शेयर बाजार में जारी गिरावट के बीच रेल विकास निगम लिमिटेड (Rail Vikas Nigam Limited) और एसबीआई कार्ड्स (SBI Cards and Payment Services) के शेयरों ने 52 सप्ताह का निचला स्तर छू लिया है।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दो प्रमुख कंपनियों—रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और SBI Cards and Payment Services—के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 8 जून को दोनों ही स्टॉक्स ने अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर को छू लिया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बिकवाली के दबाव के चलते दोनों शेयर जनवरी 2026 से ही डाउनट्रेंड में बने हुए हैं और अब तक भारी नुकसान दर्ज कर चुके हैं।
SBI Cards का प्रदर्शन: 32% की गिरावट
SBI Cards के शेयरों में इस साल अब तक तेज गिरावट देखने को मिली है। जनवरी में यह शेयर लगभग ₹861 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो अब गिरकर करीब ₹580 तक पहुंच गया है। इस तरह, कंपनी के शेयर में लगभग 32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। लगातार गिरावट के चलते यह स्टॉक अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, डिफॉल्ट रिस्क और उपभोक्ता खर्च में उतार-चढ़ाव इस गिरावट के प्रमुख कारण हो सकते हैं।
RVNL शेयर में भी 35% की गिरावट

रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के शेयरों में भी इस साल तेज दबाव देखा गया है। जनवरी में यह स्टॉक लगभग ₹359 के स्तर पर था, जो अब घटकर करीब ₹230 तक आ गया है। इस प्रकार, RVNL के शेयरों में करीब 35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह स्टॉक पहले निवेशकों के बीच रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर थीम के चलते काफी लोकप्रिय रहा था, लेकिन हाल के महीनों में इसमें लगातार कमजोरी देखने को मिली है।
लगातार बिकवाली का दबाव
दोनों ही शेयरों में पिछले कई हफ्तों से लगातार बिकवाली हावी रही है। बाजार में कमजोर सेंटीमेंट, सेक्टर-विशेष दबाव और मुनाफावसूली (profit booking) के चलते निवेशकों ने इन स्टॉक्स से दूरी बनाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब किसी स्टॉक में लगातार गिरावट आती है, तो तकनीकी रूप से भी निवेशक और ट्रेडर्स सतर्क हो जाते हैं, जिससे गिरावट और बढ़ सकती है।
RVNL ने साल 2024 में लगभग ₹647 का उच्च स्तर (high) बनाया था, लेकिन उसके बाद से इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली है। वहीं SBI Cards भी अपने पिछले उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुका है। यह गिरावट दर्शाती है कि दोनों स्टॉक्स में पिछले एक साल में निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है।











