ब्यावर इलाके में मंगलवार सुबह 3:45 बजे पुलिस की गाड़ी का ड्राइवर संदिग्ध युवकों से पूछताछ कर रहा था, तभी बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी। गोली ड्राइवर की छाती में लगी और उसे काफी खून बह गया। गंभीर हालत में ड्राइवर को अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। मौके पर बिजयनगर थाना पुलिस और एफएसएल टीम ने सबूत जुटाए। दोनों आरोपी भागने में सफल हो गए। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
अजमेर: ब्यावर थाना क्षेत्र के बिजयनगर इलाके में मंगलवार सुबह 3:45 बजे यह घटना हुई। बिजयनगर निवासी सीताराम गुर्जर, जो पिछले दो वर्षों से 112 नंबर की पुलिस गाड़ी में संविदा ड्राइवर के रूप में तैनात हैं, डीओ गोपी राम को उनके रूम तक छोड़कर थाने लौट रहे थे। रास्ते में बरेली रोड पर दो संदिग्ध युवकों को देखकर सीताराम ने गाड़ी रोक ली और उनसे पूछताछ की। आरोपियों के पास नशीले पदार्थ भी पाए गए। इस दौरान उन्होंने तुरंत डीओ को फोन कर पूरी जानकारी दी।
अचानक हुई फायरिंग
जैसे ही सीताराम ने फोन काटा और पीछे मुड़कर देखा, तभी एक युवक ने अपनी जेब से बंदूक निकालकर सीताराम पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे उनके सीने में लगी। दोनों बदमाश मौके से भाग गए। घटना के तुरंत बाद बिजयनगर थाने के डीओ मौके पर पहुंचे और घायल ड्राइवर को अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में भर्ती करवाया।
गंभीर स्थिति और इलाज
डॉक्टरों ने बताया कि गोली ड्राइवर के सीने में फंसी हुई है और काफी खून बह चुका था। सर्जरी अभी जारी है और उनका स्वास्थ्य नाजुक है। अस्पताल में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया।
मसूदा पुलिस उपाधीक्षक जय सिंह ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने खुद अस्पताल जाकर घायल ड्राइवर की स्थिति का पता लगाया।
पुलिस का बयान
घटना की जानकारी मिलते ही बिजयनगर थाना पुलिस ने अज्ञात दो बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी करण सिंह के नेतृत्व में एफएसएल टीम को बुलाकर घटनास्थल से सभी आवश्यक सबूत एकत्रित किए गए।
जय सिंह ने कहा कि एफएसएल टीम ने गोली के खोखे, फायरिंग के निशान और आसपास के संदिग्ध पदार्थ का निरीक्षण किया। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।
संदिग्धों की पहचान
पुलिस का कहना है कि फिलहाल दोनों बदमाश अज्ञात हैं, लेकिन इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे और लोगों के बयानों के आधार पर उनकी पहचान की जा रही है। स्थानीय लोगों से भी पुलिस ने सहयोग मांगा है।
थाना प्रभारी करण सिंह ने कहा कि जल्द ही बदमाशों तक पहुंचने और उन्हें गिरफ्तार करने की पूरी कोशिश की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ड्राइवर की बहादुरी से किसी बड़ी आपराधिक घटना को टाला जा सका।
मसूदा पुलिस उपाधीक्षक जय सिंह ने कहा, 'घटना गंभीर है और हम इसे हल्के में नहीं ले रहे। अपराधियों को जल्द पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस वाहन में तैनात सभी संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।'











