इंदौर के राजबाड़ा पर बस हादसे के बाद हुई तोड़फोड़ के मामले में एमजी रोड पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। पुलिस फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। हादसे में दो लोगों की मौत हुई थी।
मध्य प्रदेश: इंदौर के राजबाड़ा पर रविवार दोपहर बस हादसे के बाद हुई तोड़फोड़ के मामले में एमजी रोड पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एआईसीटीसीएल (AICTCL) की पीएम सेवा के तहत शुरू की गई बस से तीन लोगों के एक्सीडेंट के बाद भीड़ ने बस में पथराव कर उसके कांच तोड़ दिए थे। मामले में एमएस कांबिंग कंपनी के सुपरवाइजर तशील की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। पुलिस घटना के फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है।
तीन युवकों पर बस में पथराव का आरोप
सुपरवाइजर तशील ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि हादसे के बाद भीड़ अचानक बस में तोड़फोड़ करने लगी। शिकायत के मुताबिक, अभिषेक ठाकुर, विजय यादव और पंकज ने वहां मौजूद लोगों को उकसाया और बस पर पथराव किया।

पथराव के कारण बस के कांच टूट गए और वाहन को काफी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। पुलिस अब घटना के दौरान बनाए गए फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर उन लोगों की पहचान कर रही है, जो तोड़फोड़ में शामिल थे। पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।
ड्राइवर ने बताया- एक्सीलेटर दब गया था
बस हादसे के बाद पुलिस ने ड्राइवर धनराज गांगले को कुछ देर बाद हिरासत में लिया था। प्रारंभिक पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि उसने बस का हैंडब्रेक नहीं लगाया था। इसी दौरान ऑटोमेटिक बस का एक्सीलेटर दब गया, जिसके बाद हादसा हुआ।
इस हादसे में छोटू उर्फ गणेश और जितेंद्र शर्मा की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं राधेश्याम का अभी उपचार चल रहा है। हादसे के बाद राजबाड़ा क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और भीड़ ने बस को नुकसान पहुंचाया था।
लसूड़िया में सड़क हादसे में बैंक कर्मचारी की मौत
इंदौर के लसूड़िया इलाके में रविवार रात एक अन्य सड़क हादसे में बैंक कर्मचारी सुनील की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, हादसा रात करीब 9 बजे खालसा चौक पर हुआ। सुनील पुत्र प्रेमसिंह सेन, निवासी सिंगापुर ग्रीन, बाइक से घर जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सुनील एयू स्मॉल फाइनेंस कंपनी में नौकरी करते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। उनके माता-पिता और भाई शुजालपुर में रहते हैं। बताया गया है कि सुनील करीब 10 साल से इंदौर में रह रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात ट्रक और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।













