जसराज परिहार ने दुकान पर रोज 10 घंटे काम करते हुए बैंक परीक्षा की तैयारी की। खाली समय में जेब से नोट्स निकालकर पढ़ते थे। परीक्षा से तीन महीने पहले नौकरी छोड़ी और फरवरी 2026 में RRB PO का फाइनल रिजल्ट पास कर बैंक अफसर बन गए।
RRB PO Success Story: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे कई युवाओं के सामने सबसे बड़ी परेशानी समय और पैसों की होती है। जसराज परिहार के साथ भी कुछ ऐसा ही था। घर की जिम्मेदारियां निभाने के लिए उन्हें दुकान पर सेल्समैन की नौकरी करनी पड़ती थी। दिन के 10 घंटे काम में निकल जाते थे, लेकिन उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी। कभी सुबह तो कभी रात में किताबें खोलते थे। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने RRB PO परीक्षा पास कर ली।
सुबह पढ़ाई, दिनभर दुकान पर काम और रात में फिर किताबें
जसराज परिहार एक सामान्य परिवार से आते हैं। परिवार की आर्थिक जरूरतों को देखते हुए उन्होंने सेल्समैन की नौकरी शुरू की थी। लेकिन वह लंबे समय तक इसी काम में नहीं रहना चाहते थे। उनका सपना सरकारी नौकरी पाने का था। इसके लिए उन्होंने काम के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया।
जसराज सुबह जल्दी उठकर कुछ घंटे पढ़ाई करते थे। इसके बाद सुबह 11 बजे दुकान पहुंच जाते और रात 9 बजे तक काम करते थे। घर लौटने के बाद भी वह करीब तीन घंटे पढ़ाई के लिए निकालते थे।
फिजिक्स वाला (PW) को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनका लक्ष्य SSC CGL परीक्षा पास करना था। बाद में उन्होंने बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी करने का फैसला लिया। नौकरी के कारण उनके पास पढ़ाई के लिए बहुत कम समय बचता था। इसलिए वह दिन के छोटे-छोटे खाली समय का भी इस्तेमाल करते थे।
जसराज जब घर से दुकान के लिए निकलते थे, तो अपनी जेब में छोटे नोट्स और बुकलेट रख लेते थे। दुकान पर जब ग्राहकों की भीड़ कम होती थी, तब वह इन्हें निकालकर पढ़ने लगते थे। इससे उन्हें पढ़े हुए टॉपिक दोहराने का मौका मिल जाता था।
उनकी दिनचर्या आसान नहीं थी। पूरे दिन काम करने के बाद रात में पढ़ाई करना पड़ता था। फिर भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और धीरे-धीरे बैंक परीक्षा के जरूरी विषयों पर पकड़ बनाई।
परीक्षा से तीन महीने पहले छोड़ दी नौकरी, ऐसे बनाया पढ़ाई का प्लान
RRB PO की प्रारंभिक परीक्षा से करीब तीन महीने पहले जसराज ने सेल्समैन की नौकरी छोड़ने का फैसला किया। वह अपनी पूरी तैयारी को अंतिम रूप देना चाहते थे। नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें पढ़ाई और मॉक टेस्ट के लिए ज्यादा समय मिलने लगा।
जसराज ने बताया कि रीजनिंग और इंग्लिश उनके पसंदीदा विषय थे। उन्होंने रीजनिंग के सवालों को बोझ समझने के बजाय दिलचस्प तरीके से हल करना सीखा। वहीं, इंग्लिश के लिए सबसे पहले बेसिक ग्रामर पर ध्यान दिया।
उनकी तैयारी में यूट्यूब की रिकॉर्डेड क्लास का भी बड़ा योगदान रहा। इससे वह अपनी जरूरत और समय के हिसाब से पढ़ सकते थे। किसी टॉपिक को समझने में परेशानी होने पर रिकॉर्डेड वीडियो दोबारा देखने की सुविधा भी मिलती थी।
उन्होंने करीब 80 प्रतिशत सिलेबस पूरा करने के बाद नियमित मॉक टेस्ट देने शुरू किए। इससे उन्हें सवाल हल करने की स्पीड बढ़ाने और अपनी गलतियां समझने में मदद मिली। वह लगातार अभ्यास करते रहे और परीक्षा के लिए अपनी तैयारी को बेहतर बनाया।
23 फरवरी को आया रिजल्ट, मां को सबसे पहले दी खुशखबरी
जसराज परिहार ने दिसंबर 2025 में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की ऑफिसर स्केल-I प्रारंभिक परीक्षा पास की। इसके बाद 21 जनवरी 2026 को आयोजित मुख्य परीक्षा में भी उन्हें सफलता मिली। अगला चरण इंटरव्यू का था, जिसे पार करने के बाद उन्हें फाइनल रिजल्ट का इंतजार था।
23 फरवरी 2026 को RRB PO 2025 का अंतिम परिणाम घोषित हुआ। इसमें जसराज परिहार का नाम भी शामिल था। लंबे समय तक दुकान पर काम करने और पढ़ाई के बीच तालमेल बैठाने वाले जसराज अब बैंक अधिकारी बनने में सफल हो चुके थे।
रिजल्ट देखने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपनी मां को खुशखबरी सुनाई। जसराज अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता को देते हैं। उनका कहना है कि पिता ने परिवार के लिए बहुत मेहनत की और मां ने भी कई त्याग किए। इन्हीं बातों ने उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी।
जसराज की कहानी उन युवाओं के लिए उपयोगी है, जो नौकरी करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए उपलब्ध समय का इस्तेमाल किया, कमजोरियों पर काम किया और परीक्षा से पहले नियमित अभ्यास किया।
उनका सफर बताता है कि तैयारी के लिए सिर्फ लंबे घंटे पढ़ना ही जरूरी नहीं है। पढ़ाई का सही तरीका, लगातार अभ्यास और अपनी गलतियों को सुधारना भी मायने रखता है। नौकरी के साथ परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवार जसराज के अनुभव से अपने समय और पढ़ाई की योजना बनाने के तरीके सीख सकते हैं।







