देश की दो बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) और Steel Authority of India Limited (SAIL) पर ‘महारत्न’ दर्जा छिनने का खतरा मंडराने लगा है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय अभिनेत्री Priya Bapat ने फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों के अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि करियर की शुरुआत में कई कलाकारों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, खासकर तब जब वे पेशेवर सीमाओं और रचनात्मक मांगों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे होते हैं।
अभिनेत्री के अनुसार, शुरुआती दौर में कलाकार अक्सर असुरक्षित महसूस करते हैं और कई बार ऐसे हालात में काम करना पड़ता है जहां वे अपनी असहमति को खुलकर व्यक्त नहीं कर पाते।
इंटीमेट सीन को लेकर अनुभव
प्रिया बापट ने एक पुराने फिल्मी अनुभव को याद करते हुए बताया कि एक प्रोजेक्ट में एक किसिंग सीन को लेकर वह पहले से ही असहज महसूस कर रही थीं। उनका कहना था कि स्क्रिप्ट पढ़ते समय ही उन्हें इस दृश्य की जरूरत और उसकी प्रासंगिकता पर संदेह हुआ था। उनके अनुसार, उन्होंने निर्देशक से इस सीन के उद्देश्य और कहानी में इसकी भूमिका को लेकर सवाल भी किए थे। अभिनेत्री ने कहा कि किसी भी दृश्य का कहानी में तार्किक रूप से फिट होना जरूरी है, खासकर जब वह व्यक्तिगत सीमाओं से जुड़ा हो।
शूटिंग के दौरान असहज स्थिति

इंटरव्यू में उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान एक घटना ऐसी हुई, जिसने उन्हें काफी असहज कर दिया। उनके अनुसार, एक सीन में कट (scene cut) के बाद भी स्थिति अपेक्षित रूप से तुरंत समाप्त नहीं हुई, जिससे उन्हें असुविधा महसूस हुई। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन इस अनुभव को उन्होंने शुरुआती करियर का एक कठिन और सीख देने वाला क्षण बताया।
अभिनेत्री ने कहा कि उस समय इंडस्ट्री में स्पष्ट दिशानिर्देशों और सेट पर सुरक्षित कार्य वातावरण (safe working protocols) की उतनी मजबूत व्यवस्था नहीं थी, जितनी आज धीरे-धीरे विकसित हो रही है।
शुरुआती करियर में असुरक्षा का दबाव
Priya Bapat के अनुसार, नए कलाकार अक्सर अपने करियर को लेकर इतने चिंतित होते हैं कि वे असहज परिस्थितियों को भी सहन करने के लिए मजबूर महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती समय में कलाकारों को लगता है कि यदि वे किसी दृश्य या स्थिति पर आपत्ति जताएंगे तो इसका असर उनके करियर अवसरों पर पड़ सकता है। यही दबाव कई बार उनकी व्यक्तिगत सीमाओं को प्रभावित करता है।
प्रिया बापट ने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी। उन्होंने 2000 में फिल्म “Dr. Babasaheb Ambedkar” में युवा रामाबाई की भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों, टेलीविजन शो और डिजिटल प्रोजेक्ट्स में काम किया। उनके शुरुआती लोकप्रिय कामों में 2003 की फिल्म Munna Bhai MBBS भी शामिल है, जिसमें उन्होंने एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बाल किरदार में अभिनय किया था।
मनोरंजन जगत में पिछले कुछ वर्षों में सेट पर सुरक्षा और प्रोफेशनल गाइडलाइंस को लेकर चर्चा बढ़ी है। कई फिल्म उद्योग अब इंटीमेट सीन के लिए कोऑर्डिनेटर (intimacy coordinators) की व्यवस्था अपनाने लगे हैं, ताकि कलाकारों को सुरक्षित और सहमति आधारित वातावरण मिल सके।









