राखी से पहले पंजाब में चीनी का खुदरा भाव ₹68 प्रति किलो तक पहुंच गया था। अब कीमतों में नरमी आई है। लुधियाना में चीनी करीब ₹55 किलो और तरनतारन में ₹67 किलो बिक रही है।
पंजाब: राखी से पहले बढ़े चीनी के दाम अब पंजाब के खुदरा बाजारों में नीचे आने लगे हैं। कुछ समय पहले चीनी का भाव ₹68 प्रति किलो तक पहुंच गया था, जिससे मिठाइयों की कीमतें भी ₹20 से ₹50 प्रति किलो तक बढ़ गई थीं। अब उपलब्ध शहरवार भावों में लुधियाना में चीनी सबसे सस्ती करीब ₹55 किलो मिल रही है।
राखी के बाद चीनी के दाम में आई नरमी
राखी के त्योहार से पहले चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी। पंजाब के कुछ बाजारों में खुदरा भाव ₹68 प्रति किलो तक पहुंच गया था। चीनी महंगी होने का सीधा असर मिठाई कारोबार पर पड़ा और कई दुकानदारों ने अलग-अलग मिठाइयों के दाम में ₹20 से ₹50 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की थी।
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अब त्योहार के बाद चीनी के दामों में नरमी दिखाई दे रही है। हालांकि राज्य के सभी शहरों में एक जैसा भाव नहीं है। उपलब्ध खुदरा बाजार के आंकड़ों में अलग-अलग जिलों के बीच चीनी की कीमत में अंतर बना हुआ है।
लुधियाना में ₹55 किलो, फरीदकोट में ₹58-60
शहरवार खुदरा भाव के अनुसार लुधियाना में चीनी करीब ₹55 प्रति किलो बिक रही है, जो उपलब्ध आंकड़ों में सबसे कम कीमत है। फरीदकोट में चीनी का भाव ₹58 से ₹60 प्रति किलो के बीच बताया गया है।
जालंधर में चीनी ₹57 प्रति किलो मिल रही है। वहीं मोगा में इसका खुदरा भाव करीब ₹60 प्रति किलो है। इन शहरों में कीमतें राखी से पहले की तुलना में नरम हुई हैं और उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलती दिखाई दे रही है।
जालंधर, मोगा से अमृतसर तक अलग-अलग भाव
फिरोजपुर के बाजार में चीनी का खुदरा भाव ₹63 प्रति किलो बताया गया है। श्री मुक्तसर साहिब में यह ₹62 प्रति किलो बिक रही है। अमृतसर और गुरदासपुर में चीनी की कीमत करीब ₹65 प्रति किलो है।
वहीं तरनतारन में चीनी का खुदरा भाव ₹67 प्रति किलो है। यानी उपलब्ध शहरवार कीमतों में तरनतारन में चीनी सबसे महंगी और लुधियाना में सबसे सस्ती मिल रही है।
शहरवार भावों से साफ है कि पंजाब में चीनी की कीमतों में अंतर बना हुआ है। खुदरा बाजार में स्थानीय सप्लाई, मांग और कारोबारी स्तर पर खरीद की कीमतों के कारण अलग-अलग शहरों में भाव अलग हो सकते हैं।
मिठाई की कीमतों को मिल सकती है राहत
राखी से पहले चीनी महंगी होने के कारण मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ गई थी। इसका असर मिठाइयों के खुदरा दाम पर भी पड़ा था और कई जगह कीमतों में ₹20 से ₹50 प्रति किलो तक बढ़ोतरी हुई थी।
अब चीनी के भाव में कमी आने से मिठाई कारोबारियों को लागत के मोर्चे पर कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि मिठाई की अंतिम कीमत सिर्फ चीनी पर निर्भर नहीं करती। दूध, खोया, घी और दूसरे कच्चे माल की कीमतों का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए चीनी सस्ती होने के बावजूद मिठाइयों के दाम में कितनी कमी आएगी, यह बाकी सामग्री की लागत पर भी निर्भर करेगा।









