राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भाजपा का सवाल, कमाई 11 करोड़ तो खर्च 60 करोड़ कैसे?

भाजपा ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi की विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने उनकी घोषित आय और यात्रा खर्च के बीच अंतर पर निशाना साधते हुए

भाजपा सांसद Sambit Patra ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के विदेश दौरों और उन पर हुए कथित भारी-भरकम खर्च को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी की घोषित आय और विदेश यात्राओं पर होने वाले खर्च के बीच अंतर का हवाला देते हुए पूछा कि इन यात्राओं के लिए फंडिंग का स्रोत क्या है।

नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi की विदेश यात्राओं और उन पर कथित खर्च को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने उनकी घोषित आय और विदेश यात्राओं पर हुए खर्च के बीच बड़े अंतर पर सवाल खड़े करते हुए पारदर्शिता की मांग की है।

बीजेपी का आरोप क्या है?

बीजेपी सांसद Sambit Patra ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राहुल गांधी की घोषित आय और उनके विदेश दौरों पर हुए कथित खर्च में भारी अंतर है।पात्रा के अनुसार, राहुल गांधी ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग 11 करोड़ रुपये की आय घोषित की है, जबकि उनकी विदेश यात्राओं पर करीब 60 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि घोषित आय सीमित है, तो विदेश यात्राओं जैसे महंगे खर्चों का वित्तीय स्रोत क्या है। संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले 22 वर्षों से लोकसभा सांसद रहे हैं और इस दौरान उन्होंने कई निजी और राजनीतिक विदेश यात्राएं की हैं। बीजेपी के अनुसार, इन यात्राओं में इटली, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, वियतनाम, सिंगापुर, बहरीन, मालदीव, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। कुल मिलाकर इनकी संख्या लगभग 54 बताई गई है।

फंडिंग पर उठे सवाल

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भाजपा का सवाल, कमाई 11 करोड़ तो खर्च 60 करोड़ कैसे?

बीजेपी का मुख्य सवाल इन यात्राओं की फंडिंग को लेकर है। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड में इन यात्राओं की मौजूदगी तो दिखाई देती है, लेकिन इनके लिए वित्तीय स्रोत और खर्च का विवरण स्पष्ट नहीं है। Sambit Patra ने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेज, प्रेस रिपोर्ट और कार्यक्रमों के रिकॉर्ड से यह साबित होता है कि ये यात्राएं हुई हैं, लेकिन इनका भुगतान कैसे हुआ, यह स्पष्ट नहीं है।

बीजेपी ने राहुल गांधी के चुनावी हलफनामों का हवाला देते हुए दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2022-23 के बीच उनकी कुल घोषित आय लगभग 11 करोड़ रुपये रही है। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब आय सीमित है, तो 60 करोड़ रुपये तक के अनुमानित विदेशी यात्रा खर्च कैसे संभव हैं।

राजनीतिक विवाद तेज

इस मुद्दे ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। बीजेपी इस मामले में पारदर्शिता की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और चुनावी बहसों में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

Rahul Gandhi की विदेश यात्राएं पहले भी कई बार राजनीतिक चर्चा का विषय रही हैं। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर समय-समय पर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।

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