रूस ने यूक्रेन पर मिसाइल और ड्रोन से व्यापक हमला किया, जिसमें दो बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई। कई शहरों में भारी नुकसान हुआ, जबकि सीमा के पास मिसाइल गतिविधि के बाद पोलैंड ने भी अपनी सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दीं।
रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर हिंसा तेज हो गई है। गुरुवार तड़के रूस ने यूक्रेन के कई हिस्सों पर मिसाइल और ड्रोन से व्यापक हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई, जिनमें दो मासूम बच्चियां भी शामिल हैं। कई अन्य लोग घायल हुए हैं और अनेक इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हमलों के बाद यूक्रेन के कई शहरों में आपातकालीन बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है क्योंकि कई स्थानों पर मलबा हटाने का काम जारी है।
ज़ेलेंस्की ने पहले ही दी थी हमले की चेतावनी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हमले से कुछ घंटे पहले ही चेतावनी दी थी कि रूस बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। उन्होंने नागरिकों से एयर रेड अलर्ट को गंभीरता से लेने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की थी। ज़ेलेंस्की ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से अतिरिक्त एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति तेज करने का भी आग्रह किया।
दो बच्चों समेत छह लोगों की मौत एक गांव में
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, मध्य यूक्रेन के क्रिवी रीह के पास स्थित एक गांव में बैलिस्टिक मिसाइल एक निजी मकान पर गिरी। इस हमले में पांच और बारह वर्ष की दो बच्चियों सहित छह लोगों की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। राहत एवं बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ेगा, हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।
कीव और पोल्टावा भी बने निशाना
यूक्रेन की राजधानी कीव में भी रातभर हमले जारी रहे। शहर के मेयर विताली क्लिट्स्को के अनुसार, हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और तीन गैर-आवासीय इमारतों में आग लग गई। दमकल विभाग ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं पोल्टावा शहर में भी एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की गई। अधिकारियों के अनुसार, एक डाक लॉजिस्टिक्स टर्मिनल को निशाना बनाया गया, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ।

ल्वीव में रिहायशी इलाकों को नुकसान
पश्चिमी यूक्रेन के ल्वीव शहर में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। शहर के मेयर एंड्री सादोवी ने बताया कि कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ लोग मलबे के नीचे फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए राहत दल और स्थानीय निवासी मिलकर अभियान चला रहे हैं। ल्वीव पर हमला इस बात का संकेत माना जा रहा है कि रूस अब पश्चिमी यूक्रेन के इलाकों को भी लगातार निशाना बना रहा है।
पोलैंड ने बढ़ाई सुरक्षा
हमलों के दौरान यूक्रेन की सीमा से सटे पोलैंड ने भी अपनी सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दीं। पोलैंड की सेना ने बताया कि पश्चिमी यूक्रेन के ऊपर कई मिसाइलों की गतिविधि देखे जाने के बाद लड़ाकू विमानों को तत्काल तैनात किया गया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, एक मिसाइल पोलैंड की सीमा से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी तक पहुंची थी, हालांकि बाद में उसने दिशा बदल ली। बाद में पोलैंड के ल्यूब्लिन प्रांत में सीमा के निकट एक खेत में लगभग 10 मीटर चौड़ा गड्ढा और मलबा मिला। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस ने भी इलाके में तेज धमाके की सूचना मिलने की पुष्टि की।
अमेरिका से अतिरिक्त रक्षा सहयोग की मांग
रूसी हमलों से पहले राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इस सप्ताह अमेरिका की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की थी। बैठक में उन्होंने यूक्रेन को पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के उत्पादन का लाइसेंस देने और वायु रक्षा क्षमता मजबूत करने की मांग रखी थी। ज़ेलेंस्की का कहना है कि लगातार बढ़ते बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की तत्काल आवश्यकता है।
रूस में भी हुआ हमला
इसी बीच रूस के पेंज़ा क्षेत्र में भी एक बड़े गोदाम पर रात के समय हमला हुआ। क्षेत्रीय प्रशासन के अनुसार, एक लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस को नुकसान पहुंचा और एक व्यक्ति घायल हुआ। यह गोदाम रूस की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज़ से जुड़ा बताया गया है। हाल के महीनों में ऐसे कई रणनीतिक और औद्योगिक ठिकाने यूक्रेनी हमलों के निशाने पर रहे हैं।
युद्ध का बढ़ता दायरा
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया हमले संकेत देते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मिसाइल और ड्रोन हमले अब केवल अग्रिम मोर्चों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि देश के अंदरूनी और पश्चिमी हिस्सों तक पहुंच रहे हैं। पोलैंड जैसे नाटो सदस्य देश की सीमा के पास मिसाइल गतिविधि ने यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ा दी है। यदि सीमा पार किसी प्रकार की घटना होती है तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।
मानवीय संकट और वैश्विक चिंता
लगातार हो रहे हमलों से यूक्रेन में मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। नागरिकों को बार-बार सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है, जबकि ऊर्जा, परिवहन और संचार जैसी बुनियादी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठन पहले ही दोनों पक्षों से नागरिक क्षेत्रों को निशाना न बनाने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करने की अपील कर चुके हैं। फिलहाल यूक्रेन में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और अधिकारी प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन कर रहे हैं। वहीं दुनिया की नजर इस बात पर बनी हुई है कि क्या आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज होगा या कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम करने की दिशा में कोई नई पहल सामने आएगी।










