खाद कंपनियों ने पोटाश खाद की कीमत में 800 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। इसके बाद 50 किलोग्राम के पोटाश खाद बैग की कीमत सितंबर 2025 के 1800 रुपये से बढ़कर अब 2200 रुपये हो गई है। किसान संगठनों ने बढ़ती कृषि लागत के बीच सरकार से खाद सब्सिडी बढ़ाने की मांग की है।
बठिंडा: किसानों की कृषि लागत के बीच पोटाश खाद की कीमत में 800 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इससे 50 किलोग्राम पोटाश खाद के एक बैग की कीमत सितंबर 2025 में 1800 रुपये से बढ़कर अब 2200 रुपये हो गई है। करीब एक माह पहले एनपीके खाद के दाम में भी 1100 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई थी।
पोटाश खाद का 50 किलो बैग 2200 रुपये में
खाद कंपनियों की ओर से पोटाश खाद की कीमत बढ़ाए जाने के बाद किसानों की लागत पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। भारतीय किसान यूनियन लखोवाल टिकैत ने इस बढ़ोतरी पर चिंता जताई है। यूनियन के प्रदेश महासचिव सरूप सिंह रामां ने बताया कि पोटाश खाद की कीमत में 800 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है।
सरूप सिंह रामां के अनुसार, सितंबर 2025 में पोटाश खाद का 50 किलोग्राम का बैग 1800 रुपये में उपलब्ध था। अब इसकी कीमत बढ़ाकर 2200 रुपये प्रति बैग कर दी गई है।
एक महीने पहले NPK खाद के दाम भी बढ़े
किसान संगठन के अनुसार, करीब एक माह पहले खाद कंपनियों ने एनपीके खाद के ग्रेड 12:32:16 की कीमत में 1100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की थी। अब पोटाश खाद के दाम बढ़ने से किसानों की कृषि लागत पर एक और असर पड़ने की बात कही जा रही है।
सरूप सिंह रामां ने कहा कि खाद की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब किसान पहले से ही बढ़ती कृषि लागत के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। डीजल, कृषि मशीनरी, मजदूरी और अन्य कृषि लागत में लगातार वृद्धि से फसलों की उत्पादन लागत पहले ही बढ़ चुकी है।
बढ़ती लागत से किसानों की मुश्किलें बढ़ने की चिंता
किसान नेता ने कहा कि एक ओर खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों को अपनी फसलों का उचित मूल्य हासिल करने में भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में खाद की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती है।
रामां के अनुसार, देश में किसान हर साल करीब 40 लाख टन पोटाश खाद का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पोटाश की कीमत बढ़ने का असर बड़ी संख्या में किसानों की जेब पर पड़ सकता है।
खाद सब्सिडी बढ़ाने की मांग
भारतीय किसान यूनियन लखोवाल टिकैत ने केंद्र सरकार से खाद पर दी जाने वाली सब्सिडी बढ़ाने की मांग की है। किसान संगठन का कहना है कि इससे किसानों को बढ़ी हुई कीमतों से राहत मिल सकती है और कृषि उत्पादन की लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
सरूप सिंह रामां ने कहा कि सरकार को कृषि लागत को ध्यान में रखते हुए खाद की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ किसानों को पर्याप्त राहत देने के कदम उठाने चाहिए, ताकि बढ़ती लागत का बोझ किसानों पर कम किया जा सके।











