अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए CEO के नाम का ऐलान जल्द हो सकता है। जानकारी के मुताबिक, CEO पद के लिए अब 6 संभावित नामों की सूची तैयार की गई है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए ट्रस्ट के पास भेज दिया गया है।
Ram Mandir Trust CEO: अयोध्या में राम मंदिर के संचालन और प्रशासन से जुड़े ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी चल रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर बुधवार, 2 सितंबर को अहम बैठक होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक, CEO पद के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संभावित उम्मीदवारों के नाम ट्रस्ट के सामने रखे गए हैं।
CEO की नियुक्ति का अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में होने की उम्मीद है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी के लिए किस व्यक्ति को चुना गया है।
CEO पद के लिए हजारों आवेदन आए
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार CEO के चयन के लिए व्यापक प्रक्रिया अपनाई गई। इस पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की समीक्षा के बाद 16 उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना गया और उनके साथ विस्तृत चर्चा तथा इंटरव्यू किया गया। इसके बाद चयन समिति ने योग्य उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा ट्रस्ट द्वारा की जाएगी।
रिपोर्टों में कहा गया है कि संभावित नामों में पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्र और पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर मिश्रा का नाम भी शामिल है। हालांकि, अंतिम चयन होने तक किसी नाम को CEO के तौर पर तय मानना उचित नहीं होगा।
अयोध्या में होने वाली बैठक पर नजर
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राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मणिराम दास छावनी स्थित आवास पर बुधवार को बैठक होने की संभावना है। इसी बैठक में CEO की नियुक्ति सहित ट्रस्ट से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला हो सकता है। चयन प्रक्रिया से जुड़े समिति के सदस्य भी अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और विशेषज्ञ सदस्य सुरेश हावरे शामिल बताए जा रहे हैं।
चंपत राय के इस्तीफे के बाद बढ़ी अहमियत
राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक पदों को लेकर यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब हाल के महीनों में ट्रस्ट के भीतर कुछ महत्वपूर्ण पद खाली हुए हैं। पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद दो पद रिक्त हुए हैं। वहीं ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद एक अन्य पद खाली हुआ। इन घटनाक्रमों के बीच CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ट्रस्ट में तीन अन्य पदों पर भी हो सकता है फैसला
CEO के अलावा बुधवार की बैठक में ट्रस्ट के दो सदस्यों और महासचिव के रिक्त पदों को भरने पर भी चर्चा होने की संभावना है। इन पदों पर नियुक्तियां होने के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक संरचना को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है। यानी बुधवार की बैठक केवल CEO के चयन तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि ट्रस्ट के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे को लेकर भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि महाराष्ट्र से जुड़े जगदीश आफले को ट्रस्ट के सचिव पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्हें राम मंदिर निर्माण परियोजना से जुड़े प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कार्यों का अनुभव बताया जाता है और उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी बताया गया है। हालांकि, इस तरह की नियुक्तियों को लेकर अंतिम स्थिति ट्रस्ट की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।









