टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने 29 अक्टूबर को एक्स पर कहा कि AI की बढ़ती ताकत से भविष्य में सामान और सेवाओं की कमी नहीं रहेगी। उनके मुताबिक, ऐसे समय में लंबी अवधि के लिए पैसे बचाने की जरूरत कम हो सकती है।
Tech: एलन मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पैसों के भविष्य को लेकर एक नई भविष्यवाणी की है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सुपर इंटेलिजेंट AI के आने से दुनिया में जरूरत की चीजें इतनी ज्यादा उपलब्ध हो सकती हैं कि दूर के भविष्य के लिए बचत करने का कोई खास मतलब नहीं रहेगा। हालांकि, यह मस्क का अनुमान है, कोई तय आर्थिक बदलाव नहीं।
एक्स पर यूजर की पोस्ट से शुरू हुई चर्चा
यह बातचीत तब शुरू हुई, जब एक्स पर नाम के यूजर ने अपने खर्च करने की आदतों को लेकर मजाकिया पोस्ट शेयर की। यूजर ने लिखा कि वह अपने कुछ गलत आर्थिक फैसलों को यह सोचकर सही ठहरा रहे हैं कि आने वाले वर्षों में दुनिया में हर चीज की भरमार होगी।
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पोस्ट में यह भी कहा गया कि पैसों के मामले में पूरी तरह लापरवाह होना ठीक नहीं है। हालांकि, अगर तकनीक की मदद से भविष्य में लोगों की जरूरतें आसानी से पूरी होने लगेंगी, तो आज किए गए कई खर्च शायद उतने मायने नहीं रखेंगे।
इसी पोस्ट पर एलन मस्क ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुपर इंटेलिजेंट तकनीक के कारण आने वाले समय में चीजों की उपलब्धता इतनी बढ़ सकती है कि बहुत दूर के भविष्य के लिए पैसे जमा करना बेकार हो जाएगा।
मस्क की इस टिप्पणी में भविष्य की उस अर्थव्यवस्था की झलक मिलती है, जिसमें इंसानों के बजाय AI और रोबोट बड़े पैमाने पर उत्पादन और सेवाओं से जुड़े काम संभाल सकते हैं।
AI और रोबोट बदल सकते हैं काम करने का तरीका
मस्क लंबे समय से मानते रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल कंप्यूटर या मोबाइल तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले वर्षों में यह फैक्ट्रियों, परिवहन, उत्पादन और दूसरी सेवाओं में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
उनका मानना है कि जब रोबोट इंसानों के ज्यादातर काम करने लगेंगे, तब सामान तैयार करने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। इससे लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए पहले जितनी मेहनत या कमाई की जरूरत नहीं रह सकती।
मस्क पहले यह संभावना भी जता चुके हैं कि भविष्य में नौकरी करना मजबूरी के बजाय व्यक्तिगत पसंद बन सकता है। हालांकि, ऐसा कब होगा और इसका फायदा दुनिया के सभी लोगों तक कैसे पहुंचेगा, इसे लेकर अभी कई सवाल बाकी हैं।
2036 तक पैसों की जरूरत खत्म होने की भविष्यवाणी
जुलाई 2026 में द इकोनॉमिस्ट को दिए एक इंटरव्यू में भी एलन मस्क ने पैसों के भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा था कि 2036 तक पैसा अपनी मौजूदा अहमियत खो सकता है।
मस्क ने इसके पीछे तर्क दिया था कि लोग पैसे इसलिए कमाते हैं, ताकि खाना, घर, यात्रा और दूसरी जरूरी सुविधाएं हासिल कर सकें। अगर AI और रोबोट इतनी बड़ी मात्रा में सामान और सेवाएं उपलब्ध कराने लगें कि लोगों की जरूरतों से भी ज्यादा उत्पादन होने लगे, तो पैसों की उपयोगिता घट सकती है।
हालांकि, यह अभी एक भविष्यवाणी है। AI की तकनीकी प्रगति के बावजूद रोजगार, आय और संसाधनों के बंटवारे जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। इसलिए मस्क के बयान को मौजूदा समय में बचत बंद करने की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। आर्थिक विशेषज्ञ भी भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए बचत जारी रखने की सलाह देते हैं।









