रानी मुखर्जी ने अपने लंबे फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक चुनौतीपूर्ण और दमदार किरदार निभाए हैं। उन्होंने पर्दे पर ऐसी महिलाओं की कहानियों को जीवंत किया, जिन्होंने सामाजिक सोच को चुनौती देने के साथ-साथ मुश्किल परिस्थितियों में हिम्मत और मजबूती का परिचय दिया।
Rani Mukerji IFFM 2026: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी के लिए साल 2026 खास उपलब्धि लेकर आया है। भारतीय सिनेमा में तीन दशक से ज्यादा समय तक अपने अभिनय से पहचान बनाने वाली रानी मुखर्जी को इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2026 में विशेष सम्मान से नवाजा गया है। अभिनेत्री को सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्पेशल सिटेशन प्रदान किया गया।
रानी मुखर्जी ने अपने लंबे करियर में केवल व्यावसायिक फिल्मों में ही काम नहीं किया, बल्कि ऐसे किरदार भी निभाए जिन्होंने सामाजिक सोच, महिला सशक्तिकरण, संघर्ष और व्यक्तिगत दृढ़ता जैसे मुद्दों को पर्दे पर मजबूती से पेश किया। उनके अभिनय की खासियत रही है कि उन्होंने अलग-अलग तरह की महिलाओं के किरदारों में भावनात्मक गहराई और सहजता दिखाई।
तीन दशक के करियर को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
रानी मुखर्जी का फिल्मी सफर तीन दशक से भी अधिक समय का हो चुका है। इस दौरान उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और अपनी अलग पहचान बनाई। IFFM की ओर से मिला यह सम्मान उनके लंबे सिनेमाई योगदान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान के तौर पर देखा जा रहा है। रानी ने अपने करियर में रोमांस, ड्रामा, सामाजिक मुद्दों और महिला-केंद्रित कहानियों से लेकर चुनौतीपूर्ण किरदारों तक कई तरह की भूमिकाएं की हैं। उनकी फिल्मों ने भारत के अलावा विदेशों में रहने वाले भारतीय दर्शकों के बीच भी मजबूत लोकप्रियता हासिल की है।
‘ब्लैक’ से ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ तक यादगार काम
रानी मुखर्जी की फिल्मोग्राफी में कई ऐसी फिल्में शामिल हैं, जिन्हें उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है। ‘हम तुम’, ‘युवा’, ‘ब्लैक’, ‘बंटी और बबली’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘हिचकी’, ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिली।
‘ब्लैक’ में उन्होंने चुनौतीपूर्ण किरदार के जरिए अपनी अभिनय क्षमता का अलग पक्ष दिखाया। वहीं ‘नो वन किल्ड जेसिका’ में उन्होंने एक जुझारू पत्रकार की भूमिका निभाई। ‘हिचकी’ में उन्होंने एक शिक्षिका के संघर्ष को पर्दे पर उतारा, जबकि ‘मर्दानी’ सीरीज में एक मजबूत महिला पुलिस अधिकारी के रूप में नजर आईं।
‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ में भी रानी ने एक मां के संघर्ष और अपने बच्चों के लिए लड़ाई की भावनात्मक कहानी को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। इन भूमिकाओं ने उन्हें केवल लोकप्रिय अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि विविध और मजबूत किरदारों के लिए पहचानी जाने वाली कलाकार बनाया।

सम्मान मिलने पर रानी ने क्या कहा?
IFFM 2026 में सम्मान मिलने के बाद रानी मुखर्जी ने अपने लंबे सफर को याद करते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्में, उनके किरदार और उनकी आवाज घर से बहुत दूर तक पहुंची हैं। उनके लिए यह सफर बेहद खास और भावनात्मक रहा है। अभिनेत्री के इस बयान में उनके अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के साथ जुड़ाव की झलक भी दिखाई देती है।
भारतीय फिल्मों की कहानियां अब केवल देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंच रही हैं। ऐसे में भारतीय कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में मिलने वाले सम्मान इस वैश्विक पहुंच को और मजबूत करते हैं।
भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच का भी प्रतीक
रानी मुखर्जी को मिला यह सम्मान उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि होने के साथ-साथ भारतीय सिनेमा की बढ़ती वैश्विक पहचान को भी दर्शाता है। भारतीय कलाकारों और फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार जगह मिल रही है। रानी की फिल्मों में अक्सर भारतीय समाज, परिवार, महिलाओं की स्थिति और व्यक्तिगत संघर्ष जैसे विषय देखने को मिले हैं।
इन कहानियों की भावनात्मक अपील अलग-अलग देशों के दर्शकों से भी जुड़ती रही है। यही वजह है कि उनका तीन दशक लंबा सफर भारतीय सिनेमा के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव की एक मिसाल माना जा सकता है। इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2026 का आयोजन 13 अगस्त से 23 अगस्त तक किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित फिल्म समारोह में भारत और भारतीय मूल के कलाकारों, फिल्म निर्माताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी फिल्मों को मंच दिया जा रहा है।












