हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल के हिमाचल दौरे के बीच पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस प्रदेश संगठन की बैठकों और कार्यकर्ता सम्मेलनों का सिलसिला आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में शिमला में 25 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित की गई है। इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी है। रजनी पाटिल भी बैठक में मौजूद रहेंगी।
रजनी पाटिल हिमाचल में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा के लिए लगातार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद कर रही हैं। इससे पहले 24 सितंबर को सोलन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में भी वह मौजूद रहीं। वहां बूथ स्तर से लेकर जोन और ब्लॉक स्तर तक संगठन को सक्रिय करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कांग्रेस ने सोलन के सम्मेलन को संगठनात्मक तैयारियों के अभियान के तौर पर आयोजित किया था।
सोलन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, संगठन महामंत्री विनोद जिंटा, सह प्रभारी विनीत चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संगठन की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक ले जाने और बूथ स्तर पर समितियों को सक्रिय करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
अब 25 सितंबर की शिमला बैठक पर पार्टी की नजर है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में होने वाली बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों को बुलाया गया है। बैठक में संगठन के कामकाज की समीक्षा के साथ आने वाले दिनों के कार्यक्रमों और संगठन को सक्रिय रखने की रणनीति पर चर्चा होनी है। पार्टी अध्यक्ष विनय कुमार पहले ही संकेत दे चुके हैं कि संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रियता नहीं दिखाने वाले पदाधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है।
रजनी पाटिल के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रदेश मामलों के सह प्रभारी चेतन चौहान और विधित चौधरी के भी बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस संगठन के कामकाज की समीक्षा करना बताया गया है। इसके साथ ही जिला और प्रदेश स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को किस तरह आगे बढ़ाया जाए, इस पर भी विचार-विमर्श किया जाना है।
हिमाचल कांग्रेस के लिए संगठनात्मक समीक्षा का यह दौर ऐसे समय में चल रहा है, जब पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जमीनी स्तर पर गतिविधियां बढ़ा रही है। सोलन में कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद बूथ, जोन और ब्लॉक स्तर पर समितियों को सक्रिय करने की योजना सामने आई है। पार्टी की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों, पार्षदों और स्थानीय पदाधिकारियों को भी संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की बात कही गई है।
सोलन के सम्मेलन में संगठन को मजबूत करने के लिए क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटकर समितियां बनाने की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य पार्टी के स्थानीय नेटवर्क को व्यवस्थित करना और कार्यकर्ताओं के बीच नियमित संवाद बनाए रखना बताया गया। इसके बाद शिमला में होने वाली प्रदेश स्तर की बैठक में इन गतिविधियों की समीक्षा की जानी है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस संगठन के बीच समन्वय भी इस दौर में चर्चा का विषय है। इससे पहले सितंबर में दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की बैठक में हिमाचल के सरकार और संगठन के कामकाज की समीक्षा की गई थी। उस बैठक में सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और रजनी पाटिल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। बैठक में संगठन को सक्रिय करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की जानकारी सामने आई थी।
हिमाचल कांग्रेस की मौजूदा गतिविधियों में संगठनात्मक बैठकों के साथ राजनीतिक मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन भी शामिल हैं। 25 सितंबर को शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की।
SIR को लेकर कांग्रेस की ओर से आपत्तियां जताई गई हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित नहीं होने चाहिए और प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता जरूरी है। शिमला के प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों और आपत्तियों को लेकर नारेबाजी की तथा मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी फूंका। ये आरोप और मांगें कांग्रेस की ओर से रखी गई हैं।
शिमला में होने वाली संगठनात्मक बैठक को इस पूरे घटनाक्रम से अलग देखा जाना चाहिए। एक तरफ पार्टी संगठन अपने पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ आंतरिक कामकाज की समीक्षा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस सार्वजनिक मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी कर रही है। दोनों गतिविधियां एक ही समय में चल रही हैं, लेकिन इनके उद्देश्य अलग हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने संगठनात्मक बैठकों को लेकर कहा है कि पार्टी के पदाधिकारियों की सक्रियता और संगठन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जाएगी। जो पदाधिकारी संगठनात्मक गतिविधियों में लगातार अनुपस्थित पाए जाएंगे, उनसे जवाब मांगे जाने की बात भी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे में सक्रियता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
रजनी पाटिल के हिमाचल दौरे में सोलन के बाद शिमला में प्रदेश स्तर की गतिविधियां महत्वपूर्ण हो गई हैं। सोलन में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और सम्मेलन के बाद अब प्रदेश पदाधिकारियों तथा जिला अध्यक्षों के साथ बैठक होनी है। इसके बाद पार्टी की ओर से आगे के संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा सामने आने की संभावना है।
इस बीच हिमाचल में कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यक्रमों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने अभी किसी चुनावी परिणाम या सीटों को लेकर कोई अंतिम तस्वीर पेश नहीं की है, लेकिन बूथ और जोन स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सोलन में आयोजित सम्मेलन और शिमला की बैठक इसी संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
रजनी पाटिल की भूमिका प्रदेश कांग्रेस संगठन और पार्टी हाईकमान के बीच समन्वय से जुड़ी है। ऐसे में उनकी मौजूदगी में होने वाली बैठकों में संगठन की स्थिति, पदाधिकारियों की सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 25 सितंबर की बैठक में जिला स्तर से जुड़े मुद्दों को भी सामने रखा जा सकता है।
हिमाचल कांग्रेस के सामने एक ओर सरकार और संगठन के बीच तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर पार्टी संगठन को जिलों और बूथ स्तर तक सक्रिय करने की प्रक्रिया चल रही है। सोलन सम्मेलन में स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भागीदारी के बाद अब प्रदेश स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। इससे आने वाले दिनों में संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तार होने की संभावना है।
फिलहाल शिमला में होने वाली बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की मौजूदगी रहेगी। रजनी पाटिल, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और प्रदेश मामलों के सह प्रभारी नेताओं की मौजूदगी में संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। बैठक के बाद पार्टी की ओर से आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर जानकारी सामने आ सकती है।
वहीं SIR को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन भी शिमला में जारी राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा रहा। निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया और आयोग के निर्णयों से स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर रजनी पाटिल के हिमाचल दौरे के दौरान कांग्रेस के संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यक्रम दोनों सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। सोलन में कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद शिमला में प्रदेश स्तर की बैठक हो रही है। बैठक में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा, पदाधिकारियों की सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा होगी। इसी दौरान पार्टी ने SIR के मुद्दे पर निर्वाचन विभाग के बाहर प्रदर्शन भी किया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों का अगला चरण सामने आ सकता है।











