शिक्षा और आस्था का बड़ा केंद्र गंदगी और जलभराव की चपेट में VIP वार्ड-55 में MNNIT समेत कई प्रमुख संस्थान

प्रयागराज के VIP वार्ड-55 में MNNIT समेत कई प्रमुख संस्थानों के बावजूद गंदगी और जलभराव की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोग नियमित सफाई और बेहतर जल निकासी की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा और आस्था का बड़ा केंद्र गंदगी और जलभराव की चपेट में VIP वार्ड-55 में MNNIT समेत कई प्रमुख संस्थान
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प्रयागराज का VIP वार्ड-55, जिसे शिक्षा और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, इन दिनों गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। इसी वार्ड में देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शामिल Motilal Nehru National Institute of Technology Allahabad (MNNIT) सहित कई महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में साफ-सफाई, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।

बारिश के बाद वार्ड की कई सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों, छात्रों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगहों पर नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वार्ड में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक, श्रद्धालु और आम लोग प्रतिदिन आते-जाते हैं। बावजूद इसके, नियमित सफाई और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से क्षेत्र की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर और बदबू के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़कों पर जमा पानी के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है। पैदल चलने वाले लोगों को भी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों ने नगर निगम से नालों की नियमित सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और कचरा उठाव की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि VIP वार्ड होने के बावजूद यदि बुनियादी सुविधाओं का यह हाल है, तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक जलभराव और गंदगी रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय पर सफाई और जल निकासी बेहद जरूरी है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा है कि केवल अस्थायी सफाई अभियान चलाने के बजाय जल निकासी तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि हर बारिश में लोगों को इसी समस्या का सामना न करना पड़े।

फिलहाल वार्ड-55 के लोग नगर निगम से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा और आस्था के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित और जलभराव मुक्त बनाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि छात्रों, श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिल सकें।

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