Jodhpur के बासनी मनणा गांव में ससुर की मौत के सदमे में बहू मंजू कंवर को ब्रेन हेमरेज हो गया। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। दो दिनों में एक ही परिवार से दो अर्थियां उठने से गांव में मातम छा गया।
जोधपुर: राजस्थान के Jodhpur जिले से सामने आई एक भावुक घटना ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डाल दिया है। बासनी मनणा गांव में एक ही परिवार ने दो दिनों के भीतर अपने दो सदस्यों को खो दिया। पहले 95 वर्षीय बुजुर्ग अमृतसिंह का बीमारी के कारण निधन हुआ और उसके कुछ घंटों बाद उनकी पुत्रवधु मंजू कंवर को ब्रेन हेमरेज हो गया। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को भावुक कर दिया। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि मंजू कंवर अपने ससुर की बेटी की तरह सेवा करती थीं और उनकी मौत का सदमा सहन नहीं कर सकीं।
बीमारी के चलते बुजुर्ग की हुई मौत
यह मामला Basni Manna गांव का है, जहां 95 वर्षीय अमृतसिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
परिजनों के अनुसार, 11 मई की शाम करीब 6 बजे उनका निधन हो गया। घर में शोक का माहौल फैल गया और परिवार के सदस्य गहरे दुख में डूब गए।
ग्रामीणों का कहना है कि अमृतसिंह गांव में सम्मानित बुजुर्गों में गिने जाते थे और परिवार के सभी लोग उनका बेहद आदर करते थे।
ससुर की मौत के बाद बहू को लगा गहरा सदमा
अमृतसिंह की मौत के बाद उनकी 47 वर्षीय पुत्रवधु मंजू कंवर काफी भावुक हो गईं। परिवार के लोगों ने बताया कि वह लगातार रो रही थीं और मानसिक रूप से टूट चुकी थीं।
कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तेज सिरदर्द और बेचैनी की शिकायत हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे।
डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ है। हालत गंभीर होने पर उन्हें MDM Hospital में भर्ती कराया गया।
हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद 12 मई की दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दो दिनों में दो अर्थियां उठने से गांव में मातम
11 मई को अमृतसिंह का निधन हुआ और अगले दिन उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई।
परिजन अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाए थे कि अस्पताल से मंजू कंवर की मौत की खबर आ गई। इसके बाद 13 मई को उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई।
दो दिनों के भीतर एक ही घर से ससुर और बहू की अर्थियां उठने से पूरे गांव में गहरा शोक छा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा दुखद दृश्य गांव ने पहले कभी नहीं देखा।

पिता की तरह करती थीं ससुर की सेवा
परिवार और गांव के लोगों के मुताबिक मंजू कंवर और उनके ससुर अमृतसिंह के बीच बेहद आत्मीय रिश्ता था।
परिजनों ने बताया कि मंजू कंवर अपने ससुर की बेटी की तरह देखभाल करती थीं। बीमारी के दौरान उन्होंने उनकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी।
ग्रामीणों का कहना है कि मंजू कंवर परिवार को साथ लेकर चलने वाली और जिम्मेदार महिला थीं। गांव में भी उनका व्यवहार बेहद मिलनसार माना जाता था।
मंजू कंवर का मायका Pali जिले के धुरासनी गांव में है।
उनके भाई नारायण सिंह और राजेंद्र सिंह पाली शहर के सुंदर नगर क्षेत्र में रहते हैं। बहन की अचानक मौत की खबर मिलने के बाद पूरा मायका परिवार भी सदमे में है।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें अब तक यकीन नहीं हो रहा कि कुछ दिन पहले तक जो परिवार के साथ हंस-बोल रही थीं, वे अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
मंजू कंवर के परिवार में दो बेटे हैं।
उनका बड़ा बेटा 24 वर्षीय श्याम सिंह Jaipur में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा 22 वर्षीय समरसिंह पाली में एक निजी स्कूल के प्रबंधन से जुड़ा हुआ है।
परिवार के अनुसार, दोनों बेटों की शादी नवंबर 2026 में तय की गई थी। घर में शादी की तैयारियों और चर्चाओं का माहौल था।
मंजू कंवर खुद भी तैयारियों में काफी रुचि ले रही थीं और परिवार के साथ योजनाएं बना रही थीं। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
भतीजी की शादी में किया था डांस
मंजू कंवर के बड़े भाई नारायण सिंह ने बताया कि नवंबर 2025 में उनकी बेटी आरती की शादी हुई थी।
उस दौरान मंजू कंवर कई दिन पहले ही शादी में पहुंच गई थीं और सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। उन्होंने शादी समारोह में परिवार के साथ डांस भी किया था।
परिवार के सदस्य बताते हैं कि वह अक्सर मजाक में कहती थीं कि नवंबर 2026 में अपने बेटों की शादी में भी सभी को जमकर नाचना होगा। आज परिवार उन्हीं यादों को याद कर भावुक हो रहा है।
परिवार में निभाती थीं अहम भूमिका
परिवार के अनुसार, मंजू कंवर चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थीं।
उनकी बड़ी बहन किरण कंवर हैं, जबकि उनसे बड़े भाई नारायण सिंह और छोटे भाई राजेंद्र सिंह हैं।
परिवार के लोगों का कहना है कि मंजू कंवर सभी भाई-बहनों को साथ लेकर चलती थीं और परिवार की एक मजबूत कड़ी थीं।
मानसिक और भावनात्मक सदमे पर विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि गहरे मानसिक और भावनात्मक सदमे का असर शरीर पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
अचानक हुए दुख, तनाव और अत्यधिक भावनात्मक दबाव से कई बार ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ जाता है, जिससे ब्रेन हेमरेज या हार्ट अटैक जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि परिवार में किसी बड़े हादसे या मृत्यु के बाद मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी होता है।
पूरे गांव में शोक का माहौल
Basni Manna गांव में इस घटना के बाद शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
ग्रामीणों ने कहा कि मंजू कंवर का स्वभाव बेहद सरल और सहयोगी था, इसलिए उनकी अचानक मौत से पूरा गांव दुखी है।











