XPO कंपनी ने 2022 में फॉरेक्स और क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों को मासिक 15–20% रिटर्न का लालच दिया। कंपनी की रणनीति पिरामिड स्कीम पर आधारित थी, जिसमें निवेशकों को अपने परिचितों को जोड़ने पर अतिरिक्त लाभ मिलने का दावा किया गया। तीन साल में झुंझुनूं जिले के लगभग 10,000 लोगों से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी का अनुमान है। आरोपियों में से कई देश से बाहर भाग चुके हैं, जिनमें दुबई में छिपे कई लोग भी शामिल हैं।
rajasthan: देशभर में क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाने वाली XPO कंपनी के खिलाफ भरतपुर पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। कंपनी ने उच्च रिटर्न का लालच देकर लाखों लोगों को आकर्षित किया और तीन वर्षों में करीब 3500 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले के 5 मुख्य आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया है, जिनमें से 4 का संबंध राजस्थान के झुंझुनूं जिले से है। आरोपियों के खिलाफ 10,000 से 12,000 रुपए तक का इनाम घोषित किया गया है।
क्रिप्टो और फॉरेक्स के नाम पर ठगी
सूत्रों के अनुसार, XPO कंपनी ने अपने निवेशकों को फॉरेक्स, क्रिप्टोकरेंसी और माइनिंग में निवेश करने का प्रलोभन दिया। निवेशकों को हर महीने 15–20% रिटर्न का वादा किया गया, साथ ही कंपनी ने उन्हें यह भी बताया कि यदि वे 5 अन्य लोगों को नेटवर्क में जोड़ते हैं तो उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यह पूरी योजना पिरामिड स्कीम की श्रेणी में आती है।
भरतपुर पुलिस ने बताया कि कंपनी के 5 मुख्य ‘किंगपिन’ भगोड़ा हैं। इन पर 10,000 से 12,000 रुपए तक का इनाम घोषित किया गया है। इनमें से 4 आरोपी झुंझुनूं जिले के निवासी हैं, जिनमें ईश्वर वर्मा भी शामिल हैं। ईश्वर वर्मा, जो श्रीमाली मोहल्ला झुंझुनूं का रहने वाला है, खुद को प्राइवेट नौकरी करने वाला बताकर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित करता था।
विदेश भागने की जानकारी
भरतपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद लगभग 30 युवक झुंझुनूं जिले से फरार हो गए। इनमें से लगभग 15 युवक दुबई में होने की जानकारी मिली है। एसपी बृजेश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस टीम झुंझुनूं में कई ठिकानों पर दबिश देकर एक आरोपी को हिरासत में ले चुकी है। फिलहाल, पुलिस राजस्थान सहित आसपास के राज्यों में विशेष अभियान चला रही है ताकि सभी आरोपियों को पकड़ा जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि निवेशक न तो अब अपनी राशि निकाल पा रहे हैं और न ही कंपनी का कोई लीडर उपलब्ध है। इस धोखाधड़ी से प्रभावित होने वाले लोग आर्थिक रूप से बहुत परेशान हैं और पुलिस से सुरक्षा व न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
निवेशकों की शिकायतें
झुंझुनूं जिले में लगभग 10,000 लोग XPO नेटवर्क से जुड़े थे और उनके निवेश की कुल राशि लगभग 200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। निवेशकों का कहना है कि कंपनी ने पहले आकर्षक रिटर्न का वादा किया, लेकिन अब न तो पैसा वापस मिल रहा है और न ही किसी अधिकारी या प्रतिनिधि से संपर्क हो पा रहा है।
स्थानीय लोगों और प्रभावित निवेशकों ने पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में उच्च स्तरीय कार्रवाई कर रहे हैं और सभी भगोड़े आरोपियों को पकड़ने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
पिछले वर्षों की पिरामिड स्कीम
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों से लाखों करोड़ रुपये की ठगी बढ़ी है। अधिकतर मामलों में कंपनियां पिरामिड स्कीम के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करती हैं और कुछ समय तक आकर्षक रिटर्न देने के बाद अचानक गायब हो जाती हैं।
वर्तमान मामले में भी XPO कंपनी ने यही रणनीति अपनाई। यह घटना झुंझुनूं और आसपास के जिलों के निवेशकों के लिए चेतावनी है कि वे बिना जांच और भरोसे के क्रिप्टो या फॉरेक्स में निवेश न करें।












