रेल नीर और टिकटिंग से अरबों की कमाई: जानिए कैसे IRCTC ने बढ़ाई अपनी कमाई

IRCTC ने चौथी तिमाही में 358 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। रेल नीर से 96 करोड़, कैटरिंग से 529 करोड़ और टिकटिंग से 372 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

IRCTC यानी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन ने वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में शानदार मुनाफा दर्ज किया है। खास बात यह है कि पानी की बोतल से लेकर खाने-पीने की सेवाओं और टिकट बुकिंग से IRCTC की कमाई में जबरदस्त इजाफा हुआ है। चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 358 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 284 करोड़ रुपये था।

रेल नीर से कितनी कमाई हुई?

अगर आप ट्रेन में सफर करते हैं तो आपने 15 रुपये में मिलने वाली रेल नीर की बोतल जरूर खरीदी होगी। इसी बोतल की बिक्री से IRCTC ने वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 96 करोड़ रुपये की कमाई की है। खास बात यह है कि पिछले साल की तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) में भी इतनी ही कमाई हुई थी। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में यह कमाई 83 करोड़ रुपये थी, यानी इस बार करीब 13 करोड़ रुपये ज्यादा की आमदनी हुई है।

कैटरिंग से बढ़ी आमदनी

ट्रेन में मिलने वाला खाना भी IRCTC की कमाई का बड़ा जरिया है। चौथी तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, कैटरिंग सेवाओं से कंपनी ने 529 करोड़ रुपये की कमाई की है। हालांकि, यह आंकड़ा तीसरी तिमाही के 555 करोड़ रुपये से थोड़ा कम है। पिछले साल की चौथी तिमाही में यह कमाई 531 करोड़ रुपये रही थी।

इंटरनेट टिकटिंग बना सबसे बड़ा सोर्स

IRCTC के लिए सबसे ज्यादा मुनाफा इंटरनेट टिकटिंग से हुआ है। चौथी तिमाही में टिकट बुकिंग से कंपनी ने 372 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो तीसरी तिमाही के 354 करोड़ रुपये से ज्यादा है। हालांकि, अगर पिछले साल की चौथी तिमाही से तुलना करें तो यह आंकड़ा काफी कम है, क्योंकि उस समय टिकटिंग से 2342 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।

कुल मुनाफा और ऑपरेशन्स

IRCTC का कुल ऑपरेशनल मुनाफा 10 प्रतिशत बढ़कर 1269 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 1152 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी का शुद्ध मुनाफा 358 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 284 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Leave a comment