लोकसभा में प्रियंका गांधी ने वायनाड के मुद्दों पर अपॉइंटमेंट मांगा। गडकरी ने मुस्कुराते हुए कहा, "दरवाजा हमेशा खुला है।" उन्होंने राजमार्ग निर्माण और भारत के वाहन उद्योग के विकास पर भी जानकारी साझा की।
New Delhi: लोकसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच रोचक बातचीत देखने को मिली। प्रियंका गांधी ने मंत्री से अपॉइंटमेंट की मांग का मुद्दा उठाया, जिस पर गडकरी ने हंसते हुए कहा कि उनका दरवाजा हमेशा खुला है और अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि वे जून महीने से गडकरी से मिलने का समय मांग रही हैं ताकि अपने लोकसभा क्षेत्र वायनाड के मुद्दों पर चर्चा की जा सके। उन्होंने कहा, "सर मैं जून महीने से आपसे मिलने का समय मांग रही हूं, कृपया समय दीजिए। ताकि मैं अपने लोकसभा क्षेत्र के बारे में बात कर सकूं।"
इस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "आप प्रश्नकाल के बाद आ जाइए। आप कभी भी आ जाइए, दरवाजा हमेशा खुला रहता है।" प्रियंका गांधी ने उनके इस उत्तर पर हाथ जोड़कर अभिवादन किया। यह दृश्य संसद परिसर में मौजूद लोगों के लिए भी खासा ध्यान आकर्षित करने वाला था।
राजमार्ग निर्माण की गति बढ़ाने का लक्ष्य
प्रियंका गांधी और गडकरी के बीच हुई यह बातचीत मुख्य रूप से उनके लोकसभा क्षेत्र के मुद्दों को लेकर थी, लेकिन इसके बाद गडकरी ने देश में राजमार्ग निर्माण और वाहन उद्योग से जुड़े अपने उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश में राजमार्ग निर्माण की गति को बढ़ाकर 60 किलोमीटर प्रतिदिन करना है। उन्होंने बताया कि केंद्र की प्रमुख भारतमाला परियोजना के तहत फिलहाल कोई नई परियोजना शुरू नहीं होने के कारण देश में राजमार्ग निर्माण की रफ्तार धीमी हो गई है। गडकरी ने कहा, "हमारा उद्देश्य यह है कि अगले कुछ वर्षों में देश में राजमार्ग निर्माण की गति को 60 किलोमीटर प्रतिदिन तक तेज किया जाए।"
इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि यह गति बढ़ाने से न केवल सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सड़क परियोजनाओं का समय पर पूरा होना विकास की दिशा में एक अहम कदम है।
भारत का वाहन उद्योग: अगले 8-10 वर्षों का लक्ष्य
नितिन गडकरी ने वाहन उद्योग के विकास पर भी बात की और कहा कि सरकार का उद्देश्य अगले 8 से 10 सालों में भारत के वाहन उद्योग को दुनिया में शीर्ष स्थान पर लाना है। उन्होंने अमेरिका और चीन की तुलना में भारत की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय अमेरिका के वाहन उद्योग का आकार 78 लाख करोड़ रुपये है, इसके बाद चीन का 47 लाख करोड़ रुपये और भारत का 22 लाख करोड़ रुपये का उद्योग है।
उन्होंने कहा कि भारत में वाहन उद्योग को बढ़ाने के लिए सरकार नई नीतियों, निवेश को बढ़ावा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग पर ध्यान दे रही है। इसके जरिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत को वैश्विक वाहन उद्योग में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।












