फूड पॉइजनिंग होने पर तुरंत क्या करें? जानिए क्या खाएं, क्या नहीं और कब जाएं डॉक्टर के पास

फूड पॉइजनिंग से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, कमजोरी जैसी समस्या, किन चीजों से बचना चाहिए ? जानिए डॉक्टर की सलाह, सही डाइट और डिहाइड्रेशन से बचाव के आसान उपाय।

गर्मी के मौसम में फूड पॉइजनिंग के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। उच्च तापमान के कारण भोजन जल्दी खराब होने लगता है और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। खराब या संक्रमित खाना खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार कई लोग फूड पॉइजनिंग को सामान्य पेट खराब समझकर घर पर ही इलाज शुरू कर देते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है। इसलिए सही समय पर सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

डॉ. कपिल शर्मा, जो गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञ हैं, बताते हैं कि फूड पॉइजनिंग के दौरान सबसे बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि बिना मेडिकल सलाह के दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं या गलत चीजें खा लेते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

फूड पॉइजनिंग आखिर होती क्यों है?

फूड पॉइजनिंग आमतौर पर बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या दूषित भोजन के कारण होती है। गर्मी में लंबे समय तक बाहर रखा हुआ खाना जल्दी खराब हो सकता है।

  • इसके अलावा
  • दूषित पानी पीना
  • बासी खाना खाना
  • गलत फूड कॉम्बिनेशन

अधपका भोजन

सड़क किनारे अस्वच्छ भोजन भी फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं।

कई बार शरीर किसी विशेष खाद्य पदार्थ को सहन नहीं कर पाता, जिससे भी पेट में तेज रिएक्शन शुरू हो जाता है।

फूड पॉइजनिंग के सामान्य लक्षण

फूड पॉइजनिंग के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। आमतौर पर इसके लक्षण संक्रमित भोजन खाने के कुछ घंटों बाद दिखाई देने लगते हैं।

इनमें शामिल हैं

  • उल्टी
  • दस्त
  • पेट दर्द और मरोड़
  • कमजोरी
  • बुखार
  • सिर दर्द
  • चक्कर आना
  • शरीर में पानी की कमी

कुछ मामलों में मरीज को तेज बुखार और खून के साथ दस्त भी हो सकते हैं, जो गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है।

फूड पॉइजनिंग होने पर सबसे पहले क्या करें?

शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी

फूड पॉइजनिंग के दौरान शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से बाहर निकलते हैं। उल्टी और दस्त के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टरों के मुताबिक सबसे पहले शरीर में पानी की कमी को रोकना जरूरी है। इसके लिए बार-बार थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए।

ORS, नारियल पानी और सादा पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। बार-बार थोड़ी मात्रा में पानी पीना बेहतर माना जाता है ताकि शरीर उसे आसानी से पचा सके।

फूड पॉइजनिंग में क्या खाना चाहिए?

हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें

फूड पॉइजनिंग के दौरान पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। इसलिए ऐसा भोजन करना चाहिए जो हल्का हो और पेट पर ज्यादा दबाव न डाले।

डॉक्टरों के अनुसार खिचड़ी, दही-चावल और केला जैसी चीजें फायदेमंद हो सकती हैं। ये शरीर को ऊर्जा भी देते हैं और पेट पर ज्यादा असर भी नहीं डालते।

सादा और कम मसाले वाला खाना खाने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है।

किन चीजों से बचना चाहिए?

ऑयली और मसालेदार भोजन से करें परहेज

फूड पॉइजनिंग के दौरान तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन पेट की समस्या को और बढ़ा सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस दौरान बाहर का खाना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। पैकेज्ड फूड, जंक फूड और भारी भोजन से भी दूरी बनानी चाहिए।

शुरुआती समय में दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से भी बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि कई लोगों में ये पेट की परेशानी बढ़ा सकते हैं।

इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेट वाले जूस और बहुत ज्यादा मीठी चीजें भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।

फूड पॉइजनिंग होने पर तुरंत क्या करें? जानिए क्या खाएं, क्या नहीं और कब जाएं डॉक्टर के पास

लोग सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?

बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना हो सकता है खतरनाक

विशेषज्ञों के अनुसार कई लोग फूड पॉइजनिंग होते ही एंटीबायोटिक या दस्त रोकने वाली दवाइयां खुद से लेना शुरू कर देते हैं।

लेकिन हर फूड पॉइजनिंग में एंटीबायोटिक जरूरी नहीं होती। कई बार गलत दवा लेने से संक्रमण शरीर में ज्यादा समय तक बना रह सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि दवा तभी लें जब विशेषज्ञ इसकी सलाह दें।

कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

कुछ स्थितियों में फूड पॉइजनिंग गंभीर हो सकती है और तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है।

यदि मरीज को

  • लगातार उल्टी हो रही हो
  • तेज बुखार हो
  • खून के साथ दस्त हो रहे हों
  • सांस लेने में दिक्कत हो
  • अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही हो

तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बुजुर्ग, बच्चे और प्रेग्नेंट महिलाओं को क्यों रखना चाहिए ज्यादा ध्यान?

  1. डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं में फूड पॉइजनिंग ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।
  2. इन लोगों का इम्यून सिस्टम अपेक्षाकृत कमजोर होता है, इसलिए डिहाइड्रेशन और संक्रमण तेजी से गंभीर रूप ले सकते हैं।
  3. यदि इन समूहों में किसी को फूड पॉइजनिंग हो जाए तो बिना देरी किए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

फूड पॉइजनिंग से बचाव कैसे करें?

गर्मी में भोजन और पानी को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ताजा और साफ भोजन खाने की आदत संक्रमण के खतरे को कम कर सकती है।

भोजन को लंबे समय तक बाहर खुला न छोड़ें और हमेशा साफ पानी का इस्तेमाल करें। बाहर का खाना खाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

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