प्लास्टिक की थाली या कंटेनर में गर्म खाना खाने से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। डॉ. रोहित कपूर के अनुसार, प्लास्टिक से BPA और Phthalates जैसे हानिकारक केमिकल्स निकलते हैं, जो शरीर में हार्मोनल असंतुलन और कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक प्लास्टिक में खाना खाने वाले लोग अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
Health Advisory: प्लास्टिक में गर्म खाना खाने से कैंसर और हार्मोनल असंतुलन का जोखिम बढ़ सकता है। मैक्स अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कपूर ने बताया कि प्लास्टिक की थाली या कंटेनर में गर्म भोजन से BPA और Phthalates जैसे हानिकारक केमिकल्स शरीर में प्रवेश करते हैं। यह रिस्क विशेष रूप से उन लोगों के लिए अधिक है जो लंबे समय से प्लास्टिक में खाना खा रहे हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि भोजन हमेशा कांच, स्टील या मिट्टी के बर्तन में ही लिया जाए ताकि स्वास्थ्य पर संभावित नकारात्मक प्रभाव कम हों।
प्लास्टिक में गर्म खाने से कैंसर का खतरा
हाल के वर्षों में ऑनलाइन फूड डिलिवरी और प्लास्टिक पैकिंग का चलन बढ़ा है। कई बार खाना प्लास्टिक की थाली या कंटेनर में आता है और इसे गर्म करके खाया जाता है। मैक्स अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कपूर के अनुसार, प्लास्टिक में गर्म खाने से BPA और Phthalates जैसे केमिकल्स निकलते हैं। ये केमिकल्स शरीर में जाने पर हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकते हैं और कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
डॉ. कपूर ने बताया कि लंबे समय तक लगातार प्लास्टिक में गर्म खाना खाने वाले लोग इस जोखिम के अधिक प्रभावित होते हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को कैंसर हो, लेकिन रिस्क निश्चित रूप से बढ़ जाता है।

कैंसर के बढ़ते मामले और खानपान
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में 2024 में लगभग 14 लाख नए कैंसर के मामले सामने आए। इसका एक बड़ा कारण गलत खानपान और फास्ट फूड का बढ़ता चलन है। ऐसे खाद्य पदार्थों में अक्सर केमिकल्स और प्रिज़र्वेटिव्स मिलाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
प्लास्टिक में पैक और गर्म किया गया खाना भी इसी श्रेणी में आता है। डॉक्टरों की सलाह है कि गर्म भोजन हमेशा कांच, स्टील या मिट्टी के बर्तन में ही लेना चाहिए, ताकि शरीर पर हानिकारक प्रभाव न पड़े।
बचाव और सुरक्षित विकल्प
डॉ. कपूर कहते हैं कि प्लास्टिक में गर्म खाना खाने से बचना चाहिए। माइक्रोवेव में भी खाना सीधे प्लास्टिक में गर्म न करें। इससे न सिर्फ कैंसर का रिस्क कम होगा, बल्कि हार्मोनल असंतुलन जैसी परेशानियों से भी बचा जा सकेगा।
यह कदम विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से प्लास्टिक में खाना खा रहे हैं। सुरक्षित विकल्प अपनाने से शरीर पर हानिकारक प्रभावों को काफी हद तक रोका जा सकता है।













