पंजाब में शादी के लिए एक युवती के फर्जी ASI बनने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि युवती ने खुद को पुलिस की असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर यानी ASI बताया और करीब दो महीने तक वर्दी पहनकर ड्यूटी करने का नाटक करती रही। इसी फर्जी पहचान के आधार पर उसने शादी भी कर ली। मामला तब सामने आया, जब उसके पति को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ और एक टिफिन के जरिए उसकी असली पहचान का राज खुल गया।
युवती ने कथित तौर पर अपने आसपास के लोगों और होने वाले पति के सामने खुद को पुलिस अधिकारी के तौर पर पेश किया। वह पुलिस की वर्दी पहनती थी और इस तरह व्यवहार करती थी कि किसी को उस पर शक न हो। बताया जा रहा है कि करीब दो महीने तक उसने पुलिसकर्मी होने का नाटक किया।
फर्जी ASI की पहचान के कारण शादी के लिए भी उसे कथित तौर पर आसानी से स्वीकार कर लिया गया। परिवार और रिश्तेदारों के बीच भी उसकी पहचान एक पुलिस अधिकारी के रूप में बताई गई। शादी के बाद भी उसने अपनी यह कथित पहचान बनाए रखी।
शादी के बाद पति को उसकी दिनचर्या और ड्यूटी को लेकर कुछ बातें संदिग्ध लगने लगीं। वह पुलिस की नौकरी करने का दावा करती थी, लेकिन उसकी ड्यूटी और कामकाज को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ रही थी। धीरे-धीरे पति का शक बढ़ता गया।
मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब युवती के टिफिन को लेकर पति को कुछ ऐसा पता चला, जिससे उसकी कथित फर्जी नौकरी का राज खुल गया। टिफिन से जुड़े घटनाक्रम ने पति को यह समझने में मदद की कि युवती जिस पुलिस ड्यूटी का दावा कर रही थी, उसके पीछे सच्चाई कुछ और है।
इसके बाद परिवार ने युवती से उसकी नौकरी और पुलिस विभाग में तैनाती को लेकर सवाल किए। जब उसकी पहचान और नौकरी की जानकारी की जांच की गई तो मामला संदिग्ध पाया गया। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई और पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवती ने ASI की वर्दी और पहचान का इंतजाम कैसे किया। उसने पुलिस की वर्दी कहां से हासिल की, किन लोगों को अपनी फर्जी नौकरी के बारे में बताया और शादी के लिए इस पहचान का इस्तेमाल किस तरह किया, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि युवती ने केवल अपने पति और परिवार को ही गुमराह किया था या उसने किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी पुलिस अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की। अगर फर्जी पहचान के जरिए किसी से पैसे या अन्य लाभ लेने की बात सामने आती है तो पुलिस उस पहलू को भी जांच में शामिल कर सकती है।
इस मामले ने पुलिस की वर्दी और पहचान के दुरुपयोग को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारी की वर्दी और पद का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को प्रभावित करने या विश्वास हासिल करने के लिए करना गंभीर मामला हो सकता है। इसलिए जांच एजेंसियां युवती के पास मौजूद वर्दी और अन्य सामान की भी जांच कर रही हैं।
युवती ने करीब दो महीने तक ड्यूटी का नाटक कैसे किया, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि वह नियमित रूप से वर्दी पहनकर घर से निकलती थी तो उसके आसपास के लोगों ने कभी सवाल क्यों नहीं उठाया, पुलिस इस पहलू की भी जानकारी जुटा सकती है।
पति के लिए यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि जिस पहचान के आधार पर उसने शादी की, वही पहचान बाद में कथित तौर पर फर्जी निकली। परिवार को भी इस बात का पता चलने के बाद बड़ा झटका लगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। युवती के बयान, उसके दस्तावेज, वर्दी और अन्य सामान की जांच के साथ-साथ शादी से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
फर्जी पुलिस अधिकारी बनने के ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण सवाल पहचान की पुष्टि का होता है। किसी भी व्यक्ति के पुलिस विभाग में कार्यरत होने का दावा होने पर उसकी तैनाती, पद और पहचान की आधिकारिक पुष्टि की जा सकती है। इस मामले में भी अब पुलिस इसी तरह के रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
टिफिन के जरिए सामने आया यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि शुरुआत में युवती ने कथित तौर पर अपनी पहचान को लेकर किसी को शक नहीं होने दिया। लेकिन उसकी रोजमर्रा की गतिविधियों में एक छोटी-सी बात ने पति के संदेह को बढ़ाया और आखिरकार पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवती ने फर्जी ASI बनने की योजना कब बनाई थी। क्या शादी से पहले ही उसने पुलिस अधिकारी होने का दावा किया था या शादी के बाद भी यह नाटक जारी रखा गया, इसकी जानकारी जांच के बाद सामने आएगी।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो फर्जी पहचान, पुलिस वर्दी के दुरुपयोग और धोखाधड़ी से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और युवती की कथित फर्जी ASI पहचान से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। शादी के लिए पुलिस अधिकारी बनने का नाटक करने और करीब दो महीने तक वर्दी पहनकर ड्यूटी का दिखावा करने का आरोप इस मामले को बेहद असामान्य बनाता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि युवती ने पुलिस अधिकारी की पहचान हासिल करने के लिए क्या-क्या किया और शादी के बाद यह फर्जीवाड़ा कितने समय तक चलता, अगर टिफिन से पति को शक नहीं होता। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी।













