रूस-यूक्रेन युद्ध: यूक्रेन ने दो रूसी तेल रिफाइनरियों पर लंबी दूरी से किया हमला, दोनों देशों में ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव

यूक्रेन ने रूस की दो प्रमुख तेल रिफाइनरियो पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले का दावा किया। दोनो देशो के बीच हमलो का सिलसिला जारी. जिसमे कई लोगो की मौत होने की आशंका है

यूक्रेन ने रूस की दो प्रमुख तेल रिफाइनरियों पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले का दावा किया है। वहीं रूस ने सैकड़ों ड्रोन मार गिराने की बात कही। दोनों देशों के बीच जारी हमलों में नागरिकों की मौत, घायल और ऊर्जा ढांचे को नुकसान की खबरें सामने आई हैं।

रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर नए चरण में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी सेना ने लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के जरिए रूस की दो महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है। दूसरी ओर रूस का कहना है कि उसने सैकड़ों यूक्रेनी ड्रोन को विभिन्न क्षेत्रों में मार गिराया, हालांकि कुछ ड्रोन के मलबे से तेल भंडारण टैंकों और अन्य नागरिक ढांचों को नुकसान पहुंचा। लगातार बढ़ते इन हमलों ने यह संकेत दिया है कि युद्ध अब केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक ऊर्जा और औद्योगिक ढांचे को भी निशाना बना रहे हैं।

राष्ट्रपति जेलेंस्की का दावा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने रूस के बश्कोर्तोस्तान स्थित बाशनेफ्ट-नोवोइल रिफाइनरी और यारोस्लाव क्षेत्र की स्लावनेफ्ट-यानोस रिफाइनरी पर सफल लंबी दूरी के हमले किए। उन्होंने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य रूस की सैन्य क्षमता को प्रभावित करना और युद्ध संचालन के लिए आवश्यक ऊर्जा आपूर्ति को कमजोर करना है।यूक्रेनी प्रशासन ने इसे हाल के समय की महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई बताते हुए कहा कि रणनीतिक लक्ष्यों पर सटीक हमले जारी रहेंगे।

यारोस्लाव में उठे काले धुएं के विशाल गुबार

हमले के बाद यारोस्लाव शहर के ऊपर काले धुएं का विशाल गुबार देखा गया। स्थानीय तस्वीरों और वीडियो में तेल भंडारण क्षेत्र के आसपास धुआं उठता दिखाई दिया। रूस के यारोस्लाव क्षेत्र के गवर्नर ने इसे अब तक का "सबसे बड़ा दुश्मन ड्रोन हमला" बताया। उनके अनुसार 93 ड्रोन नष्ट कर दिए गए, लेकिन गिरते मलबे से तेल भंडारण टैंक क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आग लग गई। हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए आपातकालीन सेवाओं को तुरंत तैनात कर दिया गया।

रूस का दावा- 605 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि बीते 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 605 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट किया गया। इनमें यारोस्लाव, ब्रायंस्क, कुर्स्क, निज़नी नोवगोरोद और अन्य सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं। रूस के अनुसार कई ड्रोन नागरिक क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे थे, जिन्हें वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया। हालांकि कुछ स्थानों पर ड्रोन के मलबे से आग लगने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी सामने आईं।

रूस में कई लोगों की मौत और घायल

रूसी अधिकारियों के अनुसार ब्रायंस्क क्षेत्र में ड्रोन हमले के दौरान एक कार पर हमला हुआ, जिसमें चालक की मौत हो गई। नोवोज़ीबकोव शहर में भी एक अन्य व्यक्ति की मौत की पुष्टि की गई है। कुर्स्क क्षेत्र में एक व्यक्ति की जान गई, जबकि छह अन्य घायल हुए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई। निज़नी नोवगोरोद में रेडियो जैमिंग के कारण एक ड्रोन पेड़ से टकराकर फट गया, जिसमें चार लोग घायल हुए। घायलों में एक बच्चा भी शामिल है।

यूक्रेन में भी जारी रहे रूसी हमले

दूसरी ओर रूस ने भी यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रखे। यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार खार्किव क्षेत्र में रेलवे स्टेशन पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हुई। बालाक्लिया में ड्रोन हमले से तीन लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए। ओडेसा के पास गेहूं लेकर जा रहे एक जहाज पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। सुमी शहर में नागरिक इमारतों और अपार्टमेंट ब्लॉकों पर हुए हमले में कम से कम 12 लोग घायल हुए।

कीव में अभी भी बुझाई जा रही आग

यूक्रेन की आपातकालीन सेवा के अनुसार 5 अगस्त को हुए रूसी हमलों के बाद कीव क्षेत्र के बुचा और ब्रोवेरी इलाकों में लगी आग पर काबू पाने का काम जारी है। दमकलकर्मी आग बुझाने के साथ-साथ विस्फोटक सामग्री की भी जांच कर रहे हैं ताकि राहत कार्य सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके। युद्ध के कारण कई आवासीय और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

ऊर्जा ढांचे पर बढ़ते हमले

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति तेज कर दी है। तेल रिफाइनरियां, ईंधन भंडारण केंद्र और लॉजिस्टिक वेयरहाउस ऐसे लक्ष्य बन रहे हैं जो रूस की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकते हैं। दूसरी ओर रूस लगातार यूक्रेन के बिजली ढांचे, रेलवे नेटवर्क, बंदरगाहों और औद्योगिक परिसरों पर हमले कर रहा है। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और नागरिक जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।

वायु रक्षा प्रणाली पर बढ़ा दबाव

यूक्रेन ने हाल के दिनों में स्वीकार किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव है। राष्ट्रपति जेलेंस्की पहले भी कह चुके हैं कि सहयोगी देशों से मिलने वाली एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। विशेष रूप से अमेरिकी पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी के कारण बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना चुनौतीपूर्ण हो गया है। नाटो देशों के साथ इस विषय पर लगातार बातचीत जारी है ताकि यूक्रेन को अतिरिक्त रक्षा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

युद्ध का बदलता स्वरूप

विश्लेषकों का कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अब पारंपरिक सैन्य मोर्चों से आगे बढ़कर रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की दिशा में बदल चुका है। ड्रोन तकनीक के व्यापक उपयोग ने युद्ध की प्रकृति बदल दी है। अब सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित ऊर्जा संयंत्र, रिफाइनरियां और सैन्य ठिकाने भी सीधे निशाने पर आ रहे हैं। इससे नागरिक आबादी, ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक गतिविधियों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

Leave a comment