रामपुर की जुड़वां बहनों तुबा और खिजरा का आधार कार्ड बायोमेट्रिक समानता के कारण तीन महीने से अटका था। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप और UIDAI से संपर्क के बाद अपवाद नियमों के तहत दोनों के आधार कार्ड जारी किए गए।
रामपुर: रामपुर में जुड़वां बहनों तुबा जुबैर और खिजरा जुबैर को तीन महीने बाद आधार कार्ड मिल सका। दोनों की बायोमेट्रिक जानकारी में समानता के कारण आधार पंजीकरण के दौरान दूसरी बच्ची का डेटा डुप्लीकेट बताकर आवेदन खारिज हो रहा था। परिवार की शिकायत पर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने UIDAI से संपर्क किया, जिसके बाद विशेष प्रक्रिया के तहत दोनों बच्चियों के आधार कार्ड जारी किए गए।
बायोमेट्रिक समानता के कारण अटका आधार
मोहल्ला खारी कुआं निवासी जुबैर इल्यास की जुड़वां बेटियों तुबा जुबैर और खिजरा जुबैर के आधार कार्ड बनाने में तकनीकी समस्या सामने आ रही थी। आधार पंजीकरण के दौरान दोनों बच्चियों के फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतलियों यानी रेटिना से जुड़ी बायोमेट्रिक जानकारी में समानता के कारण सिस्टम दोनों की पहचान को एक जैसा मान रहा था।
इस वजह से एक बच्ची का आधार कार्ड बनने के बाद दूसरी बच्ची का डेटा डुप्लीकेट के तौर पर चिन्हित होकर आवेदन अस्वीकार हो जाता था। परिवार की ओर से कई प्रयास किए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। दूसरी बेटी का आधार कार्ड नहीं बन पाने के कारण पिता जुबैर इल्यास लगातार परेशान थे।
जनता दर्शन में पहुंचा परिवार
लगातार समस्या का समाधान नहीं होने पर जुबैर इल्यास कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन में पहुंचे और जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के सामने अपनी समस्या रखी। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चियों के आधार पंजीकरण में आ रही तकनीकी समस्या को समझने के बाद समाधान के लिए UIDAI से संपर्क किया।
डीएम ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय के CEO भुवनेश कुमार को जुड़वां बच्चियों के मामले की जानकारी दी। उन्होंने बायोमेट्रिक समानता के कारण आधार पंजीकरण में आ रही परेशानी के समाधान के लिए हस्तक्षेप का अनुरोध किया।
अपवाद नियमों के तहत दोनों के आधार जारी
मामले की जानकारी मिलने के बाद UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने लखनऊ के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद विशेष अपवाद नियमों के तहत दोनों बच्चियों के दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब तुबा और खिजरा दोनों के आधार कार्ड बन गए हैं। इस तरह तीन महीने से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया और दोनों बच्चियों को अलग-अलग आधिकारिक पहचान मिल गई।
पिता ने डीएम का जताया आभार
सोमवार को जुबैर इल्यास अपनी दोनों बेटियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और आधार कार्ड बनवाने में मदद के लिए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी का आभार जताया। परिवार ने प्रशासन और UIDAI की ओर से किए गए प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आधार कार्ड जारी होने के बाद दोनों बच्चियां नियमानुसार सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी सेवाओं का लाभ ले सकेंगी। जुड़वां बहनों के मामले में प्रशासन और UIDAI के हस्तक्षेप से बायोमेट्रिक समानता के कारण सामने आई तकनीकी समस्या का समाधान हो सका।











