिंट और पासवर्ड अधिक सुरक्षित विकल्प हैं, जबकि 3D आधारित सिस्टम ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है।
एंड्रॉयड फेस लॉक को लेकर बढ़ी चिंता, रिपोर्ट में सुरक्षा पर सवाल
![]()
आजकल ज्यादातर लोग अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन को जल्दी अनलॉक करने के लिए फेस लॉक का इस्तेमाल करते हैं। यह तरीका भले ही सुविधाजनक है, लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने इसकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई एंड्रॉयड फोन को सिर्फ एक साधारण फोटो की मदद से भी अनलॉक किया जा सकता है।
इस अध्ययन में करीब 133 स्मार्टफोन मॉडल्स की जांच की गई, जिनमें कई बड़े और प्रीमियम ब्रांड्स के डिवाइस भी शामिल थे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि यह समस्या केवल सस्ते फोन तक सीमित नहीं है, बल्कि कई हाई-एंड डिवाइस भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
2D फेस रिकग्निशन तकनीक बनी कमजोरी की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या की मुख्य वजह एंड्रॉयड फोन्स में इस्तेमाल होने वाली 2D फेस रिकग्निशन तकनीक है। यह तकनीक केवल चेहरे की तस्वीर के आधार पर पहचान करती है, जिससे किसी यूजर की हाई-क्वालिटी फोटो के जरिए भी फोन को अनलॉक करने की संभावना बन जाती है।
इसके विपरीत, iPhone में इस्तेमाल होने वाला Face ID सिस्टम 3D स्कैनिंग तकनीक पर आधारित होता है, जो चेहरे की गहराई और संरचना को भी पहचानता है। इसी कारण इसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है और फोटो से इसे धोखा देना लगभग असंभव होता है।
फिंगरप्रिंट और पासवर्ड हैं ज्यादा सुरक्षित विकल्प
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फेस लॉक पर पूरी तरह निर्भर रहना सुरक्षित नहीं है। एंड्रॉयड यूजर्स के लिए फिंगरप्रिंट सेंसर एक ज्यादा भरोसेमंद विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसे कॉपी करना बेहद मुश्किल होता है।
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यूजर्स केवल एक लॉक सिस्टम पर निर्भर न रहें। बेहतर होगा कि फिंगरप्रिंट के साथ-साथ PIN या पासवर्ड का भी उपयोग किया जाए, ताकि स्मार्टफोन और उसमें मौजूद निजी डेटा अधिक सुरक्षित रह सके।









