Ridhima Pathak: रिद्धिमा पाठक ने कहा- ‘क्रिकेट सच का हकदार है’

Ridhima Pathak: रिद्धिमा पाठक ने कहा- ‘क्रिकेट सच का हकदार है’

भारत और बांग्लादेश के बीच खेल संबंधों में एक बार फिर तनाव देखने को मिल रहा है। इस बार विवाद बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) से जुड़ा है, जहां भारतीय स्पोर्ट्स प्रेजेंटर रिद्धिमा पाठक को लेकर सुर्खियां बनीं।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय खेल प्रसारण जगत की जानी-मानी प्रेजेंटर रिद्धिमा पाठक हाल ही में बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) से हटने को लेकर सुर्खियों में हैं। बांग्लादेशी मीडिया में खबरें आई थीं कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने उन्हें लीग के होस्टिंग पैनल से हटा दिया है। हालांकि, रिद्धिमा ने स्वयं स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था और बीसीबी की कोई कार्रवाई नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनके लिए देश पहले है और क्रिकेट हमेशा ईमानदारी और सच्चाई का हकदार है।

कौन हैं रिद्धिमा पाठक?

रिद्धिमा पाठक भारतीय खेल पत्रकारिता और प्रसारण की एक प्रतिष्ठित आवाज हैं। उन्होंने वर्षों तक क्रिकेट कवरेज में पेशेवर और संतुलित रवैया बनाए रखा है। न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में आयोजित लीग्स में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उनकी पहचान हमेशा ईमानदारी, निष्पक्षता और खेल के प्रति सम्मान के लिए रही है।

बीपीएल से जुड़ा यह विवाद केवल एक लीग तक सीमित नहीं रहा बल्कि भारत-बांग्लादेश के खेल और कूटनीतिक रिश्तों की व्यापक तस्वीर से जुड़ गया है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तीन जनवरी 2026 को हुई, जब बीसीसीआई ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को निर्देश दिया कि वे बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करें। 

इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने IPL के प्रसारण पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाया और आगामी टी20 विश्व कप में अपने मैच भारत के बजाय श्रीलंका में कराने की मांग की। इस बीच, बांग्लादेशी मीडिया में यह खबर उभरी कि रिद्धिमा पाठक को बीपीएल के होस्टिंग पैनल से हटा दिया गया।

रिद्धिमा पाठक का बयान

रिद्धिमा पाठक ने सोशल मीडिया पर खुद स्थिति स्पष्ट करते हुए लिखा, पिछले कुछ घंटों में यह नैरेटिव चलाया जा रहा है कि मुझे बीपीएल से ड्रॉप कर दिया गया। यह सच नहीं है। यह मेरा निजी फैसला था कि मैं खुद इस लीग से हटूं। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि उनके लिए देश सर्वोपरि है और क्रिकेट हमेशा ऊपर है। उन्होंने लिखा, मैंने वर्षों तक इस खेल की सेवा ईमानदारी, सम्मान और जुनून के साथ की है। यह कभी नहीं बदलेगा।

रिद्धिमा पाठक ने अपने बयान के अंत में स्पष्ट शब्दों में कहा, मैं ईमानदारी, स्पष्टता और खेल की भावना के साथ खड़ी रहूंगी। जिन्होंने मेरा समर्थन किया, आप सभी के मैसेज के लिए धन्यवाद। आप जितना सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा आपके मैसेज मेरे लिए मायने रखते हैं। क्रिकेट सच का हकदार है। बस। इस पर मेरी ओर से कोई और टिप्पणी नहीं होगी। रिद्धिमा के इस स्टैंड को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला। उनके फॉलोअर्स और क्रिकेट प्रेमियों ने उनके निर्णय और नैतिक साहस की सराहना की।

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