RAC Ticket Rules: रेलवे बोर्ड सख्त, AC कोच में RAC यात्रियों को मिलेगा अलग बेडरोल

RAC Ticket Holders News: रेलवे बोर्ड ने RAC टिकट वाले यात्रियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। AC कोच में यात्रा करने वाले RAC यात्रियों को अलग बेडरोल

रेलवे में RAC टिकट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। रेल मंत्रालय ने वर्ष 2009 में ही RAC यानी रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन टिकटधारी यात्रियों को अलग-अलग बेडरोल उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया था।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय रेलवे ने RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट वाले यात्रियों के अधिकारों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि RAC यात्रियों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। खासतौर पर एसी कोच में सफर करने वाले RAC यात्रियों को नियमों के अनुसार अलग-अलग बेडरोल किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

रेलवे बोर्ड का यह कदम उन शिकायतों के बाद आया है जिनमें यात्रियों ने आरोप लगाया था कि RAC टिकट होने के बावजूद उन्हें पूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से रेलवे तक अपनी शिकायतें पहुंचाई थीं।

रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को भेजी सख्त चिट्ठी

रेलवे बोर्ड ने 4 अगस्त को देश के सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों (GM) को पत्र भेजकर RAC यात्रियों को बेडरोल उपलब्ध कराने के नियम का सख्ती से पालन करने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि पहले भी कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद कुछ एसी कोचों में RAC यात्रियों को अलग-अलग बेडरोल किट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। 

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले जोन को इस व्यवस्था में सुधार करना होगा। रेलवे बोर्ड ने यह भी कहा कि RAC यात्री भी आरक्षित श्रेणी के यात्री होते हैं और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जानी चाहिए।

2009 से लागू है RAC यात्रियों के लिए अलग बेडरोल का नियम

RAC Ticket Rules: रेलवे बोर्ड सख्त, AC कोच में RAC यात्रियों को मिलेगा अलग बेडरोल

रेल मंत्रालय ने वर्ष 2009 में ही RAC टिकटधारकों के लिए अलग-अलग बेडरोल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया था। रेलवे बोर्ड द्वारा 23 सितंबर 2009 को जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया था कि यदि दो RAC यात्रियों को एक साइड लोअर बर्थ साझा करनी पड़ती है, तो दोनों यात्रियों को अलग-अलग बेडरोल किट दी जाएगी।

एक सामान्य बेडरोल किट में यात्रियों को एक कंबल, एक तकिया, तकिये का कवर, दो चादरें और एक हैंड टॉवल उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि, रेलवे बोर्ड के अनुसार, कई ट्रेनों में अभी भी दो RAC यात्रियों को एक ही बेडरोल किट दी जा रही है, जो निर्धारित नियमों के विपरीत है।

पहले भी जारी किए जा चुके हैं कई निर्देश

रेलवे बोर्ड ने बताया कि RAC यात्रियों को अलग बेडरोल देने के संबंध में जोनल रेलवे को पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं। इस मामले में 16 नवंबर 2016, 12 दिसंबर 2017 और 18 दिसंबर 2023 को भी पत्र जारी किए गए थे। इसके बावजूद कई जगहों पर नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। रेलवे का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से यात्रियों में असंतोष बढ़ता है और रेलवे की छवि प्रभावित होती है। कई मामलों में यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है, जबकि कुछ लोग उपभोक्ता फोरम तक भी पहुंचे हैं।

क्या होता है RAC टिकट?

RAC यानी Reservation Against Cancellation भारतीय रेलवे की एक विशेष आरक्षण व्यवस्था है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों को आरक्षित श्रेणी में यात्रा का अवसर देना है। RAC टिकट वाले यात्रियों को आमतौर पर पूरी बर्थ की जगह साझा बर्थ उपलब्ध कराई जाती है। एसी और स्लीपर कोच में कुछ साइड लोअर बर्थ को RAC यात्रियों के लिए निर्धारित किया जाता है, जहां दो यात्रियों को यात्रा की सुविधा दी जाती है। यदि किसी आरक्षित यात्री की यात्रा रद्द हो जाती है या कोई बर्थ खाली रह जाती है, तो RAC यात्री को पूरी बर्थ मिलने की संभावना रहती है।

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