पहली बार दिखी इतनी लंबी शांति! ताइवान के पास दो हफ्तों तक नहीं उड़ें चीनी फाइटर जेट, फिर अचानक दिखाई दी सैन्य गतिविधि

ताइवान के आसपास दो हफ्तों तक चीनी फाइटर जेट दिखाई नहीं दिए। लंबे सन्नाटे के बाद फिर PLA के विमान नजर आए। विशेषज्ञ इसे चीन की सैन्य रणनीति हैं।

ताइवान के आसपास करीब दो हफ्तों तक चीनी फाइटर जेट नजर नहीं आए, जिससे सुरक्षा विश्लेषक हैरान रह गए। लंबे सन्नाटे के बाद पीएलए के पांच विमान फिर क्षेत्र में देखे गए, जिसे चीन की रणनीति और कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।

China: ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां पिछले कुछ वर्षों से लगातार चर्चा में रही हैं। अक्सर चीनी फाइटर जेट ताइवान के नजदीकी इलाकों में उड़ान भरते नजर आते हैं और यह स्थिति ताइवान की सुरक्षा रणनीति का नियमित हिस्सा बन चुकी है। लेकिन हाल ही में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने ताइवान के रक्षा अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों दोनों को चौंका दिया।

करीब दो सप्ताह तक ताइवान के आसमान के आसपास चीनी फाइटर जेट दिखाई नहीं दिए। यह खामोशी इसलिए भी असामान्य थी क्योंकि पिछले कई वर्षों से चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLA Air Force) नियमित रूप से इस क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ाती रही है। इस अचानक आई शांति ने कई सवाल खड़े कर दिए कि आखिर चीन ने इतनी लंबी अवधि के लिए अपनी हवाई गतिविधियां क्यों कम कर दीं।

दो हफ्तों बाद फिर दिखाई दिए चीनी विमान

ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह सन्नाटा गुरुवार को टूटा जब पिछले 24 घंटों के दौरान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पांच विमान ताइवान जलडमरूमध्य के आसपास उड़ते हुए देखे गए। इन विमानों में से कुछ उस मध्य रेखा के करीब उड़ रहे थे जो ताइवान और चीन के बीच समुद्री क्षेत्र को विभाजित करने वाली अनौपचारिक सीमा मानी जाती है।

ताइवान के लिए यह गतिविधि नई नहीं है, लेकिन दो सप्ताह के लंबे विराम के बाद विमानों का अचानक दिखाई देना सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

लगातार बढ़ती रही है चीनी सैन्य गतिविधि

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2020 से चीन की सैन्य गतिविधियों से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करना शुरू किया था। इन आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में ताइवान के आसपास चीनी फाइटर जेट और सैन्य विमानों की संख्या लगातार बढ़ती रही है।

कई बार चीन एक साथ कई युद्धक विमान भेजता है, जबकि कभी-कभी केवल कुछ ही विमान दिखाई देते हैं। लेकिन पूरी तरह से गतिविधि बंद हो जाना बेहद असामान्य माना जाता है।

इसी कारण जब लगभग दो सप्ताह तक कोई भी चीनी फाइटर जेट इस क्षेत्र में नजर नहीं आया तो यह स्थिति ताइवान के लिए रहस्यमय बन गई।

विश्लेषकों ने क्या कहा

ताइवान, जापान और दक्षिण चीन सागर के आसपास चीनी सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने वाले ओपन डाटा प्लेटफॉर्म PLATracker के संस्थापक बेन लुईस ने इस स्थिति को असामान्य बताया है। उन्होंने कहा कि हाल के इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिला है कि ताइवान के आसपास पीएलए की हवाई गतिविधि अचानक इतने लंबे समय के लिए रुक जाए।

लुईस के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ती रही हैं। ऐसे में दो सप्ताह का यह विराम भविष्य के लिए किसी नए पैटर्न का संकेत भी हो सकता है।

अमेरिका के साथ संभावित बैठक का असर

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि चीन की यह अस्थायी खामोशी अमेरिका के साथ होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक से भी जुड़ी हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार इस महीने के अंत में अमेरिका और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच एक अहम बैठक होने की संभावना है।

इस बैठक में व्यापार, तकनीक और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे में चीन शायद इस समय क्षेत्र में तनाव को बढ़ने से रोकना चाहता हो।

कई विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अंतरराष्ट्रीय मंच पर बातचीत से पहले स्थिति को स्थिर रखना चाहता है ताकि कूटनीतिक वार्ता पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

चीन की घरेलू राजनीतिक गतिविधियां भी वजह

एक अन्य संभावना चीन की घरेलू राजनीतिक प्रक्रिया से भी जुड़ी मानी जा रही है। चीन में हर साल संसद जैसी संरचना की महत्वपूर्ण बैठकें होती हैं जिन्हें आमतौर पर “टू सेशंस” (Two Sessions) कहा जाता है।

इन बैठकों के दौरान चीन की सरकार और कम्युनिस्ट पार्टी देश की आर्थिक और राजनीतिक नीतियों पर चर्चा करती है। कई बार इस अवधि में सैन्य गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी हो जाती हैं। कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि ताइवान के आसपास गतिविधि में आई कमी इसी कारण से भी हो सकती है।

ताइवान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला

ताइवान के लिए चीन की सैन्य गतिविधियां हमेशा एक बड़ा सुरक्षा मुद्दा रही हैं। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और समय-समय पर सैन्य अभ्यास और हवाई गश्त के जरिए दबाव बनाता रहता है।

दूसरी ओर ताइवान खुद को एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश मानता है और अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क रहता है। इसी वजह से ताइवान की सेना लगातार चीन की हवाई और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखती है। जब भी चीनी विमान ताइवान के नजदीक आते हैं तो ताइवान की वायुसेना भी तुरंत सक्रिय हो जाती है।

Leave a comment