सेशेल्स ने PM मोदी को दिया 'गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन' सम्मान, पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मिली पहचान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन' मिला। पर्यावरण, जलवायु और भारत-सेशेल्स सहयोग को मिली नई मजबूती।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के साथ मोदी को 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।

विक्टोरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंद महासागर क्षेत्र के द्वीपीय देश सेशेल्स ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने, सतत विकास को बढ़ावा देने और भारत-सेशेल्स संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी अब तक दुनिया के 34 देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त कर चुके हैं, जो वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और उनकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है।

सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने दोनों देशों से मिलकर हिंद महासागर को केवल सामरिक क्षेत्र नहीं, बल्कि अवसरों, विकास, शांति और समृद्धि का महासागर बनाने का आह्वान किया।

सेशेल्स दौरे में दिखी भारत की समुद्री कूटनीति की नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे, जहां राजधानी विक्टोरिया में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और बाद में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने सुरक्षा, समुद्री सहयोग, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, कृषि, अंतरिक्ष विज्ञान और व्यापार जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल राजनयिक नहीं बल्कि साझा मूल्यों, लोकतंत्र, विश्वास और हिंद महासागर क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा पर आधारित हैं। उन्होंने दोनों देशों के उद्योगों के लिए नए अवसर तलाशने, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करने और समुद्री संपर्क को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

पर्यावरण संरक्षण में वैश्विक योगदान को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

सेशेल्स द्वारा दिया गया यह सम्मान विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को मान्यता देता है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, हरित ऊर्जा, स्वच्छ ईंधन, मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment) और जैव विविधता संरक्षण जैसे कई वैश्विक अभियानों का नेतृत्व किया है।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी को प्रतिष्ठित ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार से सम्मानित किया था। वहीं मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें एग्रीकोला मेडल प्रदान किया। अब सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान उनके पर्यावरण नेतृत्व की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति को और मजबूत करता है।

भारत और सेशेल्स के बीच हुए कई महत्वपूर्ण समझौते

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें प्रत्यर्पण संधि, स्वास्थ्य सेवा सहयोग, कृषि विकास, अंतरिक्ष अनुसंधान और डिजिटल सहयोग प्रमुख रहे।

भारत ने सेशेल्स में एक राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण में सहयोग देने की घोषणा की। इसके अलावा दोनों देशों ने अंतरिक्ष विज्ञान और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं पर भी सहमति जताई। इन समझौतों का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और साझेदारी को नई गति देना है।

सेशेल्स को मिला भारत निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल पीएस लेस्पवार' सेशेल्स को सौंपा। यह आधुनिक पोत सेशेल्स को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी, समुद्री सुरक्षा और तटीय गश्त को मजबूत करने में सहायता करेगा।

हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा भारत की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने, मानव तस्करी और समुद्री अपराधों से निपटने के लिए भारत लगातार क्षेत्रीय देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है।

175 मिलियन डॉलर के विकास पैकेज की घोषणा

भारत ने सेशेल्स के बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के आर्थिक सहायता पैकेज की भी घोषणा की। इस वित्तीय सहयोग का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार में किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहायता भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'महासागर' (MAHASAGAR) नीति को और मजबूत करेगी तथा हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देगी।

गोल्डन जुबली समारोह में मुख्य अतिथि बने प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ी, भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे जहाज INS इक्षक ने भी भाग लिया।

इस अवसर पर दोनों देशों के बीच दशकों पुराने ऐतिहासिक संबंधों और सामरिक सहयोग को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

भारत और सेशेल्स के संबंधों के 50 वर्ष पूरे

इस वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों की मित्रता पारस्परिक विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक जुड़ाव और लोगों के बीच मजबूत रिश्तों पर आधारित है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सेशेल्स के साथ मिलकर काम करता रहेगा।

भारतीय मूल के समुदाय से भी जुड़े ऐतिहासिक संबंध

सेशेल्स और भारत के बीच केवल रणनीतिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध भी गहरे हैं। लगभग 1.20 लाख आबादी वाले इस द्वीपीय देश में भारतीय मूल के लोगों की उल्लेखनीय संख्या है।

इतिहासकारों के अनुसार, 1770 में जब सेशेल्स में पहली स्थायी बस्ती बसाई गई थी, तब उसमें पांच भारतीय भी शामिल थे। बाद के वर्षों में बिहार, गुजरात और तमिलनाडु से बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बसे। आज भारतीय समुदाय व्यापार, शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बना कोको डी मेर पौधा

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के प्रसिद्ध कोको डी मेर पौधे का रोपण भी किया। यह दुर्लभ पौधा केवल सेशेल्स में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है और इसका बीज दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक बीज माना जाता है।

इस पौधे का संरक्षण जैव विविधता और पर्यावरण सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। प्रधानमंत्री का यह कदम पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का भी संदेश माना जा रहा है।

हिंद महासागर में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल एक राजनयिक दौरा नहीं बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत लगातार इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और सतत विकास को बढ़ावा दे रहा है।

सेशेल्स जैसे महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार के साथ बढ़ता सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक शक्तियां इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।

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